बलिया। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी जिलाधिकारी के प्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। इसमें उन्होंने कक्षा एक से आठ तक के विद्यालय खोले जाने की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख किया है कि प्रदेश की शिक्षा में 83 प्रतिशत से अधिक का योगदान करने वाले निजी विद्यालयों का पिछले 22 मार्च 2020 से कोरोना काल का अवकाश होने के कारण स्थिति दयनीय हो गई है। निजी विद्यालयों द्वारा अध्यापकों को छात्र-छात्राओं से मिलने वाली फीस से ही मानदेय का भुगतान किया जाता है। कोरोना काल में बच्चों के स्कूल न आने तथा अभिभावकों द्वारा फीस न देने से निजी विद्यालयों के शिक्षकों का मानदेय पिछले एक वर्ष से बाकी है। इससे निजी विद्यालयों के शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। एक अप्रैल से शुरू हुए नए सत्र में कक्षा एक से आठ तक के विद्यालय चरणबद्ध तरीके से बंद होने से विद्यालय बर्बादी के कगार पर हैं। उन्होंने कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों को बंद न करते हुए कोविड-19 के नियमों को और सख्त करते हुए विद्यालय खोले जाने की मांग की। साथ ही कहा कि अब भी विद्यालयों के अवकाश बढ़ाए जाएंगे तो प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च स्तर तक पढ़ाने वाले निजी विद्यालयों के शिक्षकों को भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह उचित मानदेय दिया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में अशोक शुक्ल, कृष्णमोहन यादव, अजय कुमार सिंह, धनंजय उपाध्याय, सुनील यादव, राजेश यादव, अरूण कुमार, अंजनी पांडेय, रामविलास यादव, राजेश वर्मा, राज नारायण यादव, रामदुलार यादव आदि रहे।