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घने कोहरे में बगैर फाग लाइट दौड़ाई जा रहीं रोडवेज की बसें
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बलिया। रोडवेज की करीब74 बसें घने कोहरे में बिना फाग लाइट के ही दौड़ रही हैं। इस कारण हादसा होने का डर है। अधिकांश बसों में लगी प्राथमिक स्वास्थ्य उपचार किट भी गायब हो गई है। विभागीय अधिकारियों ने खटारा बसों की मरम्मत कराने के लिए पत्र भेजा, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो सका है। सहालग शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन लोग खटारा बसों से सफर करने के लिए मजबूर हैं।
बलिया से प्रयागराज, लखनऊ व गोरखपुर रूट पर लोगों का आवागमन अधिक है। इन रूटों पर बसें कम पड़ रही हैं। लंबे रूट पर यात्रियों को लेकर दौड़ रहीं रोडवेज डिपो की 74 बसों में घना कोहरा छाए रहने के बाद भी फाग लाइटें नहीं लगाई जा सकी हैं। सप्ताहभर से घना कोहरा होने की वजह लखनऊ, गोरखपुर व प्रयागराज रूट पर चालक धीमी गति से बसें लेकर आ-जा रहे हैं। डिपो में आधे घंटे से एक घंटे तक इंताजर करने के बाद यात्रियों को बसें मिल रही हैं।
बसों से प्राथमिक उपचार किट गायब
वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ, प्रयागराज व दिल्ली रूट पर दौड़ने वाली रोडवेज की बसों में चालक की सीट के पीछे प्राथमिक उपचार किट दो वर्ष पहले लगाई गई थी। इन दिनों सभी बसों से यह किट गायब हो गई है। दुर्घटना के समय मामूली रूप से चोटहिल होने वाले यात्रियों व कर्मचारियों का उपचार करने के लिए किट में पर्याप्त पट्टी, दवा व मरहम की व्यवस्था की गई थी। बसों से किट गायब होने पर ड्राइवर व परिचालक विभागीय अधिकारियों को गोलमोल जवाब दे रहे हैं।
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टूट गए हैं अधिकतर बसों की खिड़कियां और दरवाजे के शीशे
बलिया डिपो के तहत चलने वाली करीब 74 बसों में आधा दर्जन बसों की हालश खस्ताहाल है। इन बसों में यात्रियों की सीट के पास खिड़की व परिचालक की सीट के पास लगे गेट के शीशे टूट गए हैं। शीतलहर में बसों में सफर करने वाले यात्री ठिठुर रहे हैं। लाखों की कमाई करने के बाद भी विभागीय अधिकारी समय पर बसों की मरम्मत कराने का प्रयास नहीं करते हैं। इससे यात्रियों को असुविधा हो रही है।
बलिया डिपो में बसों की किल्लत नहीं है। करीब छह खस्ताहाल बसों की मरम्मत कराई जा रही है। सभी बसों में फाग लाइट लगवाई जा रही है। राकेश कुमार श्रीवास्तव, प्रभारी एआरएम, बलिया।
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बलिया से प्रयागराज, लखनऊ व गोरखपुर रूट पर लोगों का आवागमन अधिक है। इन रूटों पर बसें कम पड़ रही हैं। लंबे रूट पर यात्रियों को लेकर दौड़ रहीं रोडवेज डिपो की 74 बसों में घना कोहरा छाए रहने के बाद भी फाग लाइटें नहीं लगाई जा सकी हैं। सप्ताहभर से घना कोहरा होने की वजह लखनऊ, गोरखपुर व प्रयागराज रूट पर चालक धीमी गति से बसें लेकर आ-जा रहे हैं। डिपो में आधे घंटे से एक घंटे तक इंताजर करने के बाद यात्रियों को बसें मिल रही हैं।
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बसों से प्राथमिक उपचार किट गायब
वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ, प्रयागराज व दिल्ली रूट पर दौड़ने वाली रोडवेज की बसों में चालक की सीट के पीछे प्राथमिक उपचार किट दो वर्ष पहले लगाई गई थी। इन दिनों सभी बसों से यह किट गायब हो गई है। दुर्घटना के समय मामूली रूप से चोटहिल होने वाले यात्रियों व कर्मचारियों का उपचार करने के लिए किट में पर्याप्त पट्टी, दवा व मरहम की व्यवस्था की गई थी। बसों से किट गायब होने पर ड्राइवर व परिचालक विभागीय अधिकारियों को गोलमोल जवाब दे रहे हैं।
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टूट गए हैं अधिकतर बसों की खिड़कियां और दरवाजे के शीशे
बलिया डिपो के तहत चलने वाली करीब 74 बसों में आधा दर्जन बसों की हालश खस्ताहाल है। इन बसों में यात्रियों की सीट के पास खिड़की व परिचालक की सीट के पास लगे गेट के शीशे टूट गए हैं। शीतलहर में बसों में सफर करने वाले यात्री ठिठुर रहे हैं। लाखों की कमाई करने के बाद भी विभागीय अधिकारी समय पर बसों की मरम्मत कराने का प्रयास नहीं करते हैं। इससे यात्रियों को असुविधा हो रही है।
बलिया डिपो में बसों की किल्लत नहीं है। करीब छह खस्ताहाल बसों की मरम्मत कराई जा रही है। सभी बसों में फाग लाइट लगवाई जा रही है। राकेश कुमार श्रीवास्तव, प्रभारी एआरएम, बलिया।