बलिया: हिंयुवा कार्यकर्ता बंद पिजड़े के तोता, युवा पीढ़ी नशेड़ी होती जा रही- रामइकबाल
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भाजपा के पूर्व विधायक रामइकबाल का अपनी ही सरकार पर हमला तेज होता जा रहा है। इस बार उनके निशाने पर उनका पुतला फूंकने वाले हिंदू युवा वाहिनी (हिंयुवा) के कार्यकर्ता रहे। उन्होंने हिंयुवा कार्यकर्ताओं को बंद पिजड़े का तोता करार दिया। वहीं, संगठन को गैर संवैधानिक व विवेकहीन बताया।
बलिया में उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जिस मुख्यमंत्री का नाम लेकर मेरे पुतले फूंके गए हैं, उनकी मैं भी इज्जत करता हूं। पुतला दहन करने वाले लोग सरकार बदलते ही अपने गमछे का रंग भी बदल लेंगे।
पूर्व विधायक ने कहा कि सूबे में जब संत महात्मा की सरकार बनी तो मुझे अपेक्षा हुई कि अब यहां शराब नहीं बिकेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बल्कि 2200 नए लाइसेंस जारी कर दिए गए। शराब के चलते युवा पीढ़ी नशेड़ी होती जा रही है। भारतीय संस्कृति पर हमला हो रहा है। नशे से गरीब तबाह हो रहे हैं। यूपी सरकार को बिहार की नीतीश सरकार से सीख लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज तहसील और थाने भ्रष्टाचार के अड्डे बन गए हैं। स्वास्थ्य व शिक्षा गिर गई है। अधिकारी प्रदेश को लूट रहे हैं। मैं भ्रष्टाचार का विरोध करता हूं तो कुछ लोगों को परेशानी होने लगती है।
पूर्व विधायक ने कहा कि भाजपा सरकार में बसपा विधायक के मुकदमे को वापस ले लिया गया। यहीं नहीं उनकी फर्म को तीन हजार करोड़ का ठेका दे दिया गया है। वहीं हम और हमारे कार्यकर्ता फर्जी हत्या का मुकदमा लड़ रहे हैं। भाजपा-बसपा का यह रिश्ता क्या कहलाता है। हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं को आडे़ हाथों लेते हुए कहा कि किसानों, गरीबों, नौजवानों की समस्याओं के सवाल पर पुतला नहीं जलाते। जिनका वास्तव में पुतला फूंकना चाहिए उनकी चरण वंदना करते हैं। पूर्व विधायक ने प्रदेश में शराब बंदी किए जाने की मांग उठाई।