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शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य का किया बहिष्कार
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Mon, 30 Mar 2015 11:49 PM IST
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यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सोमवार से होना तय था लेकिन शिक्षकों ने इसका बहिष्कार किया। विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश के शिक्षक संगठनों के निर्देश पर यह फैसला लिया। जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा।
जनपद में कुंवर सिंह इंटर कालेज, राजकीय इंटर कालेज, राजकीय बालिका विद्यालय और टाउन इंटर कालेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है।
इन केंद्रों पर बोर्ड ने 30 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराने का निर्णय लिया था लेकिन प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठन शर्मा गुट, चेतनारायण गुट, पांडेय गुट, ठकुराई गुट, वित्त विहीन शिक्षक संगठन आदि ने विभिन्न मांगों को लेकर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर दिया। इससे पहले दिन सोमवार को मूल्यांकन कार्य नहीं हो सका।
मूल्यांकन कार्य को रोकने के लिए शिक्षक नेता सुबह नौ बजे से ही केंद्रों पर डटे रहे। शिक्षकों के विरोध के कारण मूल्यांकन कार्य तो दूर कई केंद्रों पर कोठार तक नहीं खुल सका।
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राजकीय इंटर कालेज और राजकीय बालिका विद्यालय पर उत्तर पुस्तिकाओं का कोठार तो खोला गया, लेकिन मूल्यांकन के लिए कोई शिक्षक उत्तर पुस्तिका लेने नहीं गया। दूर-दूर से आए परीक्षक और प्रधान परीक्षक वापस हो लिए। शिक्षक नेता केपी सिंह, सुभाष पांडेय आदि का कहना है कि जब तक शासन हमारी मांगों को पूरा नहीं करता, मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। चाहे इसके लिए जो भी कदम उठाना पड़े उठाया जाएगा।
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जनपद में कुंवर सिंह इंटर कालेज, राजकीय इंटर कालेज, राजकीय बालिका विद्यालय और टाउन इंटर कालेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है।
इन केंद्रों पर बोर्ड ने 30 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराने का निर्णय लिया था लेकिन प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठन शर्मा गुट, चेतनारायण गुट, पांडेय गुट, ठकुराई गुट, वित्त विहीन शिक्षक संगठन आदि ने विभिन्न मांगों को लेकर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर दिया। इससे पहले दिन सोमवार को मूल्यांकन कार्य नहीं हो सका।
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मूल्यांकन कार्य को रोकने के लिए शिक्षक नेता सुबह नौ बजे से ही केंद्रों पर डटे रहे। शिक्षकों के विरोध के कारण मूल्यांकन कार्य तो दूर कई केंद्रों पर कोठार तक नहीं खुल सका।
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राजकीय इंटर कालेज और राजकीय बालिका विद्यालय पर उत्तर पुस्तिकाओं का कोठार तो खोला गया, लेकिन मूल्यांकन के लिए कोई शिक्षक उत्तर पुस्तिका लेने नहीं गया। दूर-दूर से आए परीक्षक और प्रधान परीक्षक वापस हो लिए। शिक्षक नेता केपी सिंह, सुभाष पांडेय आदि का कहना है कि जब तक शासन हमारी मांगों को पूरा नहीं करता, मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। चाहे इसके लिए जो भी कदम उठाना पड़े उठाया जाएगा।