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मानसून की बेरुखी से चिंता में किसान
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
Updated Wed, 29 Jun 2016 11:23 PM IST
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बारिश न होने किसान चिंतित
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मानसून की बेरूखी ने किसानों को परेशानी में डाल दिया है। आर्द्रा नक्षत्र में किसान खरीफ की बुआई में जुट जाते हैं, लेकिन बारिश नहीं होने के चलते धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। मौसम विभाग पटना की माने तो जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही मानसून के सक्रिय होने की संभावना है।
पिछले दो वर्षों से सूखे की मार झेल रहे किसानों को इस साल अधिक बारिश होने का अनुमान था लेकिन शुरुआत में ही मानसून ने दगा दे दिया है। इधर उमस और गर्मी से लोग बेहाल हैं। 21 जून को मानसून के दस्तक देने के बाद हल्की बारिश जरूर हुई लेकिन उसके बाद मानसून के कमजोर पड़ने के कारण बारिश नहीं हो पा रही है।
खरीफ के खेती के लिए भी बारिश का ही इंतजार हो रहा है। किसानों की माने तो अधिकांश खेती बारिश पर ही निर्भर है। उधर, मौसम विभाग पटना के निदेशक एके सेन ने बताया कि मानसून अभी सक्रिय नहीं हुआ है। मानसून के सक्रिय होने में लगभग पांच दिन का समय लग सकता है।
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कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव के डा. वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि बारिश नहीं होने से धान की नर्सरी और रोपनी का कार्य जरूर प्रभावित हो रही है लेकिन खरीफ की खेती के लिए अभी पर्याप्त समय है।
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पिछले दो वर्षों से सूखे की मार झेल रहे किसानों को इस साल अधिक बारिश होने का अनुमान था लेकिन शुरुआत में ही मानसून ने दगा दे दिया है। इधर उमस और गर्मी से लोग बेहाल हैं। 21 जून को मानसून के दस्तक देने के बाद हल्की बारिश जरूर हुई लेकिन उसके बाद मानसून के कमजोर पड़ने के कारण बारिश नहीं हो पा रही है।
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खरीफ के खेती के लिए भी बारिश का ही इंतजार हो रहा है। किसानों की माने तो अधिकांश खेती बारिश पर ही निर्भर है। उधर, मौसम विभाग पटना के निदेशक एके सेन ने बताया कि मानसून अभी सक्रिय नहीं हुआ है। मानसून के सक्रिय होने में लगभग पांच दिन का समय लग सकता है।
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कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव के डा. वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि बारिश नहीं होने से धान की नर्सरी और रोपनी का कार्य जरूर प्रभावित हो रही है लेकिन खरीफ की खेती के लिए अभी पर्याप्त समय है।