बलिया। चंद्र ग्रहण मंगलवार के दौरान मंदिरों के कपाट सुबह 9 बजे से बंद रहे। इस दौरान भक्त संकीर्तन का आयोजन किए थे। यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, प्रशान्त महासागर और अमेरिका के साथ चन्द्रास्त के समय ग्रहण का प्रारम्भ अर्जेन्टिना, पराग्वे के कुछ भाग, बोलीविया, ब्राजील, ग्रीनलैंड और उत्तरी अटलांटिक महासागर में दिखाई दिया।
चन्द्रोदय के समय ग्रहण का अन्त रूस, कजाकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, श्रीलंका, मालदीव और हिन्द महासागर में दिखा। भारतीय मानक समयानुसार ग्रहण की शुरुआत दोपहर बाद 3 बजकर 20 मिनट पर, मध्य सायं 5 बजकर 4 मिनट पर और मोक्ष सायं 6 बजकर 47 मिनट पर हुआ। उसके बाद मंदिरों की साफ-सफाई करने के बाद पूजन-अर्चन हुआ। घरों में रखे अनाज या खाने की कच्ची वस्तु में दूर्वा या तुलसी या कुश डाला गया था। ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं काफी सतर्क रहीं।