फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   The crop was ripe and ready for harvest; Arnab laid the farmers' hard work to waste in the fields.

Ballia News: पककर तैयार थी फसल, अर्नब ने खेतों में बिछा दी किसानों की मेहनत

Fri, 30 Oct 2026 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:15 PM IST
विज्ञापन
The crop was ripe and ready for harvest; Arnab laid the farmers' hard work to waste in the fields.
आंधी और बारिश के चलते पूर गांव में गिरी धान की फसल।संवाद
बलिया। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर जिले में भी देखने को मिला। बीते 24 घंटे के दौरान तेज हवाओं के साथ हुई लगातार बारिश ने खेती-किसानी से लेकर आम जनजीवन तक को प्रभावित किया। अनुमान है कि करीब 2500 हेक्टेयर में धान की फसल खेतों में गिर गई है। कई इलाकों में मक्का, बाजरा और ज्वार की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। खेतों में पानी भरने से गिरी फसल के सड़ने और धान के दाने खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक निचले इलाकों में जलभराव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।
विज्ञापन

लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में करीब आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। 24 घंटे में जिले में कुल 48.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं। बृहस्पतिवार की रात शुरू हुई बारिश शुक्रवार दोपहर तीन बजे तक कभी तेज तो कभी मध्यम गति से होती रही।
विज्ञापन

बारिश के कारण शहर के माल्देपुर से कदम चौराहा जाने वाले फोरलेन पर जलालपुर, बहेरी, मालगोदाम और एससी कॉलेज चौराहे के साथ आवास विकास कॉलोनी, चंद्रशेखरनगर, टैगोर नगर और रामदहिमपुरम सहित कई मोहल्लों में जलभराव हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पंदह, पूर और खेजुरी क्षेत्र के हरिपुर, खड़सरा, विषहर, अखैनी, जिगिरसंड, पटपर, पिपरा, चंवरी, सरदही, सकरपुरा, गोड़वरा, गौरानिया, पहराजपुर, पकड़ी, जगदरा, टंडवा, गौरामदनपुरा, एकइल, गढ़मलपुर, सहुलाई, डंकिनगंज और लखनापार में धान की तैयार फसल जमीन पर गिर गई है। शुक्रवार सुबह खेतों का हाल देखकर किसान मायूस हो गए। किसान अशोक कुमार शर्मा, अमरदीप शर्मा, अजीत यादव, रामबचन, कन्हैया, मोहित और चंद्रजीत यादव ने बताया कि खाद, बीज और सिंचाई सहित खेती में पहले ही काफी लागत लग चुकी है। फसल तैयार होने के समय बारिश और हवा ने बड़ा नुकसान पहुंचाया है। एकइल के बृजेश सिंह, नहिलापार के संतोष यादव, पूर के चंदन सिंह और बीपी तिवारी ने बताया कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन लगातार बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बेल्थरारोड क्षेत्र में भी खेतों में खड़ी आधे से अधिक धान की फसल गिरने की बात सामने आई है। यहां अब तक करीब 20 प्रतिशत धान की कटाई हुई है, जबकि 80 प्रतिशत फसल खेतों में खड़ी है। किसानों को आशंका है कि बारिश लंबी चली तो गिरी फसल के दाने खराब हो जाएंगे।
धान, बाजरा, ज्वार और मक्का की फसलें प्रभावित
बैरिया तहसील क्षेत्र में भी बेमौसम बारिश से धान, बाजरा, ज्वार और मक्का की फसलें प्रभावित हुई हैं। कोटवां ग्राम पंचायत के चेता छपरा निवासी शिवजी राम और लक्ष्मण राम की धान की फसल खेतों में गिर गई। वहीं, इब्राहिमाबाद के रविकांत सिंह, चंद्रकांत सिंह, हजारी सिंह और धनंजय सिंह सहित अन्य किसानों की करीब 50 बीघा से अधिक मक्का की फसल प्रभावित हुई है। किसानों के सामने अब 15 नवंबर से शुरू होने वाली रबी की बोआई को लेकर भी चिंता खड़ी हो गई है। नरहीं और गड़हांचल क्षेत्र में बारिश ने धान के साथ रबी की खेती को भी प्रभावित किया है। किसान अमरनाथ राय, शशिभूषण राय और मनोज राय ने बताया कि उन्होंने 50 से 100 बीघा तक मटर की बोआई कर दी थी। दो दिनों की बारिश से खेतों में पानी भर गया है, जिससे मटर की फसल को नुकसान की आशंका है। गंगहरा के देवनाथ यादव ने बताया कि उन्होंने दस बीघा में धान की खेती की थी। फसल में बालियां आ चुकी थीं, लेकिन तेज हवा और बारिश से पूरी फसल गिर गई है।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव के वैज्ञानिक डॉ. सोमेंद्र नाथ ने बताया कि धान की फसल गिरने से 30 से 40 प्रतिशत तक पैदावार प्रभावित हो सकती है। जिन किसानों ने दलहनी फसलों की बोआई कर दी है, उन्हें भी बारिश से नुकसान उठाना पड़ सकता है।
नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग
जयप्रकाश नगर क्षेत्र के नौका टोला, टोला फकरु राय, शिवन टोला, चांददियर और लक्ष्मण छपरा सहित कई गांवों में धान की फसल खेतों में गिर गई है। इब्राहिमाबाद सहित आसपास के गांवों में करीब 50 एकड़ से अधिक मक्का की फसल प्रभावित होने की बात कही जा रही है। किसान अशोक कुमार सिंह, रामकुमार सिंह, राजकुमार यादव, वीरेंद्र यादव, आशु सिंह और योगेंद्र यादव ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय सर्वेक्षण कराकर नुकसान का आकलन कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।
पारा गिरने से अचानक बढ़ी ठंड
चक्रवाती तूफान के असर से तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 23.3 डिग्री सेल्सियस था, जो शुक्रवार को घटकर क्रमशः 21.5 और 20 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। शुक्रवार को कई लोग ऊनी कपड़े पहनकर घरों से निकले। मौसम विशेषज्ञ प्रो. सुरेश सिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर तक मौसम इसी तरह बने रहने का अनुमान है। इसके बाद धीरे-धीरे आसमान साफ होने की संभावना है।

चक्रवाती तूफान और बारिश से प्रभावित किसानों को शासन के नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए तहसील स्तर पर लेखपालों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियमानुसार 33 प्रतिशत से अधिक फसल नुकसान होने पर अधिकतम 34 हजार रुपये प्रति दो हेक्टेयर की दर से सहायता का प्रावधान है।-अनिल कुमार, एडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed