{"_id":"62aa1aa459e64b1c151091bb","slug":"slots-reduced-by-56-percent-it-is-difficult-to-get-driving-license-ballia-news-vns6590906139","type":"story","status":"publish","title_hn":"56 फीसदी कम हो गए स्लॉट, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
56 फीसदी कम हो गए स्लॉट, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना मुश्किल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। अब स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना मुश्किल हो गया है। परिवहन निदेशालय ने स्लॉट में 56.25 फीसदी की कटौती कर दी है। इसके चलते स्थाई लाइसेंस के लिए दो माह बाद की तिथि मिल रही है। लर्निंग लाइसेंस अवधि समाप्त होने के कारण ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं।
परिवहन निदेशालय लगातार ड्राइविंग लाइसेंस का स्लॉट कम करता जा रहा है। ऐसे में स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की दिक्कत बढ़ती जा रही हैं। स्थाई लाइसेंस बनवाने से पहले लर्निंग लाइसेंस जरूरी है। इसकी अवधि छह महीने होती है। आमतौर पर लर्निंग लाइसेंस लेने के बाद लोग तीसरे या चौथे महीने में स्थाई लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं। स्लॉट कम करने की वजह से स्थाई लाइसेंस की तिथि मिलने से पहले ही लर्निंग लाइसेंस की समयावधि बीत जा रही है। आवेदकों को दोबारा लर्निंग लाइसेंस बनवाने पड़ रहे हैं। इससे उनको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हाल ही में इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी कई शिकायतें की गई हैं।
परिवहन विभाग निरस्त होने में एक से दो महीने पहले लर्निंग लाइसेंस को स्थाई कराने वाले आवेदकों के लिए 125 स्पेशल स्लॉट रखता था, जिसे घटाकर 45 कर दिया गया है। स्पेशल स्लॉट इसलिए था क्योंकि छह महीने के लर्निंग लाइसेंस की समयावधि की समाप्ति से एक या दो महीने पहले परमानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को सुविधा मिल जाए।
विज्ञापन
व्यावसायिक वाहन चलाने वाले ज्यादा परेशान
ट्रक और बस जैसे भारी और टैक्सी जैसे व्यावसायिक वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले इस व्यवस्था से ज्यादा परेशान हैं। ऐसे तमाम आवेदकों को आरटीओ के लाइसेंस विभाग के अफसरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लेकिन चूंकि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, लिहाजा उन्हें कोई मदद नहीं मिल पा रही है। उनका रोजी-रोटी का मामला संकट में पड़ गया है।
परिवहन निदेशालय की ओर से ही स्लॉट कम किए गए हैं। आवेदकों को इससे परेशानी तो हो रही है। मुख्यालय को भी इस संदर्भ में अवगत कराया गया है। इसका जल्द ही हल निकालने की कोशिश की जा रही है।
-राजभूषण चौधरी, आरआई, परिवहन विभाग
विज्ञापन
परिवहन निदेशालय लगातार ड्राइविंग लाइसेंस का स्लॉट कम करता जा रहा है। ऐसे में स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की दिक्कत बढ़ती जा रही हैं। स्थाई लाइसेंस बनवाने से पहले लर्निंग लाइसेंस जरूरी है। इसकी अवधि छह महीने होती है। आमतौर पर लर्निंग लाइसेंस लेने के बाद लोग तीसरे या चौथे महीने में स्थाई लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं। स्लॉट कम करने की वजह से स्थाई लाइसेंस की तिथि मिलने से पहले ही लर्निंग लाइसेंस की समयावधि बीत जा रही है। आवेदकों को दोबारा लर्निंग लाइसेंस बनवाने पड़ रहे हैं। इससे उनको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हाल ही में इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी कई शिकायतें की गई हैं।
विज्ञापन
परिवहन विभाग निरस्त होने में एक से दो महीने पहले लर्निंग लाइसेंस को स्थाई कराने वाले आवेदकों के लिए 125 स्पेशल स्लॉट रखता था, जिसे घटाकर 45 कर दिया गया है। स्पेशल स्लॉट इसलिए था क्योंकि छह महीने के लर्निंग लाइसेंस की समयावधि की समाप्ति से एक या दो महीने पहले परमानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को सुविधा मिल जाए।
विज्ञापन
व्यावसायिक वाहन चलाने वाले ज्यादा परेशान
ट्रक और बस जैसे भारी और टैक्सी जैसे व्यावसायिक वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले इस व्यवस्था से ज्यादा परेशान हैं। ऐसे तमाम आवेदकों को आरटीओ के लाइसेंस विभाग के अफसरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लेकिन चूंकि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, लिहाजा उन्हें कोई मदद नहीं मिल पा रही है। उनका रोजी-रोटी का मामला संकट में पड़ गया है।
परिवहन निदेशालय की ओर से ही स्लॉट कम किए गए हैं। आवेदकों को इससे परेशानी तो हो रही है। मुख्यालय को भी इस संदर्भ में अवगत कराया गया है। इसका जल्द ही हल निकालने की कोशिश की जा रही है।
-राजभूषण चौधरी, आरआई, परिवहन विभाग