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सवा मीटर बढ़ी सरयू, गंगा में 56 सेमी उफान
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बलिया/बेल्थरारोड। मानसून के फिर से सक्रिय होने और पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा के साथ ही सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से इजाफा होने लगा है। हालांकि दोनों नदियां अभी खतरा बिंदु से काफी नीचे बह रही है, लेकिन नदी के जलस्तर में और इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है। पिछले 36 घंटे में गंगा के जलस्तर में 56 सेमी और सरयू के जलस्तर में 1.30 मीटर का बढ़ाव दर्ज किया गया है। नदियो की रफ्तार को देखकर तटवर्ती इलाकों के लोगों की धुकधुकी बढ़ने लगी है।
गंगा के गायघाट गेज पर शनिवार शाम चार बजे जलस्तर 51.940 मीटर दर्ज किया गया है। 36 घंटे पहले ये 51.380 मीटर था। यहां खतरा बिंदु 57.615 मीटर है। वहीं, डीएसपी हेड पर सरयू नदी का जलस्तर शाम चार बजे 63.420 मीटर दर्ज किया गया। 36 घंटे पहले ये 62.120 मीटर दर्ज किया गया था। यहां खतरा बिंदु 64.01 मीटर है। गंगा के साथ ही सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पेटा भरना शुरू हो गया है। निचले क्षेत्रों के लोग सतर्क हो गए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि इस बार फिर गंगा में उनकी कृषि योग्य उपजाऊ भूमि गंगा में समाहित हो जाएगी। सरयू लाल निशान 64.010 से मात्र 59 सेंटीमीटर नीचे है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में बढ़ाव की संभावना जताई है। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की संभावना प्रबल हो गयी है। जलस्तर में वृद्धि के साथ ही तटवर्ती क्षेत्रों में कटान भी हो रहा है। कृषि योग्य उपजाऊ भूमि कट- कट कर नदी की जलधारा में विलीन हो रही है। एसडीएम राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। जो स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है।
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गंगा के गायघाट गेज पर शनिवार शाम चार बजे जलस्तर 51.940 मीटर दर्ज किया गया है। 36 घंटे पहले ये 51.380 मीटर था। यहां खतरा बिंदु 57.615 मीटर है। वहीं, डीएसपी हेड पर सरयू नदी का जलस्तर शाम चार बजे 63.420 मीटर दर्ज किया गया। 36 घंटे पहले ये 62.120 मीटर दर्ज किया गया था। यहां खतरा बिंदु 64.01 मीटर है। गंगा के साथ ही सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पेटा भरना शुरू हो गया है। निचले क्षेत्रों के लोग सतर्क हो गए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि इस बार फिर गंगा में उनकी कृषि योग्य उपजाऊ भूमि गंगा में समाहित हो जाएगी। सरयू लाल निशान 64.010 से मात्र 59 सेंटीमीटर नीचे है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में बढ़ाव की संभावना जताई है। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की संभावना प्रबल हो गयी है। जलस्तर में वृद्धि के साथ ही तटवर्ती क्षेत्रों में कटान भी हो रहा है। कृषि योग्य उपजाऊ भूमि कट- कट कर नदी की जलधारा में विलीन हो रही है। एसडीएम राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। जो स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है।
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