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Ballia News: ददरी मेला क्षेत्र में सामान ले जाने के लिए जद्दोजहद
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ददरी मेला परिसर में हुए कीचड़ में फंसा सामान लदा ट्रक।संवाद
बलिया। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दिन से शुरू होने वाले ऐतिहासिक ददरी मेले पर मोंथा तूफान का असर देखने को मिल रहा है। मंगलवार की देर शाम तक दुकानों के लिए भूमि आवंटन में प्रशासनिक अमला जुटा रहा। इसके कारण दुकानदारों को समस्याएं हुईं। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती मेला क्षेत्र में सामान ले जाने की है।
मेला क्षेत्र में कीचड़ युक्त रास्ते से लोडेड ट्रक को दो ट्रैक्टर भी नहीं खींच पा रहे थे। इसके चलते झूला, चाट झोला, किराना, कपड़े समेत अन्य सामान की दुकानें नहीं लग पा रही हैं। छोटे-बड़े वाहन मेला क्षेत्र तक सामान पहुंचाने में असफल हो रहे हैं। इसके लिए ट्रैक्टरों से रस्सी बांधकर खींचा जा रहा था।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारी नक्शे के हिसाब से दुकानदारों को भूमि आवंटित करने में लगे रहे। कई दुकानदारों ने जमीन के आवंटन में गड़बड़ी पर नाराजगी जताई।
दुकानदारों का कहना है कि कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दिन तक मेला क्षेत्र में दुकानें लग जाती थीं लेकिन इस वर्ष अभी तक मेले का रास्ता तक नहीं बन पाया है। कई व्यापारी दुकान की जगह बदलने पर चिंतित दिखाई दिए। दुकानदार मनोज कुमार ने बताया कि वह झूले के इर्द-गिर्द चाट की दुकान लगाते थे। प्रशासन ने इस साल भी उसी जगह भूमि देने का आश्वासन दिया था लेकिन ऐन वक्त पर जगह बदल दी। गौरतलब है कि मेले में इस बार 700 दुकानें लगेंगी।
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दुकानें तैयार होने में लगेंगे दो दिन
मेले में दुकानों की बांस-बल्ली लगाने में जुटे दुकानदारों ने कहा कि दुकानें तैयार होने में दो से तीन दिन लगेंगे। पहले एकादशी के दिन से ही भूमि का आवंटन होने लगता था लेकिन इस बार एक दिन पहले आवंटन शुरू हुआ। ऐसे में रातभर में दुकानें तैयार नहीं हो पाएंगी। इस कारण कार्तिक पूर्णिमा के पहले दिन की भीड़ का लाभ नहीं मिल पाएगा। व्यापारी संतोष ने बताया कि जमीन का आवंटन तो हो गया है। मजदूरों की संख्या बढ़ाई गई है। फिर भी पहले दिन दुकान तैयार नहीं हो पाएगी। पहले दिन का लाभ न उठा पाने का मलाल रहेगा।
जलपरी संग सुनामी झूले का उठाएंगे लुत्फ
मेले में इस बार झूले पर प्रशासन ने फोकस किया है। मेले में झूला चालू होने में तीन से चार दिन लगेगा। झूले के पिलर आदि लगने लगे हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन किसी तरह एक झूला चालू करने की तैयारी में मालिक लगे रहे। झूला मालिक शुभम गुप्ता ने बताया कि 20 किस्म का झूला रहेगा। इनके साथ जलपरी आकर्षण की केंद्र रहेगी। वहीं, सुनामी झूला इस बार नया होगा।
प्रकाश, पानी और शौचालय की दिक्कत
ददरी मेला क्षेत्र को बसाने की योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी है। इसके चलते मार्ग कीचड़ युक्त होने के कारण व्यापारियों के सामने प्रकाश, पानी व शौचालय तक की दिक्कत बनी हुई है। मेले में पहुंचे सभासद अमित दुबे, यशवंत सिंह, लक्की खान समेत अन्य ने बताया कि प्रशासन की तरफ से व्यापारियों के लिए कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है। प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने से चोरी का भय है। पानी के लिए टैंकर तक नहीं लगाया गया है। शौचालय नहीं होने से खुले में शौच करने को व्यापारी विवश हैं।
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मेला क्षेत्र में कीचड़ युक्त रास्ते से लोडेड ट्रक को दो ट्रैक्टर भी नहीं खींच पा रहे थे। इसके चलते झूला, चाट झोला, किराना, कपड़े समेत अन्य सामान की दुकानें नहीं लग पा रही हैं। छोटे-बड़े वाहन मेला क्षेत्र तक सामान पहुंचाने में असफल हो रहे हैं। इसके लिए ट्रैक्टरों से रस्सी बांधकर खींचा जा रहा था।
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वहीं, प्रशासनिक अधिकारी नक्शे के हिसाब से दुकानदारों को भूमि आवंटित करने में लगे रहे। कई दुकानदारों ने जमीन के आवंटन में गड़बड़ी पर नाराजगी जताई।
दुकानदारों का कहना है कि कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दिन तक मेला क्षेत्र में दुकानें लग जाती थीं लेकिन इस वर्ष अभी तक मेले का रास्ता तक नहीं बन पाया है। कई व्यापारी दुकान की जगह बदलने पर चिंतित दिखाई दिए। दुकानदार मनोज कुमार ने बताया कि वह झूले के इर्द-गिर्द चाट की दुकान लगाते थे। प्रशासन ने इस साल भी उसी जगह भूमि देने का आश्वासन दिया था लेकिन ऐन वक्त पर जगह बदल दी। गौरतलब है कि मेले में इस बार 700 दुकानें लगेंगी।
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दुकानें तैयार होने में लगेंगे दो दिन
मेले में दुकानों की बांस-बल्ली लगाने में जुटे दुकानदारों ने कहा कि दुकानें तैयार होने में दो से तीन दिन लगेंगे। पहले एकादशी के दिन से ही भूमि का आवंटन होने लगता था लेकिन इस बार एक दिन पहले आवंटन शुरू हुआ। ऐसे में रातभर में दुकानें तैयार नहीं हो पाएंगी। इस कारण कार्तिक पूर्णिमा के पहले दिन की भीड़ का लाभ नहीं मिल पाएगा। व्यापारी संतोष ने बताया कि जमीन का आवंटन तो हो गया है। मजदूरों की संख्या बढ़ाई गई है। फिर भी पहले दिन दुकान तैयार नहीं हो पाएगी। पहले दिन का लाभ न उठा पाने का मलाल रहेगा।
जलपरी संग सुनामी झूले का उठाएंगे लुत्फ
मेले में इस बार झूले पर प्रशासन ने फोकस किया है। मेले में झूला चालू होने में तीन से चार दिन लगेगा। झूले के पिलर आदि लगने लगे हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन किसी तरह एक झूला चालू करने की तैयारी में मालिक लगे रहे। झूला मालिक शुभम गुप्ता ने बताया कि 20 किस्म का झूला रहेगा। इनके साथ जलपरी आकर्षण की केंद्र रहेगी। वहीं, सुनामी झूला इस बार नया होगा।
प्रकाश, पानी और शौचालय की दिक्कत
ददरी मेला क्षेत्र को बसाने की योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी है। इसके चलते मार्ग कीचड़ युक्त होने के कारण व्यापारियों के सामने प्रकाश, पानी व शौचालय तक की दिक्कत बनी हुई है। मेले में पहुंचे सभासद अमित दुबे, यशवंत सिंह, लक्की खान समेत अन्य ने बताया कि प्रशासन की तरफ से व्यापारियों के लिए कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है। प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने से चोरी का भय है। पानी के लिए टैंकर तक नहीं लगाया गया है। शौचालय नहीं होने से खुले में शौच करने को व्यापारी विवश हैं।