यूपी: थाने में बयान दर्ज कराने पहुंचे पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह, बोले- एनकाउंटर करने, गाड़ी पलटने वाली है योगी सरकार
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने गंगा घाटों पर 67 शव बहाने और उसे जेसीबी मशीन से दबा देने के संबंध में ट्वीट किया था। इस दौरान उनके खिलाफ 12 मई को मुकदमा दर्ज किया गया था। जिस मामले में वह मंगलवार को दुबहर थाने में यान दर्ज कराने पहुंचे थे।
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सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने मंगलवार की शाम को बलिया जिले के दुबहर थाना प्रभारी अनिलचंद्र तिवारी के पास बयान दर्ज कराया। गंगा घाटों पर 67 शव बहाने और उसे जेसीबी मशीन से दबा देने के संबंध में ट्वीट करने के मामले में 12 मई को बलिया कोतवाली में दर्ज मुकदमे के सिलसिले में उन्होंने यह बयान दर्ज कराया। इसके बाद कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार सबको है। सरकार मुझे जानबूझकर परेशान कर रही है। यह सरकार एनकाउंटर करने वाली और गाड़ी पलटने वाली है।
सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि उनके ट्वीट पर कहीं से भी मुकदमा दर्ज करने की स्थिति नहीं बनती है। ट्वीट में जिन शवों के फोटो लगाए गए हैं, वे प्रतीकात्मक हैं। आरोप लगाया कि एक ही मामले में उन पर प्रदेश में दो जगह मुकदमे दर्ज किए गए। जबकि किसी एक अपराध के लिए एक व्यक्ति पर एक जगह ही मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
उन्होंने दावा किया कि उनके ट्वीट से कहीं से भी भय का माहौल नहीं बना है। यह उन्हें परेशान करने की साजिश है। कोरोना संक्रमण काल में उनका बयान वर्चुअल माध्यम से लखनऊ से ही लिया जा सकता था, लेकिन उन्हें जान बूझकर यहां बुलाया गया।
उन्होंने दुबहड़ थाने के भवन की बदहाली पर कहा कि यह कब ध्वस्त हो जाए, कोई गारंटी नहीं है। यहां तो बैठने की भी जगह नहीं है। इस थाने में पुलिस के जवान और स्टाफ कैसे रहते होंगे, सरकार को इस दिशा में ठोस कार्य करने चाहिए।
वह शाम पांच बजे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं सहित कई वाहनों से थाने पर पहुंचे और विवेचना अधिकारी के यहां बयान दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि बिना बुलाए इतने वकील और आम आदमी पार्टी के लोग अन्याय के खिलाफ आए हैं। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश सह प्रभारी अनूप पांडेय, डॉ. शोभनाथ सिंह, मोती सिंह, एडवोकेट कमलेश यादव, डॉ. प्रदीप कुमार, अश्विनी गिरी, अशोक गुप्ता, टीपू सिंह, रणविजय सिंह, अजय राय मुन्ना व एडवोकेट हरदयाल आदि रहे।