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सौभाग्य योजना: कहीं महीनों से खड़े पोल पर तार नहीं, कहीं आपूर्ति नहीं
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बलिया। घर-घर बिजली पहुंचाने के लिए सौभाग्य योजना भी परवान नहीं चढ़ रही। यह योजना पूरी तरह भ्रष्टाचार की शिकार होकर रह गई है। कई गांवों में पोल लगाकर महीनों से छोड़ दिए गए हैं। इतना ही नहीं, पोल और तार के लिए वसूली भी की शिकायतें कई बार सामने आ चुकी हैं।
प्रदेश के कई ऐसे गांव और मजरे हैं, जहां बिजली नहीं पहुंची थी। इसे देखते हुए वर्ष 2018 में केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से सौभाग्य योजना की शुरुआत की गई। इसके तहत, प्रावधान किया गया कि वैसे प्रत्येक गांव और मजरे तथा शहरी इलाके में वैसे मोहल्ले के लोगों तक बिजली पहुंचाने का काम किया जाएगा जहां के लोग इस सुविधा से वंचित हैं लेकिन तीन साल बाद भी जिले में यह योजना परवान नहीं चढ़ी और भ्रष्टाचार का शिकार होकर रह गई। बताया जाता है कि जनपद में सौभाग्य योजना के तहत छूटे मोहल्ले व पुरवे तक बिजली पहुंचाने की जिम्मेदारी बजाज इलेक्ट्रिकल को दी गई है। लेकिन कार्यदायी संस्था इस योजना को लेकर पूरी तरह लापरवाह बनी हुई है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शासन की ओर से इस कार्य को पूरा करने के लिए मार्च 2019 तक का समय निर्धारित किया था लेकिन जनपद के अधिकांश गांवों में कार्य अधूरा है। आलम यह है कि अधिकांश गांवों में जहां महीनों पहले पोल खड़ा किया लेकिन कार्यदायी संस्था ने तार नहीं खींचा तो कई स्थानों पर जहां तहां पोल तो रखे गए हैं लेकिन इसे खड़ा नहीं किया जा रहा। ग्रामीणों का तो यह भी कहना है कि पोल और तार के लिए संस्था के कर्मियों द्वारा धनराशि भी ली जाती है। सोहांव, बैरिया, बांसडीह, मुरली छपरा आदि ब्लॉक के कई गांवों में यही स्थिति है।
सौभाग्य योजना में यह है प्रावधान
बलिया। सौभाग्य योजना के तहत सभी गांव एवं शहर के लोग शामिल होंगे। इस योजना में लाभार्थियों को बिजली उपलब्ध कराने एवं बिजली उपकरणों को सुधारने में खर्च होने वाले पैसे का भुगतान पांच साल तक सरकार द्वारा किया जाना है। इसमें 60 फीसदी केंद्र सरकार और 40 फीसदी राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। योजना में यह प्रावधान है कि सेक (सामाजिक आर्थिक जातीय गणना) 2011 की जनगणना के अनुसार जो परिवार ग्रामीण क्षेत्र के बीपीएल श्रेणी में आते हैं उन्हें बिजली कनेक्शन की सुविधा मुफ्त में मिलेगी और जो परिवार सामान्य श्रेणी के हैं उन्हें इसके लिए 10 किस्तों में धनराशि जमा करनी होगी।
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तीन ग्राम पंचायत के कई पूरवे में महीनों पहले पोल खड़ा कर किया कोरम
जयप्रकाश नगर। सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर बिजली पहुंचाने के लिए सौभाग्य योजना की शुरुआत की गई। इसके तहत विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के कई गांव चिह्नित किए गए। कई गांवों में इस योजना से लोगों को लाभ मिला तो कई गांवों के लोग आज भी बिजली से मरहूम हैं। कारण कि कार्यदायी संस्था ने कार्य को आज तक पूरा नहीं किया। क्षेत्र के इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगांवा), चांददीयर पंचायत, इब्राहिमाबाद उपरवार ग्राम पंचायतों के कई ऐसे पूरवे हैं जहां महीनों पहले कहीं केवल पोल खड़ा कर छोड़ दिया गया है तो कहीं पोल व तार के बाद आज तक आपूर्ति नहीं दी गई। कई पूरवे तक तो न पोल पहुंचा है और न तार। ग्रामीणों की मानें तो बिजली विभाग के अधिकारी कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर का नंबर देकर पल्ला झाड़ लेते हैं और कार्यदायी संस्था के कर्मी खोजे नहीं मिलते ताकि शिकायत की जा सके।
पोल खड़ा कर छोड़ा, प्रभारी मंत्री से गुहार पर पहुंचे कार्यदायी संस्था के अधिकारी
बांसडीह। नगर पंचायत का एक हिस्सा आज भी लालटेन युग में जीने को मजबूर है। आज भी नगर पंचायत मंझवा के लोग बिजली की रोशनी के लिए तरस रहे हैं। हैरानी की बात है सौभाग्य योजना के तहत कुछ दूरी तक तो महीनों पहले बिजली के खंभे लगे लेकिन वह भी केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। भाजपा बांसडीह मंडल अध्यक्ष प्रतुल कुमार ओझा ने प्रदेश सरकार के मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री को पत्र के माध्यम से यहां की परेशानियों और स्थिति से अवगत कराया जिस पर बजाज इलेक्ट्रिकल के सीनियर इंजीनियर मनीष अवस्थी के नेतृत्व में अधिकारियों का एक दल मंगलवार को मौके पर पहुंचा और जांच की। मंझवा निवासी रामयाद तिवारी, जयप्रकाश तिवारी, अजीत चौहान, संजय रजक, हरेंद्र तिवारी, विश्वनाथ गोंड, तेगा तिवारी ने कहा कि कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते हमलोग बिजली से वंचित हैं।
सौभाग्य योजना का कार्य कार्यदायी संस्था बजाज इलेक्ट्रिकल के जिम्मे है। कई गांवों में कार्य चल रहा है। यह कार्य कुल तीन फेज में पूरा होना है। दो फेज का कार्य पूरा हो चुका है। जहां कहीं अधूरा है उसे तीसरे फेज में इस माह के अंत तक पूरा कराया जाएगा। - चंद्रेश उपाध्याय, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड द्वितीय, बलिया।
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प्रदेश के कई ऐसे गांव और मजरे हैं, जहां बिजली नहीं पहुंची थी। इसे देखते हुए वर्ष 2018 में केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से सौभाग्य योजना की शुरुआत की गई। इसके तहत, प्रावधान किया गया कि वैसे प्रत्येक गांव और मजरे तथा शहरी इलाके में वैसे मोहल्ले के लोगों तक बिजली पहुंचाने का काम किया जाएगा जहां के लोग इस सुविधा से वंचित हैं लेकिन तीन साल बाद भी जिले में यह योजना परवान नहीं चढ़ी और भ्रष्टाचार का शिकार होकर रह गई। बताया जाता है कि जनपद में सौभाग्य योजना के तहत छूटे मोहल्ले व पुरवे तक बिजली पहुंचाने की जिम्मेदारी बजाज इलेक्ट्रिकल को दी गई है। लेकिन कार्यदायी संस्था इस योजना को लेकर पूरी तरह लापरवाह बनी हुई है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शासन की ओर से इस कार्य को पूरा करने के लिए मार्च 2019 तक का समय निर्धारित किया था लेकिन जनपद के अधिकांश गांवों में कार्य अधूरा है। आलम यह है कि अधिकांश गांवों में जहां महीनों पहले पोल खड़ा किया लेकिन कार्यदायी संस्था ने तार नहीं खींचा तो कई स्थानों पर जहां तहां पोल तो रखे गए हैं लेकिन इसे खड़ा नहीं किया जा रहा। ग्रामीणों का तो यह भी कहना है कि पोल और तार के लिए संस्था के कर्मियों द्वारा धनराशि भी ली जाती है। सोहांव, बैरिया, बांसडीह, मुरली छपरा आदि ब्लॉक के कई गांवों में यही स्थिति है।
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सौभाग्य योजना में यह है प्रावधान
बलिया। सौभाग्य योजना के तहत सभी गांव एवं शहर के लोग शामिल होंगे। इस योजना में लाभार्थियों को बिजली उपलब्ध कराने एवं बिजली उपकरणों को सुधारने में खर्च होने वाले पैसे का भुगतान पांच साल तक सरकार द्वारा किया जाना है। इसमें 60 फीसदी केंद्र सरकार और 40 फीसदी राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। योजना में यह प्रावधान है कि सेक (सामाजिक आर्थिक जातीय गणना) 2011 की जनगणना के अनुसार जो परिवार ग्रामीण क्षेत्र के बीपीएल श्रेणी में आते हैं उन्हें बिजली कनेक्शन की सुविधा मुफ्त में मिलेगी और जो परिवार सामान्य श्रेणी के हैं उन्हें इसके लिए 10 किस्तों में धनराशि जमा करनी होगी।
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तीन ग्राम पंचायत के कई पूरवे में महीनों पहले पोल खड़ा कर किया कोरम
जयप्रकाश नगर। सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर बिजली पहुंचाने के लिए सौभाग्य योजना की शुरुआत की गई। इसके तहत विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के कई गांव चिह्नित किए गए। कई गांवों में इस योजना से लोगों को लाभ मिला तो कई गांवों के लोग आज भी बिजली से मरहूम हैं। कारण कि कार्यदायी संस्था ने कार्य को आज तक पूरा नहीं किया। क्षेत्र के इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगांवा), चांददीयर पंचायत, इब्राहिमाबाद उपरवार ग्राम पंचायतों के कई ऐसे पूरवे हैं जहां महीनों पहले कहीं केवल पोल खड़ा कर छोड़ दिया गया है तो कहीं पोल व तार के बाद आज तक आपूर्ति नहीं दी गई। कई पूरवे तक तो न पोल पहुंचा है और न तार। ग्रामीणों की मानें तो बिजली विभाग के अधिकारी कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर का नंबर देकर पल्ला झाड़ लेते हैं और कार्यदायी संस्था के कर्मी खोजे नहीं मिलते ताकि शिकायत की जा सके।
पोल खड़ा कर छोड़ा, प्रभारी मंत्री से गुहार पर पहुंचे कार्यदायी संस्था के अधिकारी
बांसडीह। नगर पंचायत का एक हिस्सा आज भी लालटेन युग में जीने को मजबूर है। आज भी नगर पंचायत मंझवा के लोग बिजली की रोशनी के लिए तरस रहे हैं। हैरानी की बात है सौभाग्य योजना के तहत कुछ दूरी तक तो महीनों पहले बिजली के खंभे लगे लेकिन वह भी केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। भाजपा बांसडीह मंडल अध्यक्ष प्रतुल कुमार ओझा ने प्रदेश सरकार के मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री को पत्र के माध्यम से यहां की परेशानियों और स्थिति से अवगत कराया जिस पर बजाज इलेक्ट्रिकल के सीनियर इंजीनियर मनीष अवस्थी के नेतृत्व में अधिकारियों का एक दल मंगलवार को मौके पर पहुंचा और जांच की। मंझवा निवासी रामयाद तिवारी, जयप्रकाश तिवारी, अजीत चौहान, संजय रजक, हरेंद्र तिवारी, विश्वनाथ गोंड, तेगा तिवारी ने कहा कि कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते हमलोग बिजली से वंचित हैं।
सौभाग्य योजना का कार्य कार्यदायी संस्था बजाज इलेक्ट्रिकल के जिम्मे है। कई गांवों में कार्य चल रहा है। यह कार्य कुल तीन फेज में पूरा होना है। दो फेज का कार्य पूरा हो चुका है। जहां कहीं अधूरा है उसे तीसरे फेज में इस माह के अंत तक पूरा कराया जाएगा। - चंद्रेश उपाध्याय, एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड द्वितीय, बलिया।