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अब गंभीर मरीजों को जिले में ही मिल सकेंगी बेहतर सुविधाएं

Thu, 16 Sep 2021 10:14 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 10:14 PM IST
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Now serious patients will be able to get better facilities in the district itself
बलिया। शासन की ओर से प्रदेश के 16 जनपदों समेत बलिया में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कालेज के संचालन को स्वीकृति देने से जनपद में खुशी का आलम है लेकिन मेडिकल कालेज कैसे बनेगा और कैसे संचालन होगा, अभी इस पर स्थिति स्पष्ट होने में समय लगेगा। इतना जरूर है कि मेडिकल कालेज का संचालन शुरू होने से गंभीर मरीजों को उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधाएं जनपद में मिलने लगेंगी और उन्हें इसके लिए पड़ोसी जनपदों और अन्य प्रदेशों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
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जिला स्तर के अस्पतालों में उच्च कोटि की स्वास्थ्य सेवाएं न होने से यहां के गंभीर मरीजों को मऊ, वाराणसी, लखनऊ यहां दिल्ली आदि ले जाना पड़ता है। गंभीर रोगों या एक्सीडेंट आदि में इलाज की सुविधा न होने से जिला अस्पताल रेफर अस्पताल बनकर रह गया है। अब मेडिकल कॉलेज खुलने से नए चिकित्सकों की संख्या में इजाफा होगा और अस्पताल में चिकित्सकों की कमी दूर होने की भी उम्मीद रहेगी। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पर मेडिकल कालेज खोलने की स्वीकृति तो दे दी गई है, लेकिन ये कैसे और कहां बनेगा अभी इस पर स्थिति साफ नहीं है। शासन की ओर से कहा गया है कि मेडिकल कालेज खोलने के लिए निजी संस्थाओं को आमंत्रित किया जाएगा। वर्तमान में चल रहे जिला अस्पताल को अपग्रेड कर मेडिकल कालेज बनाया जा सकता है। यदि कोई संस्था मेडिकल कालेज का नए सिरे से निर्माण करना चाहती है तो भी कर सकती है। वर्तमान में जिला अस्पताल में 326 बेड की व्यवस्था है जिसमें 236 बेड संचालित हैं। वहीं, महिला अस्पताल में 90 बेड संचालित है। यदि कोई संस्था उक्त अस्पतालों को अपग्रेड करके मेडिकल कालेज का संचालन करती है उन्हें संचालित बेड को छोड़ उन्हें अपने बेडों को बढ़ाना होगा। जितने बेड संस्था बढ़ाएगी, उसमें 20 फीसद गरीब मरीजों के लिए नि:शुल्क आरक्षित रखना होगा।
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शासन के निर्णय की जानकारी है, लेकिन इसके लिए कैसे और क्या किया जाएगा, इस बारे में अभी कोई डिटेल नहीं दी गई है। -
डॉ. सुधीर कुमार तिवारी, प्रभारी सीएमओ
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