अधिकारों के लिए प्रधानों ने की महापंचायत
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इस मौके पर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी एवं विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिला प्रशासन प्रधानों की सभी जायज मांगों को मानेगा और थाने पर भी इनकी समस्याएं प्राथमिकता के साथ सुनी जाएंगी। प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष राधेश्याम यादव ने कहा कि प्रधान जिसकी चाहेंगे उसी की सरकार उप्र की गद्दी पर बैठेगी। प्रधानों की अनदेखी करने वाले सरकारों को सत्ता से हाथ धोना पड़ा है।
उन्होंने प्रधानों से संबंधित मांगपत्र पढ़कर सबको सुनाया। कहा कि सीधे जनता से चुनाव जीतकर प्रधान बनने वाले जनप्रतिनिधियों के अधिकारों पर कैंची चला दी जाती है। प्रधान संघ के मंडल अध्यक्ष विमल कुमार पाठक ने कहा कि जनपद ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के प्रधान एक जुट है। वह किसी भी सरकार को बनाने और बिगाड़ने का माद्दा रखते हैं।
प्रधानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो प्रधान अपनी ताकत दिखाने को मजबूर होंगे। संगठन के प्रदेश महासचिव त्रिलोकी नाथ पांडेय ने प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश्वर गिरी ने कहा कि प्रधान की सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। जिला उपाध्यक्ष स्मृति सिंह ने कहा कि प्रधान अपनी लड़ाई आखिरी मुकाम तक लड़ेंगे। प्रधान संघ के संरक्षक चंद्रकेश सिंह ने कहा कि प्रधान संगठन अपनी मांगों के लिए हमेशा संघर्ष करता रहा है और प्रधानों की जायज मांगें जरूर पूरी होनी चाहिए।
इस मौके पर घनश्याम पांडेय, नफीस अख्तर, अजीत यादव, बीटू मिश्र, मदन सिंह, मनीष पांडेय, मदन सिंह, कृपाशंकर तिवारी, विनोद सिंह, अभिजीत तिवारी, दीपक सिंह, मोहन दूबे, करूणेश सिंह, भवानी शंकर यादव, सुनील सिंह आदि रहे। अध्यक्षता राधेश्याम यादव तथा संचालन हरेराम राय ने किया।