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Ballia News: कटानरोधी कार्य के निरीक्षण के दौरान एसडीएम का ग्रामीणों से विवाद
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नौरंगा गांव में चल रहे कटानरोधी का कार्य का निरीक्षण करते बैरिया एसडीएम संजय कुशवाहा साथ में ग्
बैरिया। गंगा के उस पार नौरंगा गांव में चल रहे कटानरोधी कार्य के निरीक्षण के दौरान बृहस्पतिवार को उप जिलाधिकारी संजय कुशवाहा को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।
कटानरोधी कार्य में अनियमितता की शिकायत की जांच के लिए पहुंचे एसडीएम और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हो गई। नौरंगा में करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में गंगा किनारे पारकोपाइन विधि से कटानरोधी कार्य कराया जा रहा है। ग्राम प्रधान सुरेंद्र ठाकुर सहित ग्रामीणों ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है। उनका कहना था कि पारकोपाइन संरचनाओं का फाउंडेशन नहीं बनाया जा रहा है, जिससे तेज बहाव और हवा के कारण वे नदी में बह जा रहे हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के बाद एसडीएम संजय कुशवाहा गुरुवार को मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने कटानरोधी कार्य की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी नाराजगी जताई। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि एसडीएम की एक टिप्पणी के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा अभद्र भाषा के प्रयोग का भी आरोप लगाया गया है।
घटना के बाद एसडीएम के निर्देश पर बैरिया पुलिस गांव पहुंची और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी। पुलिस संबंधित लोगों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई में जुटी है। घटना के बाद नौरंगा गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कटानरोधी कार्य में अनियमितता की शिकायत की जांच के लिए पहुंचे एसडीएम और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हो गई। नौरंगा में करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में गंगा किनारे पारकोपाइन विधि से कटानरोधी कार्य कराया जा रहा है। ग्राम प्रधान सुरेंद्र ठाकुर सहित ग्रामीणों ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है। उनका कहना था कि पारकोपाइन संरचनाओं का फाउंडेशन नहीं बनाया जा रहा है, जिससे तेज बहाव और हवा के कारण वे नदी में बह जा रहे हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के बाद एसडीएम संजय कुशवाहा गुरुवार को मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने कटानरोधी कार्य की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी नाराजगी जताई। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि एसडीएम की एक टिप्पणी के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा अभद्र भाषा के प्रयोग का भी आरोप लगाया गया है।
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घटना के बाद एसडीएम के निर्देश पर बैरिया पुलिस गांव पहुंची और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी। पुलिस संबंधित लोगों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई में जुटी है। घटना के बाद नौरंगा गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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