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सुदिष्ट बाबा अश्व मेला में बढ़ी रौनक, दूर दराज के अश्व पालक पहुंचे

Fri, 22 Nov 2019 12:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2019 12:00 AM IST
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Survek Baba rises in Ashwa Mela, reaches far-flung Ashwak
बैरिया के धनुष यज्ञ मेला के प्रथम चरण में लगा अश्व मेला। - फोटो : BALLIA
बैरिया। कोटवां गांव के पूरब संत सुदिष्ट बाबा समाधि परिसर सुदिष्टपुरी में लगने वाले धनुष यज्ञ मेला के प्रथम चरण में सुदिष्ट बाबा अश्व मेला की शुरुआत घोड़ों के हिनहिनाहट से हुई। 30 नवंबर तक चलने वाले इस अश्व मेला में खरीद बिक्री शुरुआती दौर में ही शबाब पर है। मेला प्रबंधक व प्रधान जनक दुलारी देवी की ओर मेला क्षेत्र में शौचालय, पेयजल, सुरक्षा व प्रकाश आदि सुविधाओं का इंतजाम किया गया है।
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मेले में सेमरी, बक्सर, सहरसा, भोजपुर, खगडिया, समस्तीपुर, गोपालगंज, सिवान, जहानाबाद, इलाहाबाद, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ आदि दूर दराज से अश्व पालक व व्यापारी अपने-अपने घोड़े को लेकर आए हैं। मेले मे कोटवां गांव निवासी डिग्री सिंह की घोड़ी की चाल देख अश्व के शौकीन लोग वाह-वाह कह रहे हैं। वहीं, इस घोड़ी की कीमत चार लाख रुपये मांगी जा रही है। सेमरी के अश्व व्यापारी रामजस ने गुरुवार को दिन भर में 11 घोड़ा- घोड़ी की बिक्री की। इस दिन मेले में ज्यादा संख्या में अश्वों की बिक्री हुई। सिताबदियारा के श्रीनाथ यादव, लक्ष्मण छपरा के सुरेन्द्र यादव आदि अश्व पालक ने बताया कि हम लोग हर साल मेले में अश्व खरीद व बिक्री करने आते हैं। इस मेले में पूर्वांचल के जाने माने अश्व पालक अपने घोड़े को लेकर आते हैं। इलाकाई लोग जुट कर घुड़दौड़ का दिन भर आनंद ले रहे हैं। मेले में आने वाले व्यापारियों व ग्राहकों के लिए खाने पीने वाले सामानों व अश्वों के लिए उपयोगी सामानों की भी दुकानें लग गई हैं। यह अश्व मेला 30 नवंबर तक चलेगा। वहीं, एक दिसंबर अगहन सुदी पंचमी के दिन लाखों श्रद्धालुओं व साधु संतों द्वारा सुदिष्ट बाबा के पूजन व दर्शन करने के साथ ही मुख्य मेला शुरू होगा।
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ज्ञात हो कि परंपरागत ढंग से अश्व पालक व कृषक यहां दो तरह के घोड़ा-घोड़ी खरीदते हैं। पहले तो शौकीन लोग आकर्षक अच्छे नस्ल का जिसकी कीमत काफी होती है। दूसरे कृषि उपयोग के लिए। खेतों मे जाने व बोझ लाने वाले। कुछ लोग अश्व शावक खरीद कर तैयार करते हैं और अच्छा मुनाफा लेकर बेचते हैं। व्यापारी यहां से तैयार अश्वों को गोविन्द साहब व अन्य जगह लगने वाले मेलों में ले जाते हैं। पूर्व प्रधान व प्रधान प्रतिनिधि गौरीशंकर गुप्ता लगातार अपने ग्राम पंचायत के सहयोगियों के साथ मेले में कैंप कर रहे हैं। बताया कि मेले में आने वाले व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। पेयजल, प्रकाश व सफाई की व्यवस्था नि:शुल्क की गई है। सुरक्षा के लिये पुलिस का सहयोग लिया जा रहा है। इस बार मेला को और बेहतर बनाने व आने वाले व्यापारियों तथा मेलार्थियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तैयारी की गई है तथा स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
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