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राजकीय इंटर कालेज नौरंगा के निर्माण में फंसा पेच

Thu, 05 May 2022 11:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 11:45 PM IST
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Screw stuck in the construction of Government Inter College Nauranga
बलिया। जिले में शिक्षा स्तर में सुधार लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अलग-अलग समय पर राजकीय इंटर कॉलेज खोलने की स्वीकृति दी गई। इसमें बैरिया विधानसभा क्षेत्र के नौरंगा में वर्ष 2019-20 में राजकीय इंटर कॉलेज निर्माण की स्वीकृति देते हुए 278.22 लाख रुपये की मंजूरी दी थी। निर्माण के लिए पूरी किस्त भी जारी हो चुकी है, लेकिन निर्माण अधर में है।
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मामला यह है कि जीआईसी का निर्माण लो-लैंड में हो रहा है। पिछले बाढ़ में भी यह डूब गया था। बाढ़ से बचाने के लिए इसमें काफी मिट्टी भराई का कार्य करना होगा। इसके लिए विभाग की ओर से लगभग 5.38 करोड़ का रिवाइज इस्टीमेट छह माह पहले प्रस्तुत किया गया था। वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग का कहना है कि जीओ के अनुसार इस्टीमेट में परिवर्तन नहीं हो सकता है। इस कारण प्रस्ताव शासन को नहीं भेज रहा है और निर्माण अधर में लटका हुआ है। इस हठधर्मिता से करोड़ों की परियोजना अधर में लटकी हुई है।
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वर्ष 2018 में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने नौरंगा में आयोजित प्रदेश सरकार के एक कार्यक्रम में ग्रामीणों की मांग पर वहां राजकीय इंटर कालेज की स्थापना की घोषणा की थी। इसके लिए सरकार की ओर से 2.78 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी। निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद आजमगढ़ को दिया गया था। निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों ने निरीक्षण में पाया कि नौरंगा बाढ़ क्षेत्र में है। इसलिए इसकी ऊंचाई ढाई मीटर और बढ़ेगी। चहारदीवारी भी बननी चाहिए। इसकी रिपोर्ट अवर अभियंता आवास विकास परिषद लल्लन प्रसाद ने अपने अधिकारियों के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजी। रिवाइज स्टीमेट भेजा गया। इसमें कुल 5.38 करोड़ का बजट स्वीकृत करने का आग्रह किया गया। विद्यालय का स्लैब ढाल दिया गया है। कुछ दीवारों का प्लास्टर भी किया जा चुका है। इसके बाद से निर्माण कार्य ठप है। रिवाइज स्टीमेट भेजे जाने पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने एसई पीडब्ल्यूडी और डीआईओएस की टीम गठित करके जांच के लिए नौरंगा भेजा। रिपोर्ट में निर्माण इकाई के रिवाइज स्टीमेट को उचित बताया गया। कार्यदायी संस्था का कहना है कि डीआईओएस की ओर से इस्टीमेट पर साइन कर इसे आगे नहीं भेजा जा रहा है। इस्टीमेट को आलमारी में बंद कर दिया गया है। इससे निर्माण कार्य अधर में लटक गया है।
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उधर, प्रभारी डीआईओएस अतुल तिवारी का कहना है कि शासनादेश में स्पष्ट कहा गया है कि एक बार स्वीकृत हो चुकी डिजाइन में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। कार्यदायी संस्था को निर्धारित डिजाइन के अनुसार कार्य करना चाहिए। इसलिए रिवाइज इस्टीमेट को आगे नहीं भेजा गया है। फिलहाल इस लड़ाई में जीआईसी का निर्माण अधर में लटक गया है।

राजकीय इंटर कालेज नौरंगा का निर्माण कार्य 2.75 करोड़ से करना था, लेकिन बाढ़ क्षेत्र होने की वजह से ढाई मीटर ऊंचाई पर निर्माण कराया गया है। बाउंड्रीवाल और मिट्टी कार्य करना है। इससे 5.38 करोड़ का रिवाइज इस्टीमेट बना है। जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच टीम की रिपोर्ट के बाद भी रिवाइज स्टीमेट जिला विद्यालय निरीक्षक के यहां पड़ा हुआ है। धन के अभाव में निर्माण कार्य बाधित हो रहा है। - अश्वनी कुमार, एक्सईएन, आवास विकास आजमगढ़
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