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Ballia News: कामजी गोंड की माैत के मामले में दो पुलिसकर्मी निलंबित, एसओ लाइन हाजिर, छह पर प्राथमिकी
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रेवती क्षेत्र के गायघाट में कामजी गोंड के शव आने पर सड़क जाम करते आक्रोशित लोगों समझाती-बुझाती
रेवती (बलिया)। रेवती थाने में पुलिस की पिटाई से गायघाट लाला टोला के कामजी गोंड (55) की मौत का आरोप लगाते हुए परिजनों ने रविवार सुबह सहतवार-रेवती मार्ग जाम कर दिया। मामला बढ़ने पर एसपी ओमवीर सिंह ने थाने के उप निरीक्षक सचिन सरोज, कांस्टेबल अंकित सिंह निलंबित कर दिया। देर रात एसओ राजकेशर सिंह को लाइन हाजिर कर अनिल कुमार सिंह को तैनात किया है। डीआईजी ने मामले की जांच महिला सीओ लाइन को सौंपी है और डीएम से मजिस्ट्रियल जांच की संस्तुति की है।
डीआईजी सुनील कुमार सिंह के निर्देश पर उप निरीक्षक सचिन सरोज, कांस्टेबल अंकित सिंह, गायघाट लाला टोला के निवर्तमान प्रधान आशुतोष शंकर सिंह, चालक मोहित यादव और सूरज कन्नौजिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। कामजी गोंड के बेटे विशाल का आरोप है कि बुधवार को पुलिस की पिटाई से पिताजी की हालत खराब हो गई थी। वाराणसी के बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शनिवार की देर रात कामजी का शव घर लाया गया।
रविवार की सुबह परिजनों ने कामजी के शव का दाह संस्कार करने से इन्कार कर दिया और थाने में पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों, निवर्तमान प्रधान और सूरज कन्नौजिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने, गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग करने लगे। कामजी के घर के पास स्थानीय नेताओं और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता चल ही रही थी कि ग्रामीणों ने पीडी इंटर कॉलेज के पास सहतवार-रेवती मार्ग पर बिजली का खंभा रखकर चक्काजाम कर दिया। जाम लगाने वालों में महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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सूचना पर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी संजय वर्मा, एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी और पांच थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पूर्व विधायक शिवशंकर चौहान, निषाद पार्टी के नेता अजय शंकर पांडेय, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राणा प्रताप दाढ़ी ने भी परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन और ग्रामीण प्राथमिकी दर्ज होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े रहे। माैके पर पहुंचे डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। डीआईजी के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद सीओ आलोक कुमार गुप्ता ने प्राथमिकी की नकल परिजनों को दी, तब वे शांत हुए और अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। करीब दो घंटे तक ये घटनाक्रम चलता रहा।
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तहरीर में ये हैं आरोप
बेटे विशाल ने तहरीर में आरोप लगाया कि सात जुलाई को मैं खेदन चौराहा गायघाट में सामान खरीद रहा था। तभी सूरज कन्नौजिया और उसके एक रिश्तेदार ने मेरे साथ गाली-गलौज की। सूरज की तरफ से गांव के निवर्तमान प्रधान की पैरवी पर आठ जुलाई को पुलिस ने मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली और मुझे खोजने लगी। घर पर न मिलने पर पुलिसवाले मेरे पिताजी को उठा ले गई और उन्हें शाम को मरणासन्न अवस्था में ठगिनी माई की मठिया पर छोड़कर भाग गए थे।
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पुलिस की माैजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
पंचरूखिया घाट पर कामजी का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान रेवती थानाध्यक्ष रामकेसर सिंह, दुबहड़ थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल, हल्दी थाना प्रभारी राजू राय, सहतवार थाना प्रभारी प्रशांत चौधरी तथा बैरिया थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।
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पुलिस पर शव घर लाने से रोकने का आरोप
कामजी की पत्नी कलावती देवी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात वाराणसी से शव लेकर घर आ रही एंबुलेंस को फेफना थाने की पुलिस ने रोक लिया था और गड़वार होते हुए भेजा। इसके बाद सुखपुरा थाने की पुलिस ने काफी देर तक रोके रखा। निर्धारित मार्ग के बजाय दूसरे रास्ते से भेजा। इससे देर रात करीब 12 बजे शव गांव लाया गया। इसी बात को लेकर ग्रामीणों और परिजनों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा था।
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अधिकारी बोले, निष्पक्ष होगी जांच
एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि विशाल और सूरज के बीच मारपीट का मामला था। पुलिस विशाल के पिता कामजी गोंड को पूछताछ के लिए थाने लेकर गई थी। पूछताछ के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था। तबीयत खराब होने पर उन्हें सीएचसी और बाद में बीएचयू ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों की मुख्य मांग निष्पक्ष जांच और आर्थिक सहायता की है। प्रशासन की ओर से जांच कराई जा रही है। पुलिस अधीक्षक दक्षिणी संजय वर्मा ने कहा कि बेटे की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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सीसीटीवी फुटेज संरक्षित और कार्रवाई की मांग
इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता प्रवीण सोनी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत कर रेवती थाना प्रभारी, बैरिया क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार गुप्ता और वहां उपस्थित कर्मचारियों की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, थाने में प्रवेश और निकास पर लगे सीसीटीवी फुटेज संरक्षित रखने की मांग की है।
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डीआईजी सुनील कुमार सिंह के निर्देश पर उप निरीक्षक सचिन सरोज, कांस्टेबल अंकित सिंह, गायघाट लाला टोला के निवर्तमान प्रधान आशुतोष शंकर सिंह, चालक मोहित यादव और सूरज कन्नौजिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। कामजी गोंड के बेटे विशाल का आरोप है कि बुधवार को पुलिस की पिटाई से पिताजी की हालत खराब हो गई थी। वाराणसी के बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शनिवार की देर रात कामजी का शव घर लाया गया।
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रविवार की सुबह परिजनों ने कामजी के शव का दाह संस्कार करने से इन्कार कर दिया और थाने में पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों, निवर्तमान प्रधान और सूरज कन्नौजिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने, गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग करने लगे। कामजी के घर के पास स्थानीय नेताओं और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता चल ही रही थी कि ग्रामीणों ने पीडी इंटर कॉलेज के पास सहतवार-रेवती मार्ग पर बिजली का खंभा रखकर चक्काजाम कर दिया। जाम लगाने वालों में महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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सूचना पर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी संजय वर्मा, एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी और पांच थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पूर्व विधायक शिवशंकर चौहान, निषाद पार्टी के नेता अजय शंकर पांडेय, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राणा प्रताप दाढ़ी ने भी परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन और ग्रामीण प्राथमिकी दर्ज होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े रहे। माैके पर पहुंचे डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। डीआईजी के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद सीओ आलोक कुमार गुप्ता ने प्राथमिकी की नकल परिजनों को दी, तब वे शांत हुए और अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। करीब दो घंटे तक ये घटनाक्रम चलता रहा।
तहरीर में ये हैं आरोप
बेटे विशाल ने तहरीर में आरोप लगाया कि सात जुलाई को मैं खेदन चौराहा गायघाट में सामान खरीद रहा था। तभी सूरज कन्नौजिया और उसके एक रिश्तेदार ने मेरे साथ गाली-गलौज की। सूरज की तरफ से गांव के निवर्तमान प्रधान की पैरवी पर आठ जुलाई को पुलिस ने मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली और मुझे खोजने लगी। घर पर न मिलने पर पुलिसवाले मेरे पिताजी को उठा ले गई और उन्हें शाम को मरणासन्न अवस्था में ठगिनी माई की मठिया पर छोड़कर भाग गए थे।
पुलिस की माैजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
पंचरूखिया घाट पर कामजी का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान रेवती थानाध्यक्ष रामकेसर सिंह, दुबहड़ थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल, हल्दी थाना प्रभारी राजू राय, सहतवार थाना प्रभारी प्रशांत चौधरी तथा बैरिया थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।
पुलिस पर शव घर लाने से रोकने का आरोप
कामजी की पत्नी कलावती देवी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात वाराणसी से शव लेकर घर आ रही एंबुलेंस को फेफना थाने की पुलिस ने रोक लिया था और गड़वार होते हुए भेजा। इसके बाद सुखपुरा थाने की पुलिस ने काफी देर तक रोके रखा। निर्धारित मार्ग के बजाय दूसरे रास्ते से भेजा। इससे देर रात करीब 12 बजे शव गांव लाया गया। इसी बात को लेकर ग्रामीणों और परिजनों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा था।
अधिकारी बोले, निष्पक्ष होगी जांच
एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि विशाल और सूरज के बीच मारपीट का मामला था। पुलिस विशाल के पिता कामजी गोंड को पूछताछ के लिए थाने लेकर गई थी। पूछताछ के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था। तबीयत खराब होने पर उन्हें सीएचसी और बाद में बीएचयू ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों की मुख्य मांग निष्पक्ष जांच और आर्थिक सहायता की है। प्रशासन की ओर से जांच कराई जा रही है। पुलिस अधीक्षक दक्षिणी संजय वर्मा ने कहा कि बेटे की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज संरक्षित और कार्रवाई की मांग
इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता प्रवीण सोनी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत कर रेवती थाना प्रभारी, बैरिया क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार गुप्ता और वहां उपस्थित कर्मचारियों की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, थाने में प्रवेश और निकास पर लगे सीसीटीवी फुटेज संरक्षित रखने की मांग की है।

रेवती क्षेत्र के गायघाट में कामजी गोंड के शव आने पर सड़क जाम करते आक्रोशित लोगों समझाती-बुझाती

रेवती क्षेत्र के गायघाट में कामजी गोंड के शव आने पर सड़क जाम करते आक्रोशित लोगों समझाती-बुझाती