{"_id":"5d97787e8ebc3e015e1b6d4b","slug":"sdm-cbo-visited-go-conservation-center-ballia-news-vns487420796","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीएम, सीबीओ ने लिया गो संरक्षण केंद्र का जायजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसडीएम, सीबीओ ने लिया गो संरक्षण केंद्र का जायजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगरा। गो संरक्षण केंद्र रघुनाथपुर में एक पशु न होने और सड़क किनारे छुट्टा पशुओं के शव पड़े रहने का मामला प्रकाश में आने के बाद शुक्रवार को जिला प्रशासन हरकत में आ गया। आनन फानन में सीबीओ, एसडीएम रसड़ा और बीडीओ को जांच करने गो संरक्षण केंद्र रघुनाथपुर पहुंचे। अधिकारियों ने माना कि मृत पड़े छुट्टा पशु संरक्षण केंद्र के नहीं हैं। केंद्र के सभी पशु सुरक्षित स्थानों पर है।
नगरा के रघुनाथपुर में स्थित गो संरक्षण केंद्र में छुट्टा पशुओं को रखा गया था। बारिश के बाद गौ संरक्षण केंद्र में एक भी बछड़े नहीं मिले। कुछ पशुओं के शव नगरा रसड़ा मार्ग पर रघुनाथपुर गांव के सामने सड़क किनारे पड़े हुए थे। इसकी दुर्गंध से लोगों का बुराहाल हो गया था। पशुओं के केंद्र में न होने और उनके मरने की खबर छपने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। शुक्रवार को गो संरक्षण केंद्र में एक भी छुट्टा बछड़ा नहीं नजर आया। अधिकारियों का दावा है कि मरे बछड़ों पर टैग नहीं था और ये बछड़े सड़क दुर्घटना या नाले में डूबकर मरे हैं।
वही ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र में जबसे बछड़े आये हैं टैग लगे हुए एक भी बछड़े देखने को नहीं मिले। मरे हुए बछड़े गो संरक्षण केंद्र से ले जाकर ही फेंका गया है। रसड़ा-नगरा मार्ग पर लकड़ा नाला के पास मृत मिले बछड़ों के संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) ने जांच कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है। सीवीओ ने बताया कि नगरा के रघुनाथपुर में संचालित गो-आश्रय केंद्र में बरसात का पानी भर जाने के कारण कुल 47 पशुओं को अस्थाई रूप से अन्यत्र रखा गया है। वहां किसी प्रकार की पशु हानि नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगरा के रघुनाथपुर में स्थित गो संरक्षण केंद्र में छुट्टा पशुओं को रखा गया था। बारिश के बाद गौ संरक्षण केंद्र में एक भी बछड़े नहीं मिले। कुछ पशुओं के शव नगरा रसड़ा मार्ग पर रघुनाथपुर गांव के सामने सड़क किनारे पड़े हुए थे। इसकी दुर्गंध से लोगों का बुराहाल हो गया था। पशुओं के केंद्र में न होने और उनके मरने की खबर छपने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। शुक्रवार को गो संरक्षण केंद्र में एक भी छुट्टा बछड़ा नहीं नजर आया। अधिकारियों का दावा है कि मरे बछड़ों पर टैग नहीं था और ये बछड़े सड़क दुर्घटना या नाले में डूबकर मरे हैं।
विज्ञापन
वही ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र में जबसे बछड़े आये हैं टैग लगे हुए एक भी बछड़े देखने को नहीं मिले। मरे हुए बछड़े गो संरक्षण केंद्र से ले जाकर ही फेंका गया है। रसड़ा-नगरा मार्ग पर लकड़ा नाला के पास मृत मिले बछड़ों के संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) ने जांच कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है। सीवीओ ने बताया कि नगरा के रघुनाथपुर में संचालित गो-आश्रय केंद्र में बरसात का पानी भर जाने के कारण कुल 47 पशुओं को अस्थाई रूप से अन्यत्र रखा गया है। वहां किसी प्रकार की पशु हानि नहीं है।
विज्ञापन