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Ballia News: इस वर्ष 500 हेक्टेयर अधिक रकबे में जायद की खेती बढ़ाने की तैयारी

Fri, 01 Mar 2024 02:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 01 Mar 2024 02:08 AM IST
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Preparation to increase Zaid cultivation in 500 hectares more area this year
बलिया। रबी की फसलें अब तैयार होने की कगार पर पहुंच गई हैं। अब कृषि विभाग की ओर से जायद खेती को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग की ओर से मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए फसलों के आच्छादन का दायरा 500 हेक्टेयर बढ़ाने की तैयारी है।
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रबी की फसलें गेहूं, मसूर, चना, मटर, जौ आदि के तैयार होने में अब एक से डेढ़ माह का समय है। अगेती दलहनी फसलें तो पकने भी लगी हैं। उधर, कृषि विभाग ने जायद की खेती को लेकर तैयारी भी शुरू कर दी है। ब्लॉकों आदि पर जायद गोष्ठियां भी की जा रही हैं। विभागीय अधिकारी के अनुसार जायद की अधिकांश फसलें मोटे अनाज की ही होती हैं। इस वर्ष करीब 500 हेक्टेयर अधिक रकबे में जायद फसलों की बोआई कराने के लिए विभाग की ओर से किसानों को जागरुक करने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है जायद फसलों की बोआई से जहां कम लागत में फसलें तैयार होती हैं और इससे किसानों को अच्छा मुनाफा होता है वहीं खेतों की मिट्टी की सेहत भी ठीक होती है। जायद फसलों की पत्तियां जैविक उर्वरा का काम करती हैं।
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किसानों को भी होती है परेशानी
जायद की फसलों के दौरान किसानों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गर्मी के दिनों में सिंचाई के लिए जूझना पड़ता है। जिन इलाकों में नहरें व सरकारी नलकूप आदि हैं वहां के किसान जायद की खेती से बचते हैं क्योंकि सिंचाई के लिए उन्हें डीजल चालित पंपों से सिंचाई करना काफी महंगा पड़ता है।
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वर्ष 2023-24 में जायद की स्थिति
फसल लक्ष्य हेक्टेयर में
मक्का 1443

मूंग 284
उर्द 12
सूरजमुखी 18
चेना सांवा 670

सब्जियां 2327
हरा चारा 210
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नए जायद सत्र में मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए जायद की खेती में बढ़ोतरी करने की तैयारी है। जायद खेती के लिए गोष्ठियां कर किसानों को जागरुक किया जा रहा है।
- डॉ तारकेश्वर, अपर जिला कृषि अधिकारी, बलिया।
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