{"_id":"33a40660f155d7eb3c3eecded48148e4","slug":"ration-cards-were-thrown-form-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फेंके मिले फोटो लगे राशन कार्ड फार्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फेंके मिले फोटो लगे राशन कार्ड फार्म
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Wed, 07 Jan 2015 11:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर के टाउन महाविद्यालय के पुराने कैश काउंटर के पास बुधवार को पांच बोरे में भरे फोटो लगे राशन कार्ड फार्म और प्रपत्र, फोटो बिखरे पाए गए। फार्म को लावारिस हाल में फेंका देख नगरवासी गुस्से में हैं।
लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी और सिविल लाइन चौकी प्रभारी ने प्रपत्रों को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी।
राशन कार्डों को आनलाइन करने का काम शासन के निर्देश पर जनपद के विभिन्न एजेंसियों से कराया जा रहा है। शासन के फरमान के मुताबिक आनलाइन फार्म के साथ दो फोटो, निवास प्रमाण पत्र, बैंक और आईडी प्रूफ कोटेदार के यहां जमा करना है।
विज्ञापन
डाटा फीडिंग करने वाली एजेंसियां आनलाइन डाटा फीडिंग के बाद जिला पूर्ति कार्यालय में जमा कर देती है। बहुत सी एजेंसियों की ओर से प्रपत्रों का रखरखाव सही ढंग से नहीं किया जा रहा है।
जबकि शासनादेश के मुताबिक आनलाइन डाटा फीडिंग के बाद समस्त प्रपत्र जिलापूर्ति कार्यालय को सुपुर्द कर देना है। साथ ही जिला पूर्ति कार्यालय को प्रपत्रों को पांच साल तक सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया गया है।
बावजूद बुधवार को नगर के टाउन महाविद्यालय के पुराने कैश काउंटर के पास पांच बोरे में भरे हजारों राशन कार्ड फार्म तथा प्रपत्र लावारिस हालत में मिले।
प्रपत्रों को देखने से पता चलता है कि अधिकांश फार्म सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के हैं। लावारिस पाए गए कागजातों का गलत हाथ में जाने पर दुरुपयोग भी हो सकता है।
हालांकि लावारिस प्रपत्रों bको मिलने की सूचना के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे सीओ डीपी सिंह और चौकी प्रभारी संजीव दुबे ने प्रपत्रों को कब्जे में ले लिया।
विज्ञापन
लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी और सिविल लाइन चौकी प्रभारी ने प्रपत्रों को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी।
विज्ञापन
राशन कार्डों को आनलाइन करने का काम शासन के निर्देश पर जनपद के विभिन्न एजेंसियों से कराया जा रहा है। शासन के फरमान के मुताबिक आनलाइन फार्म के साथ दो फोटो, निवास प्रमाण पत्र, बैंक और आईडी प्रूफ कोटेदार के यहां जमा करना है।
विज्ञापन
डाटा फीडिंग करने वाली एजेंसियां आनलाइन डाटा फीडिंग के बाद जिला पूर्ति कार्यालय में जमा कर देती है। बहुत सी एजेंसियों की ओर से प्रपत्रों का रखरखाव सही ढंग से नहीं किया जा रहा है।
जबकि शासनादेश के मुताबिक आनलाइन डाटा फीडिंग के बाद समस्त प्रपत्र जिलापूर्ति कार्यालय को सुपुर्द कर देना है। साथ ही जिला पूर्ति कार्यालय को प्रपत्रों को पांच साल तक सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया गया है।
बावजूद बुधवार को नगर के टाउन महाविद्यालय के पुराने कैश काउंटर के पास पांच बोरे में भरे हजारों राशन कार्ड फार्म तथा प्रपत्र लावारिस हालत में मिले।
प्रपत्रों को देखने से पता चलता है कि अधिकांश फार्म सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के हैं। लावारिस पाए गए कागजातों का गलत हाथ में जाने पर दुरुपयोग भी हो सकता है।
हालांकि लावारिस प्रपत्रों bको मिलने की सूचना के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे सीओ डीपी सिंह और चौकी प्रभारी संजीव दुबे ने प्रपत्रों को कब्जे में ले लिया।