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पुष्य नक्षत्र में खरीदारी से आएगी घर में खुशहाली
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बलिया। खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त आ गया है। 18 अक्तूबर से पुष्य नक्षत्र की शुरुआत हो रही है। मंगलवार से शुरू हो रहे पुष्य नक्षत्र में खरीदारी बहुत ही शुभ होती है।
फेफना थाना क्षेत्र के थम्हनपुरा निवासी ज्योतिषाचार्य पं. अखिलेश उपाध्याय के अनुसार, मंगलवार को प्रवर्धमान औदाधिक योग है। इस दिन सुबह चार बजकर 49 मिनट से पुष्प नक्षत्र प्रारंभ हो रहा है। जो अगले दिन यानी 19 अक्तूबर (बुधवार) को सुबह 7: 30 बजे तक इसका योग रहेगा। इस समय के बीच कभी भी खरीदारी की जा सकती है, जो समृद्धि में कई गुना वृद्धि करेगा।
पंडित उपाध्याय बताते हैं कि इस मुहूर्त में वाहन, सोने-चांदी के जेवर आदि की खरीद शुभ होती है। हिंदू शास्त्र के मुताबिक, पुष्य नक्षत्र 27 नक्षत्रों में श्रेष्ठ है। ऊर्जा शक्ति प्रदान करने वाला यह नक्षत्र सौभाग्य, समृद्धि और सुख के साथ पोषण वाला होता है। इसे तिष्य नक्षत्र के नाम से भी जाना जाता है। इसका अर्थ शुभ है। पंडित उपाध्याय के मुताबिक, इस नक्षत्र में होने वाले सभी कार्य शुभ माने जाते हैं। बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं। पुष्य नक्षत्र की मान्यता सर्वसिद्धि कारक नक्षत्र के रूप में है। नक्षत्रों के राज पुष्य नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति होने से विवाह के अतिरिक्त सभी शुभ कार्य नक्षत्र में किए जाते हैं। क्रय-विक्रय के लिहाज से इस नक्षत्र को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। विशेष महत्व को देखते हुए जिले के कारोबारियों ने विशेष तैयारी कर रखी है। ज्वेलरी से लगायत ऑटोमोबाइल, कपड़ा आदि का बाजार पूरी तरह से सजकर तैयार हैं।
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पुष्प नक्षत्र में खरीदी गई वस्तु होती है उपयोगी
ज्योतिषाचार्य पंडित अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि दुर्लभ नक्षत्र पुष्य नक्षत्र 18 अक्तूबर को पड़ रहा है। शनिदेव पुष्प नक्षत्र के गुरु है। इस दिन खरीदारी करने से अत्यंत शुभ माना जाता है। जो भी वस्तु बाजार से खरीदी कर लाई जाती है। वह लंबे समय तक चलती है। उपयोगी भी रहेगी। इस दिन बाजार में जरूर खरीदारी करें। बताया कि नक्षत्रों में पुण्य नक्षत्र सबसे श्रेष्ठ माना गया है। विवाह छोड़कर इस नक्षत्र में होने वाले सभी कार्य शुभ माने जाते हैं। वाहन, सोने-चांदी के जेवर, बर्तन आदि खरीदारी शुभ मानी गई है। रुके हुए कार्य भी बनते हैं।
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फेफना थाना क्षेत्र के थम्हनपुरा निवासी ज्योतिषाचार्य पं. अखिलेश उपाध्याय के अनुसार, मंगलवार को प्रवर्धमान औदाधिक योग है। इस दिन सुबह चार बजकर 49 मिनट से पुष्प नक्षत्र प्रारंभ हो रहा है। जो अगले दिन यानी 19 अक्तूबर (बुधवार) को सुबह 7: 30 बजे तक इसका योग रहेगा। इस समय के बीच कभी भी खरीदारी की जा सकती है, जो समृद्धि में कई गुना वृद्धि करेगा।
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पंडित उपाध्याय बताते हैं कि इस मुहूर्त में वाहन, सोने-चांदी के जेवर आदि की खरीद शुभ होती है। हिंदू शास्त्र के मुताबिक, पुष्य नक्षत्र 27 नक्षत्रों में श्रेष्ठ है। ऊर्जा शक्ति प्रदान करने वाला यह नक्षत्र सौभाग्य, समृद्धि और सुख के साथ पोषण वाला होता है। इसे तिष्य नक्षत्र के नाम से भी जाना जाता है। इसका अर्थ शुभ है। पंडित उपाध्याय के मुताबिक, इस नक्षत्र में होने वाले सभी कार्य शुभ माने जाते हैं। बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं। पुष्य नक्षत्र की मान्यता सर्वसिद्धि कारक नक्षत्र के रूप में है। नक्षत्रों के राज पुष्य नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति होने से विवाह के अतिरिक्त सभी शुभ कार्य नक्षत्र में किए जाते हैं। क्रय-विक्रय के लिहाज से इस नक्षत्र को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। विशेष महत्व को देखते हुए जिले के कारोबारियों ने विशेष तैयारी कर रखी है। ज्वेलरी से लगायत ऑटोमोबाइल, कपड़ा आदि का बाजार पूरी तरह से सजकर तैयार हैं।
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पुष्प नक्षत्र में खरीदी गई वस्तु होती है उपयोगी
ज्योतिषाचार्य पंडित अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि दुर्लभ नक्षत्र पुष्य नक्षत्र 18 अक्तूबर को पड़ रहा है। शनिदेव पुष्प नक्षत्र के गुरु है। इस दिन खरीदारी करने से अत्यंत शुभ माना जाता है। जो भी वस्तु बाजार से खरीदी कर लाई जाती है। वह लंबे समय तक चलती है। उपयोगी भी रहेगी। इस दिन बाजार में जरूर खरीदारी करें। बताया कि नक्षत्रों में पुण्य नक्षत्र सबसे श्रेष्ठ माना गया है। विवाह छोड़कर इस नक्षत्र में होने वाले सभी कार्य शुभ माने जाते हैं। वाहन, सोने-चांदी के जेवर, बर्तन आदि खरीदारी शुभ मानी गई है। रुके हुए कार्य भी बनते हैं।