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11 माह पहले किए गए वादे अब तक हैं अधूरे, सीएम के आगमन से कटान पीड़ितों को उम्मीदें

Sat, 25 Jul 2020 10:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2020 10:45 PM IST
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Promises made 11 months ago are still unfulfilled, expectations of Katan victims from arrival of CM
बैरिया। मुख्यमंत्री का आगमन जिले में करीब 11 माह बाद हो रहा है। सीएम के आगमन से ऐसे तो कईयों को काफी उम्मीदें हैं। लेकिन खासकर बाढ़ व कटान प्रभावित इलाके के लोगों की उम्मीदें जग गई है। लोगों को 11 माह पहले सीएम की ओर से की गई घोषणा पूरा होने को लेकर उम्मीदें लगी हैं क्योंकि बीते 11 माह में अधिकांश वादे पूरे नहीं हो सके।
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करीब 11 माह पहले 17 सितंबर 2019 को जब जिले में बाढ़ व कटान की स्थिति भयावह थी और दुबेछपरा-गोपालपुर रिंग बंधा टूटने से तबाही मची तो मुख्यमंत्री जायजा लेने के लिए पहुंचे। सीएम ने हवाई सवेक्ष्ण किया और इसके बाद उनका हेलीकॉप्टर दयाछपरा में उतरा। सीएम ने लोगों के बीच वादा किया आपको किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। यह आपसे उत्तर प्रदेश सरकार का वादा है। 12 घंटे के अंदर सभी पीडि़तों को जितना नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा का भुगतान किया जाएगा। पानी कम होने के बाद पक्का कटानरोधी कार्य कराकर गंगा की धारा को दूसरे तरफ मोड़ा जाएगा और इसमें जितना भी धन लगेगा वह उत्तर पदेश सरकार देगी। उन्होंने 200 बाढ़ पीडि़तों में राहत सामग्री वितरित किया। सीएम ने मंच से ही अधिकारियों को रिंग बंधा कटने से हुए नुकसान का मुआवजा 12 घंटे के भीतर पीडि़तों को देने का सख्त निर्देश देते हुए कहा था कि यह रिंग बंधा कैसे कट गया, इसकी जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। जनहित के मामले में किसी भी तरह की कोताही मुझे बर्दाश्त नहीं है। रिंग बंधे के कटने से नाराज मुख्यमंत्री के तेवर देख सभी अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए थे। इसके बाद सीएम ने बाढ़विभाग के अधीक्षण अभियंता को रिंग बंधे के फाइल के साथ लखनऊ तलब किया था। मुख्यमंत्री रिंग बंधे के कटने के 24 घंटे के भीतर ही जायजा लेने पहुंचे थे लिहाजा लोगों को भी उम्मीद थी इनके आदेशों पर तत्काल कार्रवाई होगी। लेकिन 11 माह बाद भी कटान पीडि़त मुआवजा के लिए भटक रहे हैं। आलम यह है कि केहरपुर, गोपालपुर व दुबेछपरा के कटान पीडि़त आज भी बंधे पर शरण लिए हुए हैं। गांवों को कटान से बचाने के लिए 10 करोड़ की लागत से पार्कोपाइन विधि से कटानरोधी कार्य कराया जा रहा है लेकिन अभी 25 फीसदी भी पूरा नहीं है। इसी तरह करीब 30 करोड़ की लागत से ड्रेजिंग कार्य भी शुरु है लेकिन यह कार्य भी मौके पर 30 फीसदी भी पूरा नहीं है। जबकि गंगा का जलस्तर काफी बढ़ चुका है और बाढ़ आने की भी संभावना जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि अगर यह सभी कार्य समय से पूरा हो गए होते तो बाढ़ व कटान से राहत मिलती। अब लोगों की निगाहें एक बार सीएम पर टिकी है कि जिले में आने के बाद इस ओर नजर दौड़ाएंगे। इतना ही नहीं करोड़ों खर्च के बावजूद दुबेछपरा रिंग बंधा टूटने के मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है, लिहाजा लोगों को उम्मीद है इसमें भी कोई कार्रवाई हो ताकि जिले में बाढ़ व कटान के नाम पर सालों से चल रहे खेल पर लगाम लग सके।
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कोरोना संक्रमण को लेकर लापरवाही की ओर भी पड़े निगाह तो मिले राहत
बलिया। जैसा कि बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री कोरोना संक्रमण को लेकर की गई तैयारियो का जायजा लेने पहुंच रहे हैं। लोगों की निगाहें इस ओर होंगी। कोरोना संक्रमण को लेकर बरती जा रही लापरवाही व अस्पतालों में खराब व्यवस्था को लेकर भर्ती मरीजों की ओर से कई बार वीडियो भी वायरल किया गया है। लोगों को उम्मीद है कि सीएम की निगाहें इस ओर भी जाएगी।
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सीमावर्ती इलाकों में हो रही तस्करी रुकने को लेकर भी लोगों की उम्मीदें
बलिया। जिले का प्रांतीय सीमावर्ती विभिन्न तस्करी के लिए कुख्यात हो चुका है। खासकर पशु, लाल बालू व अवैध शराब की तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही है। 10 दिनों पहले ही नरही थाना के कोरंटाडीह चौकी क्षेत्र का वीडियो ग्रामीणों ने वायरल किया था और मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजा था। लोगों की निगाहें इस ओर भी होंगी क्योंकि पशु तस्करी को लेकर सीएम कई बार निर्देश भी दे चुके हैं।
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