{"_id":"675353006d3f9ded710b8307","slug":"report-sent-to-government-for-action-against-staff-nurse-ballia-news-c-190-1-bal1001-128255-2024-12-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को भेजी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को भेजी रिपोर्ट
विज्ञापन
बांसडीह। पिंडहरा ग्राम सभा में बुधवार की देर रात अवैध रूप से प्रसव कराने के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में तीन सदस्यीय टीम की रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट में स्टाफ नर्स के खिलाफ सबूत मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। वहीं, मामले में आशा बहू की सेवा समाप्ति के लिए डीपीएम को निर्देशित किया गया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेवती पर तैनात स्टाफ नर्स की ओर से पिंडहरा ग्राम सभा स्थित आवास पर बुधवार की देर रात अवैध रूप से प्रसव कराने के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने हंंगामा किया। सूचना पर पुलिस पहंुची थी। परिजनों की तहरीर पर आशा बहू, स्टाफ नर्स और उसके पति के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार महिला की मौत रक्त संचार प्रभावित होने से हुई थी। वहीं, बच्चे की मौत मां के गर्भ में ही हो चुकी थी।
मामले में स्टाफ नर्स मंजू सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अन्य दोनों आरोपी आशा बहू व नर्स के पति समेत तीन अन्य अज्ञात की गिरफ्तारी व पहचान के प्रयास पुलिस कर रही है। सीएमओ डॉ, विजयपति द्विवेदी ने बताया कि एसीएमओ डॉ. पद्मावती और डॉ. विजय यादव के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने मामले की जांच की। रिपोर्ट मिली है। स्टाफ नर्स पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है। आशा को निलंबित करने के आदेश डीपीएम को दिए गए हैं।
विज्ञापन
कार्रवाई का असर नहीं हो रहा : अक्तूबर माह में प्रशासन की ओर से बांसडीह में बिना योग्यता के आरोप में बाल रोग विशेषज्ञ के अस्पताल को सील करने के साथ कई अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद यहां अवैध चिकित्सकीय संस्थाओं की भीड़ कम नहीं हुई। नाम बदलकर उसी स्थान पर अवैध अस्पताल व चिकित्सा केंद्र चल रहे हैं। बुधवार को प्रसव के दौरान मां और बच्चे की मौत से एक बार फिर इस खेल का स्वरूप उजागर हुआ है। घटना के बाद एक बार फिर जनपद के चिकित्सा व्यवस्था के जिम्मेदार और इस अवैध व्यवस्था पर नकेल कसने वाली नोडल टीम चौतरफा सवालों के घेरे में है।
विज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेवती पर तैनात स्टाफ नर्स की ओर से पिंडहरा ग्राम सभा स्थित आवास पर बुधवार की देर रात अवैध रूप से प्रसव कराने के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने हंंगामा किया। सूचना पर पुलिस पहंुची थी। परिजनों की तहरीर पर आशा बहू, स्टाफ नर्स और उसके पति के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार महिला की मौत रक्त संचार प्रभावित होने से हुई थी। वहीं, बच्चे की मौत मां के गर्भ में ही हो चुकी थी।
विज्ञापन
मामले में स्टाफ नर्स मंजू सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अन्य दोनों आरोपी आशा बहू व नर्स के पति समेत तीन अन्य अज्ञात की गिरफ्तारी व पहचान के प्रयास पुलिस कर रही है। सीएमओ डॉ, विजयपति द्विवेदी ने बताया कि एसीएमओ डॉ. पद्मावती और डॉ. विजय यादव के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने मामले की जांच की। रिपोर्ट मिली है। स्टाफ नर्स पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है। आशा को निलंबित करने के आदेश डीपीएम को दिए गए हैं।
विज्ञापन
कार्रवाई का असर नहीं हो रहा : अक्तूबर माह में प्रशासन की ओर से बांसडीह में बिना योग्यता के आरोप में बाल रोग विशेषज्ञ के अस्पताल को सील करने के साथ कई अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद यहां अवैध चिकित्सकीय संस्थाओं की भीड़ कम नहीं हुई। नाम बदलकर उसी स्थान पर अवैध अस्पताल व चिकित्सा केंद्र चल रहे हैं। बुधवार को प्रसव के दौरान मां और बच्चे की मौत से एक बार फिर इस खेल का स्वरूप उजागर हुआ है। घटना के बाद एक बार फिर जनपद के चिकित्सा व्यवस्था के जिम्मेदार और इस अवैध व्यवस्था पर नकेल कसने वाली नोडल टीम चौतरफा सवालों के घेरे में है।