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आस लेकर पहुंचे फरियादी, नहीं हुआ निस्तारण
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बैरिया। कोरोनाकाल के बाद एक बाद फिर शनिवार से जनपद में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन शुरू हुआ। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैरिया तहसील में आयोजन था। फरियादी अपनी शिकायतों के निस्तारण की आस में तहसील के सभागार में 12 बजे तक डीएम अदिति सिंह और एसपी डा. विपिन ताडा का इंतजार करते रहे, लेकिन दोनों उच्चाधिकारियों के नहीं पहुंचने से कई फरियादी मायूस होकर लौट गए।
शनिवार को बैरिया तहसील में समाधान दिवस की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा ने किया। सीडीओ ने शिकायती पत्रों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। संपूर्ण समाधान दिवस में सबसे अधिक मामले भूमि विवाद, राशन, पानी, मारपीट आदि से जुड़े थे। कुल 27 शिकायतें आई, लेकिन मौके पर एक का निस्तारण हो सका।
फरियादियों का कहना था कि मौजूदा अधिकारियों के समक्ष कई बार शिकायती पत्र दिया गया, जिसका निस्तारण आज तक नहीं हुआ। हम लोग जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देना चाहते थे, लेकिन वह नहीं आए। इस मौके पर डीएसओ कृष्णगोपाल पांडेय, एसडीएम प्रशांत नायक, डीएफओ श्रद्धा यादव, डिप्टी कलेक्टर सीमा पांडेय, आदि मौजूद थे।
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लगा रहे चक्कर, नहीं हो रहा समाधान
बलिया। मधुबनी निवासी पिंकी देवी, उपाध्यायपुर निवासी राजकुमारी सहित आधा दर्जन लोगों ने आरोप लगाया की समाधान दिवस पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति हो रही है। उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि शासन के निर्देश के बावजूद सामुदायिक शौचालयों का चार्ज उन्हें नहीं दिया जा रहा है। कोटवां निवासी रंभा देवी ने भी ने भूमि विवाद की शिकायत को लेकर समाधान दिवस की व्यवस्था पर उंगली उठाई। कहा कि शिकायत लेकर रद्दी की टोकरी में डाल दिया जाता है। इसका समाधान नहीं हो पा रहा है। बार-बार चक्कर लगाना पड़ता है। श्रीनगर निवासी बुजुर्ग रमाशंकर सिंह ने बताया कि काफी दिनों से भूमि विवाद के समाधान के लिए तहसील दिवस पर शिकायत कर रहा हूं। अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं। बार-बार दौड़ना पड़ रहा है। बीबी टोला निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग वीरेंद्र वर्मा अपनी जमीन की पैमाइश के लिए पिछले एक वर्ष से तहसील दिवस का चक्कर लगा रहे हैं। उनकी समस्या का आज तक समाधान नहीं हो पाया है। शनिवार को वह फिर पहुंचे थे।
पत्रकारों को किया बाहर
बैरिया। संपूर्ण समाधान दिवस में समाचार संकलन के लिए गए पत्रकारों को समाधान दिवस से बाहर जाने का फरमान भी मुख्य विकास अधिकारी ने सुनाया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि फोटो लेकर बाहर चले जाइए। हम विज्ञप्ति भिजवा देंगे।
संपूर्ण समाधान दिवस में आए 29 आवेदन
बांसडीह। तहसील सभागार में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण समाधान दिवस में काफी कम लोग शामिल हुए। समाधान दिवस में कुल 29 आवेदन आए। इसे एसडीएम दुष्यंत कुमार मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के लिए भेज दिया। इस दौरान ज्यादातर मामले भूमि विवाद के थे। इस मौके पर नायब तहसीलदार अंजू यादव, सीओ भूषण वर्मा, कोतवाल सुनील सिंह आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को बैरिया तहसील में समाधान दिवस की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा ने किया। सीडीओ ने शिकायती पत्रों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। संपूर्ण समाधान दिवस में सबसे अधिक मामले भूमि विवाद, राशन, पानी, मारपीट आदि से जुड़े थे। कुल 27 शिकायतें आई, लेकिन मौके पर एक का निस्तारण हो सका।
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फरियादियों का कहना था कि मौजूदा अधिकारियों के समक्ष कई बार शिकायती पत्र दिया गया, जिसका निस्तारण आज तक नहीं हुआ। हम लोग जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देना चाहते थे, लेकिन वह नहीं आए। इस मौके पर डीएसओ कृष्णगोपाल पांडेय, एसडीएम प्रशांत नायक, डीएफओ श्रद्धा यादव, डिप्टी कलेक्टर सीमा पांडेय, आदि मौजूद थे।
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लगा रहे चक्कर, नहीं हो रहा समाधान
बलिया। मधुबनी निवासी पिंकी देवी, उपाध्यायपुर निवासी राजकुमारी सहित आधा दर्जन लोगों ने आरोप लगाया की समाधान दिवस पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति हो रही है। उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि शासन के निर्देश के बावजूद सामुदायिक शौचालयों का चार्ज उन्हें नहीं दिया जा रहा है। कोटवां निवासी रंभा देवी ने भी ने भूमि विवाद की शिकायत को लेकर समाधान दिवस की व्यवस्था पर उंगली उठाई। कहा कि शिकायत लेकर रद्दी की टोकरी में डाल दिया जाता है। इसका समाधान नहीं हो पा रहा है। बार-बार चक्कर लगाना पड़ता है। श्रीनगर निवासी बुजुर्ग रमाशंकर सिंह ने बताया कि काफी दिनों से भूमि विवाद के समाधान के लिए तहसील दिवस पर शिकायत कर रहा हूं। अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं। बार-बार दौड़ना पड़ रहा है। बीबी टोला निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग वीरेंद्र वर्मा अपनी जमीन की पैमाइश के लिए पिछले एक वर्ष से तहसील दिवस का चक्कर लगा रहे हैं। उनकी समस्या का आज तक समाधान नहीं हो पाया है। शनिवार को वह फिर पहुंचे थे।
पत्रकारों को किया बाहर
बैरिया। संपूर्ण समाधान दिवस में समाचार संकलन के लिए गए पत्रकारों को समाधान दिवस से बाहर जाने का फरमान भी मुख्य विकास अधिकारी ने सुनाया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि फोटो लेकर बाहर चले जाइए। हम विज्ञप्ति भिजवा देंगे।
संपूर्ण समाधान दिवस में आए 29 आवेदन
बांसडीह। तहसील सभागार में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण समाधान दिवस में काफी कम लोग शामिल हुए। समाधान दिवस में कुल 29 आवेदन आए। इसे एसडीएम दुष्यंत कुमार मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के लिए भेज दिया। इस दौरान ज्यादातर मामले भूमि विवाद के थे। इस मौके पर नायब तहसीलदार अंजू यादव, सीओ भूषण वर्मा, कोतवाल सुनील सिंह आदि मौजूद रहे।