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अधूरी परियोजनाओं के लिए मिले 13 करोड़ रुपये
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बलिया। जनपद में गंगा और सरयू नदी से होने वाले कटान से बचाव के लिए चल रही बाढ़ सुरक्षा की 24 परियोजनाओं के लिए शासन की ओर से लगभग 13 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। इसमें नाबार्ड से वित्तपोषित 19 परियोजनाओं के लिए 5.55 करोड़ की धनराशि मिली है। वहीं, राज्य पोषित मद से चल रही पांच परियोजनाओं के लिए 7.27 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। शासन की मंशा बाढ़ से पहले परियोजनाओं को गति देने की है, लेकिन नाबार्ड से चल रही परियोजनाओं के लिए मिली धनराशि ऊंट के मुंह में जीरे के समान बताई जा रही है।
सरयू नदी के दाएं तट पर निर्मित बकुल्हा संसार टोला तटबंध की सुरक्षा के लिए किमी 3.700 से किमी 4.115 के बीच रिवेटमेंट और किमी 3.900 और 4.020 पर दो स्परों का निर्माण कार्य 18.63 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। इस परियोजना के लिए 3.02 करोड़ की धनराशि और जारी की गई है। इससे पहले परियोजना के लिए 9.48 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। वहीं, किमी 69.3000 से किमी 69.950 के बीच रिवोटमेंट का कार्य 11.69 करोड़ से हो रहा है। इसके लिए 1.40 करोड़ और मिले हैं। इससे पहले परियोजना के लिए 7.36 करोड़ दिए जा चुके हैं। गंगा नदी के बाएं तट पर बलिया-बैरिया तटबंध (एनएच-31) की सुरक्षा के लिए किमी 27.500 पर स्पर और किमी 28.200 से किमी 28.700 किमी तक परक्यूपाइन लगाने का कार्य 11.03 करोड़ की लागत से हो रहा है। इस परियोजना के लिए 1.20 करोड़ की धनराशि दी गई है। पहले 7.35 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इसी के पास में किमी 27.200 पर स्पर का निर्माण और 27.400 से 27.490 तक रिवेटमेंट तथा 26.7000 पर स्पर की मरम्मत का कार्य 11.95 करोड़ की लागत से हो रहा है। इस परियोजना के लिए 1.65 करोड़ दिए गए हैं। इससे पहले 6.91 करोड़ मिल चुके हैं।
नाबार्ड से वित्तपोषित 19 परियोजनाओं को 5.55 करोड़
बलिया। जनपद में नाबार्ड से वित्तपोषित 19 परियोजनाओं के लिए 5.55 करोड़ की धनराशि दी गई है। किसी परियोजना के लिए 20 लाख को किसी को 10 लाख से भी कम धनराशि मिली है। दिसंबर 2021 में इन परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई थी। उस समय भी टोकन मनी के रूप में बहुत थोड़ी धनराशि परियोजनाओं के लिए दी गई थी। ऐसे में इन परियोजनाओं के समय से पूरा होने पर सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि परियोजनाओं का काम चल रहा है। आगे इसके लिए बजट की व्यवस्था की जाएगी। जिन परियोजनाओं के लिए धनराशि दी गई है, उसमें 11.11 करोड़ से गंगा नदी के बाएं किनारे पर स्थित बलिया-बैरिया तटबंध (एनएच-31) की सुरक्षा के लिए किमी 27.990 से किमी 28.570 के बीच रिवेटमेंट का काम किया जाना है। इसके लिए दूसरी किस्त में 22 लाख की धनराशि दी गई है। पहली किस्त में 12 लाख मिले थे। परियोजना के लिए अभी 10 करोड़ से ज्यादा धनराशि की आवश्यकता है। ऐसे ही दुबे छपरा, गोपालपुर, उदईछपरा की सुरक्षा के लिए 9.10 करोड़ से परियोजना स्वीकृत है। इस परियोजना के लिए 18 लाख दिए गए हैं। पहली किस्त में 50 लाख मिले थे। सरयू नदी के दाएं तट पर तुर्तीपार-श्रीनगर तटबंध की सुरक्षा के लिए किमी 68.600 से किमी 69.300 तक परक्यूपाइन कटर और तीन स्परों का पुनरोद्धार किया जाना है। इसके लिए 16 लाख रुपए मिले हैं। पहली किस्त में 50 लाख मिले थे। ऐसी हालत अन्य परियोजनाओं की है।
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112 करोड़ों की लागत से 19 परियोजनाओं पर कार्य शुरू
बलिया। बाढ़ से बचाव की सभी परियोजनाएं हर हाल में 15 जून से पहले पूर्ण कर ली जाएंगी। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार करोड़ों रुपये बाढ़ कटान के नाम पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन सभी परियोजनाएं समय से पूर्व पूरा नहीं पाती हैं। अंत में विभाग फ्लड फाइटिंग पर उतर आता है। इसमें जमकर धन की बंदरबांट होती है। इस बार कार्य मानक के अनुरूप व समय से पूरा नहीं हुआ तो आधे दर्जन गांव की अस्तित्व के साथी दो इंटर कॉलेज व एक महाविद्यालय पर भी पर खतरा मंडरा सकता है। हर साल की तरह इस साल भी शासन स्तर से जनपद में बड़वा कटान के नाम पर 19 परियोजनाओं को शासन से स्वीकृति मिली हैं। इसमें पांच परियोजनाएं रामगढ़ से लेकर दुबे छपरा तक स्वीकृत हैं। अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्र ने बताया कि करीब 112 करोड़ की लागत से 19 परियोजना पर काम चल रहा है। सभी ठेकेदारों को चेतावनी दी गई है कि हर हाल में सभी बाढ़ और कटान से संबंधित कार्य 15 जून से पहले मानक के अनुरूप पूर्ण कर लिया जाए।
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सरयू नदी के दाएं तट पर निर्मित बकुल्हा संसार टोला तटबंध की सुरक्षा के लिए किमी 3.700 से किमी 4.115 के बीच रिवेटमेंट और किमी 3.900 और 4.020 पर दो स्परों का निर्माण कार्य 18.63 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। इस परियोजना के लिए 3.02 करोड़ की धनराशि और जारी की गई है। इससे पहले परियोजना के लिए 9.48 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। वहीं, किमी 69.3000 से किमी 69.950 के बीच रिवोटमेंट का कार्य 11.69 करोड़ से हो रहा है। इसके लिए 1.40 करोड़ और मिले हैं। इससे पहले परियोजना के लिए 7.36 करोड़ दिए जा चुके हैं। गंगा नदी के बाएं तट पर बलिया-बैरिया तटबंध (एनएच-31) की सुरक्षा के लिए किमी 27.500 पर स्पर और किमी 28.200 से किमी 28.700 किमी तक परक्यूपाइन लगाने का कार्य 11.03 करोड़ की लागत से हो रहा है। इस परियोजना के लिए 1.20 करोड़ की धनराशि दी गई है। पहले 7.35 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इसी के पास में किमी 27.200 पर स्पर का निर्माण और 27.400 से 27.490 तक रिवेटमेंट तथा 26.7000 पर स्पर की मरम्मत का कार्य 11.95 करोड़ की लागत से हो रहा है। इस परियोजना के लिए 1.65 करोड़ दिए गए हैं। इससे पहले 6.91 करोड़ मिल चुके हैं।
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नाबार्ड से वित्तपोषित 19 परियोजनाओं को 5.55 करोड़
बलिया। जनपद में नाबार्ड से वित्तपोषित 19 परियोजनाओं के लिए 5.55 करोड़ की धनराशि दी गई है। किसी परियोजना के लिए 20 लाख को किसी को 10 लाख से भी कम धनराशि मिली है। दिसंबर 2021 में इन परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई थी। उस समय भी टोकन मनी के रूप में बहुत थोड़ी धनराशि परियोजनाओं के लिए दी गई थी। ऐसे में इन परियोजनाओं के समय से पूरा होने पर सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि परियोजनाओं का काम चल रहा है। आगे इसके लिए बजट की व्यवस्था की जाएगी। जिन परियोजनाओं के लिए धनराशि दी गई है, उसमें 11.11 करोड़ से गंगा नदी के बाएं किनारे पर स्थित बलिया-बैरिया तटबंध (एनएच-31) की सुरक्षा के लिए किमी 27.990 से किमी 28.570 के बीच रिवेटमेंट का काम किया जाना है। इसके लिए दूसरी किस्त में 22 लाख की धनराशि दी गई है। पहली किस्त में 12 लाख मिले थे। परियोजना के लिए अभी 10 करोड़ से ज्यादा धनराशि की आवश्यकता है। ऐसे ही दुबे छपरा, गोपालपुर, उदईछपरा की सुरक्षा के लिए 9.10 करोड़ से परियोजना स्वीकृत है। इस परियोजना के लिए 18 लाख दिए गए हैं। पहली किस्त में 50 लाख मिले थे। सरयू नदी के दाएं तट पर तुर्तीपार-श्रीनगर तटबंध की सुरक्षा के लिए किमी 68.600 से किमी 69.300 तक परक्यूपाइन कटर और तीन स्परों का पुनरोद्धार किया जाना है। इसके लिए 16 लाख रुपए मिले हैं। पहली किस्त में 50 लाख मिले थे। ऐसी हालत अन्य परियोजनाओं की है।
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112 करोड़ों की लागत से 19 परियोजनाओं पर कार्य शुरू
बलिया। बाढ़ से बचाव की सभी परियोजनाएं हर हाल में 15 जून से पहले पूर्ण कर ली जाएंगी। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार करोड़ों रुपये बाढ़ कटान के नाम पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन सभी परियोजनाएं समय से पूर्व पूरा नहीं पाती हैं। अंत में विभाग फ्लड फाइटिंग पर उतर आता है। इसमें जमकर धन की बंदरबांट होती है। इस बार कार्य मानक के अनुरूप व समय से पूरा नहीं हुआ तो आधे दर्जन गांव की अस्तित्व के साथी दो इंटर कॉलेज व एक महाविद्यालय पर भी पर खतरा मंडरा सकता है। हर साल की तरह इस साल भी शासन स्तर से जनपद में बड़वा कटान के नाम पर 19 परियोजनाओं को शासन से स्वीकृति मिली हैं। इसमें पांच परियोजनाएं रामगढ़ से लेकर दुबे छपरा तक स्वीकृत हैं। अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्र ने बताया कि करीब 112 करोड़ की लागत से 19 परियोजना पर काम चल रहा है। सभी ठेकेदारों को चेतावनी दी गई है कि हर हाल में सभी बाढ़ और कटान से संबंधित कार्य 15 जून से पहले मानक के अनुरूप पूर्ण कर लिया जाए।