{"_id":"6aa8307a0ba6d4e62c0269bd","slug":"the-50000-received-as-a-reward-will-be-spent-on-building-a-village-library-ballia-news-c-190-1-svns1008-172851-2026-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: इनाम में मिले 50 हजार रुपये गांव की लाइब्रेरी बनवाने पर खर्च करेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: इनाम में मिले 50 हजार रुपये गांव की लाइब्रेरी बनवाने पर खर्च करेंगे
विज्ञापन
राष्ट्रपति से सम्मानित होने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव किकोढ़ा पहुंचे डॉ. इफ्तेखार खान का
पंदह। राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डॉ. इफ्तेखार खान पुरस्कार के साथ मिली 50 हजार रुपये की इनामी राशि को गांव में लाइब्रेरी बनवाने पर खर्च करेंगे।
उन्होंने यह बातें सम्मानित होने के बाद पहली बार पैतृक गांव किकोढ़ा पहुंचने पर कहीं। डॉ. इफ्तेखार खान का रविवार को सिकंदरपुर चौराहे से लेकर गांव तक ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सोनू यादव के नेतृत्व में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में शिक्षक, छात्र, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सिकंदरपुर चौराहे पर वार्ड नंबर 13 के सभासद हाजी शोएब, लड्डन भाई समेत परिजनों ने फूल-मालाओं से डॉ. इफ्तेखार का स्वागत किया। इसके बाद स्वागत जुलूस किकोढ़ा पहुंचा। गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में सम्मान समारोह हुआ। इसी विद्यालय से डॉ. इफ्तेखार ने प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की थी।
विज्ञापन
विद्यालय के आंगन में सम्मानित होते समय वह भावुक हो गए और अपने बड़े भाई को याद करते हुए पुरानी स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि किकोढ़ा में राजकीय इंटर कॉलेज स्थापित कराने के लिए उनका प्रयास लगातार जारी है। डॉ. इफ्तेखार ने गांव में लाइब्रेरी बनवाने की भी घोषणा की। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के साथ मिली 50 हजार रुपये की इनामी राशि लाइब्रेरी निर्माण के लिए दान करने की बात कही। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सोनू यादव ने कहा कि लाइब्रेरी का निर्माण जल्द कराया जाएगा।
कार्यक्रम में शिक्षक एवं डॉ. इफ्तेखार के चचेरे भाई मास्टर बदरे आलम, अनवर कमाल खान, मन्नान खान, आनंद प्रताप सिंह, अमरनाथ यादव, सतेंद्र शर्मा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्राथमिक विद्यालय किकोढ़ा के प्रधानाचार्य वसी अहमद ने भी उनका स्वागत एवं सम्मान किया। ग्रामीणों ने कहा कि राष्ट्रपति के हाथों गांव के बेटे को मिला राष्ट्रीय सम्मान किकोढ़ा ही नहीं, पूरे बलिया के लिए गर्व की बात है।
विज्ञापन
उन्होंने यह बातें सम्मानित होने के बाद पहली बार पैतृक गांव किकोढ़ा पहुंचने पर कहीं। डॉ. इफ्तेखार खान का रविवार को सिकंदरपुर चौराहे से लेकर गांव तक ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सोनू यादव के नेतृत्व में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में शिक्षक, छात्र, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सिकंदरपुर चौराहे पर वार्ड नंबर 13 के सभासद हाजी शोएब, लड्डन भाई समेत परिजनों ने फूल-मालाओं से डॉ. इफ्तेखार का स्वागत किया। इसके बाद स्वागत जुलूस किकोढ़ा पहुंचा। गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में सम्मान समारोह हुआ। इसी विद्यालय से डॉ. इफ्तेखार ने प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की थी।
विज्ञापन
विद्यालय के आंगन में सम्मानित होते समय वह भावुक हो गए और अपने बड़े भाई को याद करते हुए पुरानी स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि किकोढ़ा में राजकीय इंटर कॉलेज स्थापित कराने के लिए उनका प्रयास लगातार जारी है। डॉ. इफ्तेखार ने गांव में लाइब्रेरी बनवाने की भी घोषणा की। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के साथ मिली 50 हजार रुपये की इनामी राशि लाइब्रेरी निर्माण के लिए दान करने की बात कही। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सोनू यादव ने कहा कि लाइब्रेरी का निर्माण जल्द कराया जाएगा।
कार्यक्रम में शिक्षक एवं डॉ. इफ्तेखार के चचेरे भाई मास्टर बदरे आलम, अनवर कमाल खान, मन्नान खान, आनंद प्रताप सिंह, अमरनाथ यादव, सतेंद्र शर्मा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्राथमिक विद्यालय किकोढ़ा के प्रधानाचार्य वसी अहमद ने भी उनका स्वागत एवं सम्मान किया। ग्रामीणों ने कहा कि राष्ट्रपति के हाथों गांव के बेटे को मिला राष्ट्रीय सम्मान किकोढ़ा ही नहीं, पूरे बलिया के लिए गर्व की बात है।