{"_id":"0e562a34e9beef79daf93f4aa7ed6f01","slug":"school-gate-lock-studded-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल गेट पर ताला जड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल गेट पर ताला जड़ा
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Fri, 09 Jan 2015 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंटर कालेज, सुखपुरा के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का वेतन कई सालों से बाधित है। वेतन के लिए तीन दिनों से परिचारक विद्यालय प्रांगण में प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन कोई असर न होते देख शुक्रवार को परिचारकों का गुस्सा फूट पड़ा और वे एकजुट होकर विद्यालय का गेट बंद कर दिए।
इससे छात्र और शिक्षक विद्यालय के अंदर नहीं जा सके। पूरे दिन पठन पाठन बाधित रहा। पढ़ाई बाधित होने से गुस्साए छात्र-छात्राओं ने नारा लगाते हुए बलिया-सिकंदरपुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। एक घंटे बाद भी मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष और प्रधानाचार्य की पहल पर किसी तरह जाम समाप्त हुआ।
बता दें कि इंटर कालेज में कुल 12 परिचारक कार्यरत हैं। इसमें से लगभग आधा दर्जन परिचारकों का वेतन सरप्लस के नाम पर 2010 से बाधित चल रहा है। जबकि छह का वेतन जून, 2014 तक मिला है। जुलाई, 2014 में एक शासनादेश के तहत इस विद्यालय में सरप्लस खत्म हो गया।
विज्ञापन
शिक्षकों का वेतन भुगतान होने लगा लेकिन परिचारकों का वेतन रोक दिया गया। इससे नाराज परिचारकों ने बुधवार से धरना प्रारंभ कर दिया। इसका समर्थन शिक्षकों और लिपिकों ने भी किया।
जब उनकी बात का कोई असर नहीं हुआ तो वे शुक्रवार को विद्यालय का मुख्य गेट बंद कर शिक्षक और छात्रों का प्रवेश रोक दिए। इससे क्षुब्ध छात्र-छात्राओं ने बलिया-सिकंदपुर मार्ग पर जाम लगा दिया।
लगभग एक घंटे के बाद मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष अलताफ हुसैन और प्रधानाचार्य जितेंद्र प्रताप सिंह के वार्ता के बाद चक्काजाम समाप्त हो गया। प्रधानाचार्य ने शनिवार तक विद्यालय को बंद कर दिया।
इस बाबत प्रधानाचार्य ने बताया कि शीघ्र ही उच्चाधिकारियों से बात कर कुछ निर्णय निकाला जाएगा। शाम तक परिचारकों का प्रदर्शन मुख्य गेट पर चलता रहा। इस मौके पर अरुण कुमार, नीरज, रीता, छट्ठू यादव, विनय कुमार, बेचू राम आदि परिचारक उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इससे छात्र और शिक्षक विद्यालय के अंदर नहीं जा सके। पूरे दिन पठन पाठन बाधित रहा। पढ़ाई बाधित होने से गुस्साए छात्र-छात्राओं ने नारा लगाते हुए बलिया-सिकंदरपुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। एक घंटे बाद भी मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष और प्रधानाचार्य की पहल पर किसी तरह जाम समाप्त हुआ।
विज्ञापन
बता दें कि इंटर कालेज में कुल 12 परिचारक कार्यरत हैं। इसमें से लगभग आधा दर्जन परिचारकों का वेतन सरप्लस के नाम पर 2010 से बाधित चल रहा है। जबकि छह का वेतन जून, 2014 तक मिला है। जुलाई, 2014 में एक शासनादेश के तहत इस विद्यालय में सरप्लस खत्म हो गया।
विज्ञापन
शिक्षकों का वेतन भुगतान होने लगा लेकिन परिचारकों का वेतन रोक दिया गया। इससे नाराज परिचारकों ने बुधवार से धरना प्रारंभ कर दिया। इसका समर्थन शिक्षकों और लिपिकों ने भी किया।
जब उनकी बात का कोई असर नहीं हुआ तो वे शुक्रवार को विद्यालय का मुख्य गेट बंद कर शिक्षक और छात्रों का प्रवेश रोक दिए। इससे क्षुब्ध छात्र-छात्राओं ने बलिया-सिकंदपुर मार्ग पर जाम लगा दिया।
लगभग एक घंटे के बाद मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष अलताफ हुसैन और प्रधानाचार्य जितेंद्र प्रताप सिंह के वार्ता के बाद चक्काजाम समाप्त हो गया। प्रधानाचार्य ने शनिवार तक विद्यालय को बंद कर दिया।
इस बाबत प्रधानाचार्य ने बताया कि शीघ्र ही उच्चाधिकारियों से बात कर कुछ निर्णय निकाला जाएगा। शाम तक परिचारकों का प्रदर्शन मुख्य गेट पर चलता रहा। इस मौके पर अरुण कुमार, नीरज, रीता, छट्ठू यादव, विनय कुमार, बेचू राम आदि परिचारक उपस्थित रहे।