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पीआरडी जवानों की ड्यूटी पर बजट का संकट

Thu, 25 Feb 2021 11:40 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 25 Feb 2021 11:40 PM IST
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PRD jawan in ballia
बलिया। जिले में कोरोना काल में पीआरडी जवानों की ड्यूटी में इजाफा हुआ तो इन जवानों को राहत मिली लेकिन अब पीआरडी जवानों की ड्यूटी पर अचानक ब्रेक लग जाने के कारण उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। जिले में हर महीने 238 पीआरडी जवानों की ड्यूटी अलग-अलग जगहों पर लगाई जाती थी। विभागीय अधिकारी की मानें तो बजट उपलब्ध न होने के कारण यह स्थिति आई है।
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युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विभाग की ओर से बतौर वालंटियर युवाओं की भर्ती तो की जाती है, लेकिन इनके रोजगार के माकूल इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिले में कुल 450 पीआरडी के जवानों में 55 महिला पीआरडी हैं। युवा कल्याण विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली ड्यूटी ही इनके रोजगार का मुख्य साधन हैं। युवा कल्याण विभाग की ओर से हर महीने 238 पीआरडी को ड्यूटी मुहैया कराई जाती है। इसमें 198 पीआरडी को अलग-अलग थाने पर और 40 पीआरडी को यातायात में तैनात किया जाता था।
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जिला युवा कल्याण विभाग में कुल 450 पीआरडी के जवान बतौर वालंटियर भर्ती हैं। विभागीय अधिकारी की मानें तो प्रत्येक पीआरडी जवान को विभाग की ओर से रोजगार देना संभव नहीं है। समय-समय पर विभिन्न कार्यों के लिए ड्यूटी निर्धारित की जाती है और इसके एवज में प्रतिदिन 375 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाता है। बताया कि विभागीय नियमानुसार एक पीआरडी जवान को ड्यूटी देने के तीन माह बाद ड्यूटी बदलने का प्रावधान है लेकिन अब इस पर भी ग्रहण लग गया है। बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण हर महीने उपलब्ध होने वाली ड्यूटी बंद हो गई है। इसके चलते पीआरडी जवानों के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है।
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सात साल से 37 जवानों का बकाया है 2.77 लाख रुपये
गैर विभागों की ओर से मांग प्राप्त होने पर पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई जाती है और इसके लिए संबंधित विभाग को प्रतिदिन 375 रुपये के हिसाब से भुगतान करना होता है, लेकिन कई विभाग उनके भुगतान को लेकर लापरवाही भी करते हैं। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित राजकीय महिला छात्रावास पर ड्यूटी करने वाली 37 महिला पीआरडी जवानों का भुगतान पिछले सात साल से अटका हुआ है। युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2015 से जवानों का भुगतान नहीं करने के कारण अगस्त 2017 से ड्यूटी बंद करनी पड़ी। 37 महिला पीआरडी जवानों का दो लाख 77 हजार 500 रुपये बकाया है। इस बाबत कई बार संबंधित विभाग के अधिकारी को अवगत कराया गया, लेकिन बजट नहीं होने की बात कर भुगतान नहीं किया जा रहा है।

बजट के अभाव में हर महीने लगने वाली 238 पीआरडी की ड्यूटी बंद कर दी गई है। इस बाबत शासन को पत्र भेजा गया है। बजट उपलब्ध होने के बाद फिर ड्यूटी लगाई जाएगी। - रामानुज यादव, जिला युवा कल्याण अधिकारी, बलिया
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