{"_id":"631107885f14c448533df601","slug":"the-anger-of-the-villagers-erupted-over-the-dumping-of-garbage-ballia-news-vns6719861172","type":"story","status":"publish","title_hn":"कूड़ा गिराने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कूड़ा गिराने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
विज्ञापन
बलिया। बनरही में शहर का कूड़ा गिराने को लेकर स्थानीय लोग पालिका के विरोध में उतर आए। बनरही के ग्रामीणों ने मामले की सूचना इलाकाई पुलिस को दे दी और कूड़ा लदे वाहनों को रोक कर खड़े हो गए। सूचना पर पहुंचे नगर पालिका के ईओ एसपी सिंह ने गिराए गए कूड़े के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
बाढ़ का पानी महावीर घाट तक आने के बाद से नगर पालिका के समक्ष कूड़ा गिराने की समस्या उत्पन्न हो गई है। पहले तो नपा ने बसंतपुर स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र में कूड़ा गिराना चाहा लेकिन ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया। बाद में शहर से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़ा को वाहनों में भर कर रखने का प्रयास किया गया लेकिन जब हालात नियंत्रण से बाहर होने लगे तब नपा ने बनरही में गोशाला के नाम पर भूमि में कूड़ा गिराने की योजना बनाई। हालांकि शुरू से ही बनरही के ग्रामीण इसका विरोध करते नजर आए।
बृहस्पतिवार को विरोध ने वृहद रूप ले लिया। गांव के प्रधान प्रतिनिधि दीपक सिंह व जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में गांव के लोग सड़क पर आ गए और नपा के कूड़ा लदे वाहनों को रोक लिया। ग्रामीणों का आरोप था कि कूड़ा से गांव में संक्रामक बीमारियों का प्रसार होगा। हालांकि बाद में अधिशासी अधिकारी सत्यप्रकाश सिंह ने ग्रामीणों को यह आश्वासन दिया कि कूड़े के ऊपर मिट्टी आदि डालकर कूड़ा निस्तारण शीघ्र कराया जाएगा। तब जाकर मामला शांत हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाढ़ का पानी महावीर घाट तक आने के बाद से नगर पालिका के समक्ष कूड़ा गिराने की समस्या उत्पन्न हो गई है। पहले तो नपा ने बसंतपुर स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र में कूड़ा गिराना चाहा लेकिन ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया। बाद में शहर से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़ा को वाहनों में भर कर रखने का प्रयास किया गया लेकिन जब हालात नियंत्रण से बाहर होने लगे तब नपा ने बनरही में गोशाला के नाम पर भूमि में कूड़ा गिराने की योजना बनाई। हालांकि शुरू से ही बनरही के ग्रामीण इसका विरोध करते नजर आए।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को विरोध ने वृहद रूप ले लिया। गांव के प्रधान प्रतिनिधि दीपक सिंह व जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में गांव के लोग सड़क पर आ गए और नपा के कूड़ा लदे वाहनों को रोक लिया। ग्रामीणों का आरोप था कि कूड़ा से गांव में संक्रामक बीमारियों का प्रसार होगा। हालांकि बाद में अधिशासी अधिकारी सत्यप्रकाश सिंह ने ग्रामीणों को यह आश्वासन दिया कि कूड़े के ऊपर मिट्टी आदि डालकर कूड़ा निस्तारण शीघ्र कराया जाएगा। तब जाकर मामला शांत हुआ।
विज्ञापन