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बनी राय भितरघात और बागियों से भाजपा को हानि
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Thu, 05 Nov 2015 12:00 AM IST
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भाजपा के फेफना विधान सभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की बैठक टैगोर नगर स्थित कैंप कार्यालय पर बुधवार को आयोजित की गई। विधायक उपेंद्र तिवारी के नेतृत्व में हुई बैठक मे जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के चुनाव परिणामों की समीक्षा की गई।
कार्यकर्ताओं ने चुनाव परिणाम के बारे में वार्डवार तथा बूथवार विचार रखे। वक्ताओं ने एक स्वर से कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता जिला पंचायत चुनाव में पूरी तरह से सक्रिय नहीं रहे। इसके विपरीत वे अपने बीडीसी प्रत्याशियों को जितवाने में ही व्यस्त रहे। पार्टी के लोग प्रत्येक वार्ड में बागी उम्मीदवार के रूप में खड़े हो गए।
जिससे वोटों का बंटवारा हुआ इसका लाभ विपक्षी दलों ने लिया। वहीं सपा प्रत्याशियों द्वारा प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग एवं अनुचित प्रलोभन को भी अहम बिंदू माना गया। विधायक उपेंद्र तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पहली बार जिला पंचायत चुनाव में उतरी थी। जिसमें पार्टी का चुनाव चिह्न भी नहीं था।
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जिसमें पार्टी के बागी उम्मीदवार प्रत्येक वार्ड से दो तीन की संख्या में चुनाव लड़े। स्थानीय नेताओं का फोटो और झंडा इस्तेमाल कर मतदाताओं को दिग्भ्रमित किया गया। यह भितरघात तथा विश्वासघात प्रमुख कारण रहा है। मत का प्रतिशत बढ़ा है, भारतीय जनता पार्टी के प्रति लोगों में निष्ठा और विश्वास की कमी नहीं है।
हमने अंतिम समय प्रत्याशियों की घोषणा की जिसके चलते भी परिणाम पर असर पड़ा। कहा कि विधानसभा की जनता भाजपा के साथ है परिणाम की समीक्षा से निकले तथ्यों एवं कमियों पर विचार कर भविष्य की रणनीति बनाई गई।
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कार्यकर्ताओं ने चुनाव परिणाम के बारे में वार्डवार तथा बूथवार विचार रखे। वक्ताओं ने एक स्वर से कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता जिला पंचायत चुनाव में पूरी तरह से सक्रिय नहीं रहे। इसके विपरीत वे अपने बीडीसी प्रत्याशियों को जितवाने में ही व्यस्त रहे। पार्टी के लोग प्रत्येक वार्ड में बागी उम्मीदवार के रूप में खड़े हो गए।
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जिससे वोटों का बंटवारा हुआ इसका लाभ विपक्षी दलों ने लिया। वहीं सपा प्रत्याशियों द्वारा प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग एवं अनुचित प्रलोभन को भी अहम बिंदू माना गया। विधायक उपेंद्र तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पहली बार जिला पंचायत चुनाव में उतरी थी। जिसमें पार्टी का चुनाव चिह्न भी नहीं था।
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जिसमें पार्टी के बागी उम्मीदवार प्रत्येक वार्ड से दो तीन की संख्या में चुनाव लड़े। स्थानीय नेताओं का फोटो और झंडा इस्तेमाल कर मतदाताओं को दिग्भ्रमित किया गया। यह भितरघात तथा विश्वासघात प्रमुख कारण रहा है। मत का प्रतिशत बढ़ा है, भारतीय जनता पार्टी के प्रति लोगों में निष्ठा और विश्वास की कमी नहीं है।
हमने अंतिम समय प्रत्याशियों की घोषणा की जिसके चलते भी परिणाम पर असर पड़ा। कहा कि विधानसभा की जनता भाजपा के साथ है परिणाम की समीक्षा से निकले तथ्यों एवं कमियों पर विचार कर भविष्य की रणनीति बनाई गई।