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गंगा के डेंजर जोन से मिट्टी खोदने पर प्रशासन ने लगाई रोक

Mon, 26 Jun 2017 10:24 PM IST
ballia
ballia Updated Mon, 26 Jun 2017 10:24 PM IST
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The administration has imposed a ban on digging the soil from the Danger Zone of Ganga
दूबे छपरा के डेंजर जोन क्षेत्र में मिट्टी का खनन करता जेसीबी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
रामगढ। दुबेछपरा में बनाए जा रहे नए बंधे के लिए गंगा नदी के डेंजर जोन में मिट्टी खोदने पर एसडीएम बैरिया अरविंद कुमार ने सोमवार को रोक लगा दी। एसडीएम ने ठेकेदार को चेतावनी भी दी कि डेंजर जोन में खनन हुआ तो सजा भुगतने के लिए तैयार रहें। डेंजर जोन पर मिट्टी खोदने का खुलासा रविवार के अंक में अमर उजाला ने किया था।
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मालूम हो कि दुबेछपरा में 29 करोड़ की लागत से बाढ़ निरोधक कार्य चल रहा है। आलम यह है कि जिस रफ्तार से काम होने चाहिए वह नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा मानकों की जमकर अनदेखी की जा रही है। जिस रफ्तार से बोल्डर आने चाहिए नहीं आ पा रहा है। बताया जाता है कि मुश्किल से दो से तीन ट्रक ही बोल्डर आ रहे हैं। 
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दिन प्रतिदिन मजदूरों की संख्या भी घटती जा रही है। लेकिन ठेकेदारों का कहना है कि काम तेजी से चल रहा है। संयोग अच्छा है कि भगवान इंद्र अभी मेहरबान हैं और बारिश नहीं हो रही है। जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी के सख्त तेवर के बाद डेंजर जोन में मिट्टी का खनन बंद हो गया है।
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दूसरी ओर विभागीय उदासीनता का आलम यह है कि अभी तक पचरुखिया में पहले से क्षतिग्रस्त स्परों का आज तक मरम्मत भी नहीं हो सका है। इस बावत एसडीएम अरविंद कुमार ने बताया कि गंगा नदी के किनारे मिट्टी खनन करना गैर क़ानूनी है। संबंधित ठेकेदार को इसके लिए चेतावनी दी गई है। यदि इसके बाद भी वह नहीं माना तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।



 डेंजरजोन गंगापुर में शुरू हुआ काम
रामगढ़। डेंजर जोन गंगापुर पर बाढ़ विभाग ने आकस्मिक निधि से सोमवार को बाढ़ निरोधक कार्य शुरु कर दिया। जिसके तहत गंगा नदी के तलहटी से ईसी बैग में बालू भरकर प्लेटफार्म बनाया जाएगा। ताकि बाढ़ आने पर कटान न हो सके।


 पिछले वर्ष अचानक नदी का रुख बिगड़ गया और कटान शुरु हो गया। जिसके बाद विभाग के हाथ पांव फूल गए थे। कारण कि नदी और एनएच-31 की दूरी महज 20 मीटर शेष रह गई थी। आनन फानन में विभाग ने प्रोजेक्ट बनाकर शासन में भेजा था। लेकिन किन्ही कारणों से फाइल लौट आई थी। उसके बाद विभाग ने इस साल बिना ई टेंडरिंग कराए ही काम शुरु कर दिया था।

जिसे शासन स्तर से रोक दिया गया कि बिना ई टेंडरिंग के कहीं काम नहीं होगा। बावजूद पुन: बिना ई टेंडरिंग कराए काम कैसे शुरु हो गया। जबकि 10 लाख के नीचे का काम  बिना ई टेंडरिंग का हो सकता है। लेकिन उसके ऊपर  के बजट का काम हो ई टेंडरिंग से ही हो सकता है।


जबकि डेंजर जोन गंगापुर पर दो सौ मीटर तक काम होना है। जिसमें लगभग 20 लाख रुपये की लागत आनी है। इस बाबत बाढ़ विभाग के एसडीओ चंद्र मोहन साही ने कहा की आकस्मिक निधि के तहत काम कराये जा रहे है। ताकि बाढ़ कटान को बाढ़ के समय रोका जा सके।
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