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स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का कर्ज किया जाय माफ
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मनियर। स्वयं सहायता समूहों का कर्ज माफ करने, प्रवासी एवं मनरेगा मजदूरों को रोजगार या 10 हजार रुपये लॉकडाउन भत्ता देने, बिजली बिल, किसानों का कर्ज माफ करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को पूर्व नियोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत भाकपा माले की ब्लॉक इकाई के नेतृत्व में सैकड़ों महिलायें एवं पुरुष ने मनियर बस स्टैंड से जुलूस निकाल कर ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंचे। जहां लोगों ने अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कामरेड बशिष्ठ राजभर ने कहा कि गांव- गांव में महिलाओं ने माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से स्वयं सहायता समूह के तहत कर्ज लिया है, लेकिन लाकडाउन के कारण उनका रोजगार छीन चुका है और कर्ज भरने में असमर्थ है। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा पैसा वसूलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जबकि रिजर्व बैंक का कहना है कि महिलाओं से जबरन पैसे न वसूला जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पूंजीपतियों के लाखों करोड़ का कर्ज माफ कर सकती है तो गरीबों का हजारों रुपये का कर्ज क्यों नहीं माफ हो सकता है। ऐपवा की जिला संयोजक रेखा पासवान ने कहा कि कंपनी के कर्मचारियों द्वारा जबरन वसूली के कारण महिलाओं के अंदर डर बना रहता है। आरोप लगाया कि यदि कोई महिला पैसे जमा न कर पाने की स्थिति में आत्महत्या करने को विवश होती है तो इसके लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार जिम्मेदार होगी। इस अवसर पर राधेश्याम चौहान, लीलावती देवी, जनार्दन सिंह, श्रीभगवान चौहान, शंकर राजभर, सुभाष राजभर, दुर्गावती, भाग्यमनी, सुमन आदि ने अपना विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता बसंत कुमार सिंह उर्फमुन्नी सिंह एवं संचालन राजू राजभर ने किया।
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धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कामरेड बशिष्ठ राजभर ने कहा कि गांव- गांव में महिलाओं ने माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से स्वयं सहायता समूह के तहत कर्ज लिया है, लेकिन लाकडाउन के कारण उनका रोजगार छीन चुका है और कर्ज भरने में असमर्थ है। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा पैसा वसूलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जबकि रिजर्व बैंक का कहना है कि महिलाओं से जबरन पैसे न वसूला जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पूंजीपतियों के लाखों करोड़ का कर्ज माफ कर सकती है तो गरीबों का हजारों रुपये का कर्ज क्यों नहीं माफ हो सकता है। ऐपवा की जिला संयोजक रेखा पासवान ने कहा कि कंपनी के कर्मचारियों द्वारा जबरन वसूली के कारण महिलाओं के अंदर डर बना रहता है। आरोप लगाया कि यदि कोई महिला पैसे जमा न कर पाने की स्थिति में आत्महत्या करने को विवश होती है तो इसके लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार जिम्मेदार होगी। इस अवसर पर राधेश्याम चौहान, लीलावती देवी, जनार्दन सिंह, श्रीभगवान चौहान, शंकर राजभर, सुभाष राजभर, दुर्गावती, भाग्यमनी, सुमन आदि ने अपना विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता बसंत कुमार सिंह उर्फमुन्नी सिंह एवं संचालन राजू राजभर ने किया।
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