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सेतु बन भी गया तो भी नाव ही सहारा
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Fri, 22 Apr 2016 10:34 PM IST
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यूपी-बिहार को जोड़ेगा घाघरा नदी पर बनने वाला पुल
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उत्तरी दियारांचल के करीब 50 हजार लोगों को मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए भले ही प्रदेश सरकार करीब 14 करोड़ की लागत से रामबालक बाबा सेतु का निर्माण करा रही है, लेकिन सेतु का निर्माण होने के बाद भी दियराचंलवासियों को नाव का सहारा लेना ही पड़ेगा।
वर्तमान में राम बालक बाबा सेतु निर्माणाधीन है। पुल से करीब 500 मीटर उत्तर वर्ष 2010 में करीब 10 लाख की लागत से पीडब्लूडी ने पुलिया का निर्माण कराया था। लेकिन उसी साल घाघरा नदी की प्रलयकारी बाढ़ में पुलिया क्षतिग्रस्त होकर बह गई और वहां एक बड़ा कुंड बन गया।
अब यहां बरसात के दिनों में घाघरा नदी का पानी भर जाता है। जिससे लोग नाव का सहारा लेने के बाद ही पार कर पाते हैं। ऐसे में भले ही वर्ष 2017 में सेतु निगम द्वारा राम बालक बाबा सेतु निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन दियाराचंलवासियों की समस्या का पूरी तरह से समाधान नहीं हो पाएगा।
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उन्हें मजबूरी में नाव का ही सहारा लेना होगा। प्रदेश सरकार रामबालक सेतु का निर्माण तो करा रही है, लेकिन वर्ष 2010 में बने बड़े गड्ढे पर एक पुलिया का निर्माण कराना व मिट्टी भरकर सड़क बनाना मुनासिब नहीं समझ रही है।
ऐसे में पुल निर्माण होने के बाद भी दियारांचल के लोग नाव का ही सहारा लेंगे। इस बाबत बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल ने कहा कि राम बालक बाबा पुल निर्माण के बाद पुलिया बनाने के लिए प्रोपोजल राज्य सरकार को भेजा जाएगा और यहां भी पुलिया बनाकर व मिट्टी भरकर सड़क का निर्माण कराया जाएगा, ताकि दियारांचलवासियों को नाव का सहारा न लेना पड़े।
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वर्तमान में राम बालक बाबा सेतु निर्माणाधीन है। पुल से करीब 500 मीटर उत्तर वर्ष 2010 में करीब 10 लाख की लागत से पीडब्लूडी ने पुलिया का निर्माण कराया था। लेकिन उसी साल घाघरा नदी की प्रलयकारी बाढ़ में पुलिया क्षतिग्रस्त होकर बह गई और वहां एक बड़ा कुंड बन गया।
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अब यहां बरसात के दिनों में घाघरा नदी का पानी भर जाता है। जिससे लोग नाव का सहारा लेने के बाद ही पार कर पाते हैं। ऐसे में भले ही वर्ष 2017 में सेतु निगम द्वारा राम बालक बाबा सेतु निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन दियाराचंलवासियों की समस्या का पूरी तरह से समाधान नहीं हो पाएगा।
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उन्हें मजबूरी में नाव का ही सहारा लेना होगा। प्रदेश सरकार रामबालक सेतु का निर्माण तो करा रही है, लेकिन वर्ष 2010 में बने बड़े गड्ढे पर एक पुलिया का निर्माण कराना व मिट्टी भरकर सड़क बनाना मुनासिब नहीं समझ रही है।
ऐसे में पुल निर्माण होने के बाद भी दियारांचल के लोग नाव का ही सहारा लेंगे। इस बाबत बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल ने कहा कि राम बालक बाबा पुल निर्माण के बाद पुलिया बनाने के लिए प्रोपोजल राज्य सरकार को भेजा जाएगा और यहां भी पुलिया बनाकर व मिट्टी भरकर सड़क का निर्माण कराया जाएगा, ताकि दियारांचलवासियों को नाव का सहारा न लेना पड़े।