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जिले में वही रहेगा जिसे कार्यकर्ता चाहेंगे: आनंद स्वरूप शुक्ल
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बैरिया। भ्रष्ट कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। बैरिया में भी वही अधिकारी या कर्मचारी रहेगा जिसे विधायक सुरेंद्र सिंह और कार्यकर्ता चाहेंगे। यह हमारी सरकार है। इसमें भ्रष्टों को हटाने के लिए किसी आंदोलन की जरूरत नहीं है। ये बातें ग्राम्य विकास एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने कहीं।
बैरिया तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो और विधायक सुरेंद्र सिंह के पुत्र हजारी सिंह के बीच विवाद मामले में प्रभारी मंत्री ने कहा कि सुरेंद्र सिंह हमारे नेता हैं। हमारी पार्टी की थाती हैं। इनकी भावनाओं का आदर मुख्यमंत्री भी करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं करने वालों को नहीं रहने दिया जाएगा। उधर, एक बैठक में विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि भले मुझे जेल जाना पड़े, किंतु भ्रष्ट कर्मचारियों, अधिकारियों को यहां नहीं रहने देंगे। इसके लिए कार्यकर्ताओं से राय सलाह करके एक सप्ताह की समय सीमा निर्धारित की गई है। यदि एक सप्ताह में अधिकारी-कर्मचारी हटा दिए गए तो ठीक अन्यथा वह तहसील से जबरन इन्हें अपमानित करके भेजूंगा। कार्यक्रम को वीरेंद्र शर्मा, पतिराम सिंह, मंटू बिंद, तारकेश्वर गोड़, संजीव कुमार डंपू, विजय बहादुर सिंह, अयोध्या प्रसाद साहू सहित दर्जनों लोगों ने संबोधित किया। इससे पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष हिमांशु सिंह, गुप्तेश्वर पाठक, प्रवीण सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल को फूल माला पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष रत्नेश सिंह व संचालन हरिकंचन सिंह ने किया।
बीएलओ को हटाने की मांग
बैरिया। डांक बंगला बैरिया में प्रभारी मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला के सामने रेवती थाना क्षेत्र के जमधरवा निवासी कृष्णा सिंह ने जमधरवा के बीएलओ की शिकायत करते हुए कहा कि भाजपा के मतदाताओं का नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट में नहीं शामिल किया जा रहा है। ऐसे में उस क्षेत्र में भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए विधायक स्वयं प्रयास कर रहे हैं। बीएलओ को हटाने के लिए कहने पर रजिस्टार कानूनगो राधेश्याम राम ने रिश्वत मांगा और मारपीट की। इसी तरह दर्जनभर महिला व पुरुषों ने एसडीएम व तहसीलदार की शिकायत करते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
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तहसील कर्मचारियों का धरना जारी
बैरिया। तहसील कर्मचारियों का धरना तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। तहसील के सभी कार्यालयों में ताला बंद था। कहीं भी कोई कामकाज नहीं हुआ। धरनारत कर्मचारियों का कहना है कि तहसील में बवाल करने वाले आरोपितों की जब तक गिरफ्तारी नहीं होगी, हम लोग धरना जारी रखेंगे। वहीं रजिसट्रार कानूनगो पर दर्ज मुकदमे को फर्जी बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके संदर्भ में सोमवार को बलिया में संगठन की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। रजिस्टार कानून राधेश्याम राम ने कहा कि कानूनगो संघ की बैठक रविवार को जिला मुख्यालय पर होगी। सोमवार को जिला मुख्यालय पर पूरे कर्मचारी संघ की बैठक होनी है। बैठक में जो निर्णय संघ लेगा, उसे सभी मानेंगे। धरना देने वालों में रजिस्ट्रार कानूनगो राधेश्याम राम, वीरेंद्र राम, बबन यादव, केदार पाठक, इंद्रभवन यादव, अवशेष राय, सुनील कुमार, श्याम सुंदर व रवींद्र पांडेय आदि शामिल थे।
केस दर्ज करवाते ही मैं बुरा हो गया: एसडीएम
बैरिया। उपजिलाधिकारी बैरिया अशोक चौधरी ने कहा कि जब विधायक के पुत्र के खिलाफ मुकदमा लिख गया तभी से मुझ पर आरोप लग रहे हैं। इसके पहले मैं ठीक था। ऐसे में जब तक आम जनता हम पर आरोप नहीं लगाती मैं आरोपों से नहीं घबराता। सिर्फ विधायक व उनके खास लोगों के आरोप से मैं भ्रस्ट नहीं हो जाऊंगा। विधायक आम जनता के जनप्रतिनिधि हैं तो मैं भी आम जनता की सेवा के लिए नौकरी करता हूं। ऐसे में किसी के कहने से कहीं जाने वाला नहीं हूं। सरकार की नौकरी करता हूं, मेरे उच्चाधिकारी या सरकार यहां से हटा देगी तो चला जाऊंगा।
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बैरिया तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो और विधायक सुरेंद्र सिंह के पुत्र हजारी सिंह के बीच विवाद मामले में प्रभारी मंत्री ने कहा कि सुरेंद्र सिंह हमारे नेता हैं। हमारी पार्टी की थाती हैं। इनकी भावनाओं का आदर मुख्यमंत्री भी करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं करने वालों को नहीं रहने दिया जाएगा। उधर, एक बैठक में विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि भले मुझे जेल जाना पड़े, किंतु भ्रष्ट कर्मचारियों, अधिकारियों को यहां नहीं रहने देंगे। इसके लिए कार्यकर्ताओं से राय सलाह करके एक सप्ताह की समय सीमा निर्धारित की गई है। यदि एक सप्ताह में अधिकारी-कर्मचारी हटा दिए गए तो ठीक अन्यथा वह तहसील से जबरन इन्हें अपमानित करके भेजूंगा। कार्यक्रम को वीरेंद्र शर्मा, पतिराम सिंह, मंटू बिंद, तारकेश्वर गोड़, संजीव कुमार डंपू, विजय बहादुर सिंह, अयोध्या प्रसाद साहू सहित दर्जनों लोगों ने संबोधित किया। इससे पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष हिमांशु सिंह, गुप्तेश्वर पाठक, प्रवीण सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल को फूल माला पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष रत्नेश सिंह व संचालन हरिकंचन सिंह ने किया।
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बीएलओ को हटाने की मांग
बैरिया। डांक बंगला बैरिया में प्रभारी मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला के सामने रेवती थाना क्षेत्र के जमधरवा निवासी कृष्णा सिंह ने जमधरवा के बीएलओ की शिकायत करते हुए कहा कि भाजपा के मतदाताओं का नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट में नहीं शामिल किया जा रहा है। ऐसे में उस क्षेत्र में भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए विधायक स्वयं प्रयास कर रहे हैं। बीएलओ को हटाने के लिए कहने पर रजिस्टार कानूनगो राधेश्याम राम ने रिश्वत मांगा और मारपीट की। इसी तरह दर्जनभर महिला व पुरुषों ने एसडीएम व तहसीलदार की शिकायत करते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
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तहसील कर्मचारियों का धरना जारी
बैरिया। तहसील कर्मचारियों का धरना तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। तहसील के सभी कार्यालयों में ताला बंद था। कहीं भी कोई कामकाज नहीं हुआ। धरनारत कर्मचारियों का कहना है कि तहसील में बवाल करने वाले आरोपितों की जब तक गिरफ्तारी नहीं होगी, हम लोग धरना जारी रखेंगे। वहीं रजिसट्रार कानूनगो पर दर्ज मुकदमे को फर्जी बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके संदर्भ में सोमवार को बलिया में संगठन की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। रजिस्टार कानून राधेश्याम राम ने कहा कि कानूनगो संघ की बैठक रविवार को जिला मुख्यालय पर होगी। सोमवार को जिला मुख्यालय पर पूरे कर्मचारी संघ की बैठक होनी है। बैठक में जो निर्णय संघ लेगा, उसे सभी मानेंगे। धरना देने वालों में रजिस्ट्रार कानूनगो राधेश्याम राम, वीरेंद्र राम, बबन यादव, केदार पाठक, इंद्रभवन यादव, अवशेष राय, सुनील कुमार, श्याम सुंदर व रवींद्र पांडेय आदि शामिल थे।
केस दर्ज करवाते ही मैं बुरा हो गया: एसडीएम
बैरिया। उपजिलाधिकारी बैरिया अशोक चौधरी ने कहा कि जब विधायक के पुत्र के खिलाफ मुकदमा लिख गया तभी से मुझ पर आरोप लग रहे हैं। इसके पहले मैं ठीक था। ऐसे में जब तक आम जनता हम पर आरोप नहीं लगाती मैं आरोपों से नहीं घबराता। सिर्फ विधायक व उनके खास लोगों के आरोप से मैं भ्रस्ट नहीं हो जाऊंगा। विधायक आम जनता के जनप्रतिनिधि हैं तो मैं भी आम जनता की सेवा के लिए नौकरी करता हूं। ऐसे में किसी के कहने से कहीं जाने वाला नहीं हूं। सरकार की नौकरी करता हूं, मेरे उच्चाधिकारी या सरकार यहां से हटा देगी तो चला जाऊंगा।