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अघोषित बिजली कटौती ने जीन किया मुहाल
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Mon, 27 Jun 2016 10:00 PM IST
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सांकेतिक फोटो
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जिले में अघोषित बिजली कटौती से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। गर्मी और उमस भरे मौसम में आठ से दस घंटों की बिजली कटौती की जा रही है। इससे लोगों में रोष है। ग्रामीण अंचलों का तो और बुरा हाल है यहां बिजल की आपूर्ति ही नहीं हो रही है।
नगर क्षेत्र में केवल चार घंटे की बिजली कटौती का शेड्यूल बनाया गया है। जिसमें दोपहर 12 बजे से दो बजे तक तथा शाम को आठ से दस बजे तक। लेकिन ऐसा धरातल पर होता नहीं दिख रहा है। नगर क्षेत्र में सुबह शाम मिलाकर आठ से दस घंटे की बिजली कटौती की जा रही है।
जिससे गर्मी में फौरी तौर पर राहत नहीं मिल रही है। साथ ही साथ पानी कि किल्लत से भी लोगों को दो चार होना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीण अंचलो में 14 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित किया गया है। लेकिन वहां अबाध कटौती से किसानों सहित आम नागरिकों की हालत खराब है।
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बताया जा रहा है कि गांवों में बिजली आपूर्ति बेहद खराब है। कहीं-कहीं तो बमुश्किल ही बिजली मिल रही है। खेतो में धान की बेहन लगाई गई है। किसान बिजली के अभाव में धान की बेहन जिंदा रखने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।
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नगर क्षेत्र में केवल चार घंटे की बिजली कटौती का शेड्यूल बनाया गया है। जिसमें दोपहर 12 बजे से दो बजे तक तथा शाम को आठ से दस बजे तक। लेकिन ऐसा धरातल पर होता नहीं दिख रहा है। नगर क्षेत्र में सुबह शाम मिलाकर आठ से दस घंटे की बिजली कटौती की जा रही है।
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जिससे गर्मी में फौरी तौर पर राहत नहीं मिल रही है। साथ ही साथ पानी कि किल्लत से भी लोगों को दो चार होना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीण अंचलो में 14 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित किया गया है। लेकिन वहां अबाध कटौती से किसानों सहित आम नागरिकों की हालत खराब है।
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बताया जा रहा है कि गांवों में बिजली आपूर्ति बेहद खराब है। कहीं-कहीं तो बमुश्किल ही बिजली मिल रही है। खेतो में धान की बेहन लगाई गई है। किसान बिजली के अभाव में धान की बेहन जिंदा रखने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।