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जिले के राजस्व न्यायालयों में लंबित हैं 35 हजार से अधिक मामले

Sun, 13 Dec 2020 10:32 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 13 Dec 2020 10:32 PM IST
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revenue court
बलिया। प्रदेश सरकार 15 दिसंबर से भूमि पैमाइश का अभियान चलाने जा रही है। इससे जिले के हजारों लोगों को न्याय पाने की उम्मीद है लेकिन अधिकारियों और किसानों की माने तो इस समय खेतों में फसल होने के कारण खासकर खेतों की पैमाइश करने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जबकि जिले में करीब 35 हजार से अधिक जमीन विवाद अलग अलग राजस्व न्यायालयों में लंबित हैं। जमीन विवाद को लेकर हर साल करीब पांच लोगों की जान जाने का मामला सामने आता है। जिले में कुल 21 राजस्व न्यायालय स्थापित हैं। इसमें जिलाधिकारी से लेकर नायब तहसीलदार तक का न्यायालय है। इसके अलावा, दीवानी न्यायालयों में जमीन संबंधी विवाद दाखिल किए जाते हैं। जिले के राजस्व न्यायालयों में कुल 35623 मामले चल रहे हैं। इसमें अधिकांश जमीन संबंधी विवाद ही है लेकिन अधिकारियों की माने तो अधिकांश मामले का निपटारा केवल पैमाइश से नहीं हो सकता। अधिकारियों ने बताया कि पैमाइश से संबंधित मामलों को टीम गठित कर निपटाया जाता है। सदर तहसीलदार ने बताया कि जब रबी की फसल की कटाई हो जाती है तो खरीफ फसल की बोआई के पहले टीम गठित कर वरीयता के आधार पर पैमाइश की जाती है। तहसीलदार की माने तो जमीन संबंधी विवाद को लेकर मारपीट, हत्या का कोई रिकार्ड तहसील में नहीं होता। ऐसे आमतौर पर हर साल पांच से सात लोगों की जान जमीन विवाद को लेकर जाने का मामला सामने आता है।
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