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मुफ्त में सिलेंडर देबे खातिर सोचलें इ बड़ी बात बा।
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 27 Apr 2016 10:06 PM IST
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नरेंद्र मोदी
- फोटो : Amar Ujala
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मोदी जी आप जनपद की गरीब जनता को मुफ्त गैस कनेक्शन, रेग्यूलेटर व चूल्हा देने आ रहे हैं। यह हम सबके लिए बहुत खुशी की बात है, लेकिन आर्थिक तंगी में जीवनयापन करने वाले हम लोग तब और खुश हो जाएंगे जब हमारे गैस सिलेंडर भरवाने का जुगाड़ भी करवा दें।
प्रधानमंत्री जी हम गरीबों के लिए छह सिलेंडर मुफ्त करवा दें तो वास्तव में बड़ा सहारा हो जाएगा। उनका कहना है कि ‘प्रधानमंत्री हमनी के मुफ्त में सिलेंडर देबे खातिर सोचलें इ बड़ी बात बा। एकर जितने तारीफ होखे कम बा’।
वे बीपीएल कार्डधारक , जो बमुश्किल दिन में एक ही बार लकड़ी आदि के सहारे चूल्हा जलाते हैं, एक मई को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर जनपदवासी खासे उत्साहित हैं। होना लाजमी भी है...बात देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्ज्वला जैसी अति महत्वाकांक्षी योजना के शुभारंभ की जो है।
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पीएम ने महर्षि भृगु व शहीदों की धरती को इसके लिए चुना है। पीएम के आने को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह उन गरीबों में देखने को मिल रहा है, जिसके घरों में अब चूल्हे पर नहीं, बल्कि गैस सिलेंडर से खाना बनेगा। इसके पहले वे सिलेंडर के बारे में कभी सोच भी नहीं सकते थे।
इन्हें एक तरफ राहत तो दूसरी तरफ मुसीबत दिखाई दे रही है। मुफ्त कनेक्शन, चूल्हा, रेग्यूलेटर तो मिल जाएगा, लेकिन कनेक्शन के बाद हर महीने वह सिलेंडर भरवाने के लिए पैसा किस फंडे से जुटाएंगे। इस बारे में नरहीं के डोमन खरवार का कहना है कि इधर-उधर से लकड़ी जुगाड़ कर किसी तरह घर में खाना बनता है। ‘अइसे में गैस कनेक्शन लेबे के बाद हम महीना में सिलेंडर कईसे भराइब, एहू खातिर मोदी जी कुछ करीं’।
बैरिया गांव के मोहन पटेल का कहना है कि ‘प्रधानमंत्री हमनी के मुफ्त में सिलेंडर देबे खातिर सोचलें इ बड़ी बात बा। एकर जितने तारीफ होखे कम बा’। लेकिन हम गरीबन के, जउन केहू तरह, दू बेरा के रोटी जुगाड़ेलन, हर महीना...दू महीना पर सिलेंडर कहां से भरवाइब। गड़वार के पप्पू गोंड का कहना है कि ‘गैस सिलेंडर त हम जइसन गरीबन के घरन में शोभा के चीजे बनके रही जाई’। वहीं नगर के सुशीला देवी का कहना है कि मोदी जी जब मुफ्त में सिलेंडर दे रहे हैं, तब छह सिलेंडर भी हम गरीबों के लिए मुफ्त भी कर दें, तभी इस योजना का लाभ हकीकत में मिल पाएगा।
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प्रधानमंत्री जी हम गरीबों के लिए छह सिलेंडर मुफ्त करवा दें तो वास्तव में बड़ा सहारा हो जाएगा। उनका कहना है कि ‘प्रधानमंत्री हमनी के मुफ्त में सिलेंडर देबे खातिर सोचलें इ बड़ी बात बा। एकर जितने तारीफ होखे कम बा’।
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वे बीपीएल कार्डधारक , जो बमुश्किल दिन में एक ही बार लकड़ी आदि के सहारे चूल्हा जलाते हैं, एक मई को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर जनपदवासी खासे उत्साहित हैं। होना लाजमी भी है...बात देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्ज्वला जैसी अति महत्वाकांक्षी योजना के शुभारंभ की जो है।
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पीएम ने महर्षि भृगु व शहीदों की धरती को इसके लिए चुना है। पीएम के आने को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह उन गरीबों में देखने को मिल रहा है, जिसके घरों में अब चूल्हे पर नहीं, बल्कि गैस सिलेंडर से खाना बनेगा। इसके पहले वे सिलेंडर के बारे में कभी सोच भी नहीं सकते थे।
इन्हें एक तरफ राहत तो दूसरी तरफ मुसीबत दिखाई दे रही है। मुफ्त कनेक्शन, चूल्हा, रेग्यूलेटर तो मिल जाएगा, लेकिन कनेक्शन के बाद हर महीने वह सिलेंडर भरवाने के लिए पैसा किस फंडे से जुटाएंगे। इस बारे में नरहीं के डोमन खरवार का कहना है कि इधर-उधर से लकड़ी जुगाड़ कर किसी तरह घर में खाना बनता है। ‘अइसे में गैस कनेक्शन लेबे के बाद हम महीना में सिलेंडर कईसे भराइब, एहू खातिर मोदी जी कुछ करीं’।
बैरिया गांव के मोहन पटेल का कहना है कि ‘प्रधानमंत्री हमनी के मुफ्त में सिलेंडर देबे खातिर सोचलें इ बड़ी बात बा। एकर जितने तारीफ होखे कम बा’। लेकिन हम गरीबन के, जउन केहू तरह, दू बेरा के रोटी जुगाड़ेलन, हर महीना...दू महीना पर सिलेंडर कहां से भरवाइब। गड़वार के पप्पू गोंड का कहना है कि ‘गैस सिलेंडर त हम जइसन गरीबन के घरन में शोभा के चीजे बनके रही जाई’। वहीं नगर के सुशीला देवी का कहना है कि मोदी जी जब मुफ्त में सिलेंडर दे रहे हैं, तब छह सिलेंडर भी हम गरीबों के लिए मुफ्त भी कर दें, तभी इस योजना का लाभ हकीकत में मिल पाएगा।