बलिया। उप्र अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामबाबू हरित ने मंगलवार को कलेक्ट्रट सभागार में बैठक की। पुलिस, राजस्व, समाज कल्याण और अन्य विभाग के अधिकारियों के साथ एसटी के मामलों के निस्तारण की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि थानों में आने वाले फरियादियों को पहले पानी पिलाएं। इससे फरियादी के मन से भय भाग निकलेगा और अपनी बात निर्भीकता से कह सकेंगे। उन्होंने कहा कि आयोग के समक्ष एससी/एसटी के लोगों के जो प्रकरण आते हैं, वह मुख्यत: पुलिस और राजस्व विभाग से संबंधित होते हैं। उत्पीड़न के मामलों में दी जाने वाली आर्थिक सहायता से संबंधित मामले भी आते हैं। उन्होंने कहा कि 18 जून को आयोग में सुनवाई के लिए 342 मामले लंबित थे। पुलिस विभाग के 280, राजस्व विभाग के 40 और अन्य विभाग से संबंधित 22 मामले थे। मेरे कार्यकाल में कुल 801 प्रार्थना पत्र आयोग में आए, जिनमें 440 मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर 361 मामलों का निस्तारण भी कराया जा चुका है। आर्थिक सहायता से संबंधित मामलों का गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेकर उनका त्वरित निस्तारण कराने पर भी खास जोर है। दो माह से कम के कार्यकाल में छह प्रकरणों का निस्तारण करते हुए पीडि़त परिवार को 9.75 लाख की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में दिलाई गई है। सीएमओ से स्वास्थ्य सुविधाओं और वैक्सीनेशन से जुड़ी जानकारी ली। परियोजना निदेशक डीएन दूबे से आवास योजना में एससी-एसटी लाभार्थियों की संख्या आदि का जानकारी ली। भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू ने जिले में एसटी के प्रमाणपत्र जारी होने में आ रही बाधाओं से अवगत कराया। उपाध्यक्ष रामनरेश पासवान, सदस्य अनिता सिद्धार्थ, एसपी राजकरन नैय्यर, समाज कल्याण अधिकारी अभय सिंह, डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।