{"_id":"67ee87470d02c603d1041b7d","slug":"portal-flooded-with-complaints-more-than-4000-cases-came-in-a-month-got-31st-place-in-ranking-2025-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News : पोर्टल पर शिकायतों की भरमार, एक माह में आएं 4000 से अधिक मामले, रैंकिंग में मिला 31 वां स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News : पोर्टल पर शिकायतों की भरमार, एक माह में आएं 4000 से अधिक मामले, रैंकिंग में मिला 31 वां स्थान
Thu, 03 Apr 2025 06:34 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Thu, 03 Apr 2025 06:34 PM IST
सार
जनवरी माह में शिकायतों के निस्तारण में जिला प्रदेश रैकिंग में रहा 31 वें स्थान पर रहा। अब पोर्टल पर शिकायतों की भरमार देखने को मिल रही है। राजस्व, पेंशन, अपराध व ग्राम पंचायतों के विकास से संबंधित अधिक शिकायतें आई हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूपी जनसुनवाई पोर्टल और 1076 सीएम हेल्पलाइन नंबर पर जन शिकायतों की भरमार रहती है। संबंधित अधिकारियों को इसका निस्तारण भी समय सीमा के अंदर ही करना होता है। जिले में सबसे राजस्व, पेंशन, अपराध व स्वास्थ्य विभाग से संबंधित अधिक मामले आते हैं।
विज्ञापन
आनलाइन शिकायत करते ही निस्तारण के लिए संबंधित विभाग के नीचे के अधिकारी के पास चला जाता है। निस्तारण होने पर वहां से जिला स्तर पर आता है। जनसुनवाई व हेल्पलाइन नंबर पर आने वाले मामलों के निस्तारण में जिला जनवरी माह में जिला प्रदेश में 31 वें नंबर रहा। इस माह में विभिन्न विभागों की शिकायतों की संख्या लगभग 4007 रहीं।
विज्ञापन
पोर्टल या 1076 पर शिकायत करते ही वह संबंधित विभाग के अधिकारी के पास चल जाता है। इसमें सबसे अधिक राजस्व के मामले में होते है। इसके अलावा वृद्धा, विधवा, दिव्यांग, अपराध व स्वास्थ्य विभाग के मामले हैं। न्यायालय में लंबित जमीनी विवाद के निस्तारण से सबसे अधिक लोग असंतुष्ट होते है।
विज्ञापन
गांव के नाली, साफ-सफाई व विकास संबंधित मामलों में लोग कई बार शिकायत करते हैं। जिम्मेदार के निस्तारण के बाद भी दोबारा भी लोग असंतुष्ट होते हुए शिकायत दर्ज कराते हैं। कई मामले में अधिकारी विभाग की कमियों को छिपाने के लिए निस्तारण कागजी कोरम तक ही करते है।
ऐसे में शिकायत करने वाले 40 प्रतिशत अधिकारियों के निस्तारण से हमेशा असंतुष्ट रहते हैं। जमीन हकीकत पर गौर किया जाय तो कई शिकायतें ऐसी होती है जिसका समाधान त्वरित होना आसान नहीं है। कई मामले में धरातल पर भी निस्तारण होता है लेकिन अधिकांश में कागजों पर ही निपटारा हो रहा है।
नए शासनादेश में शिकायतकर्ताओं से लिया जाएगा फीडबैक
प्रदेश सरकार ने जनसुनवाई-समाधान प्रणाली (आईजीआरएस) को प्रभावी बनाने के लिए शासनादेश जारी किया है। इसमें में आईजीआरएस प्रणाली से जुड़े नए दिशा-निर्देश दिए गए है। आईजीआरएस प्रणाली में शिकायतों के निस्तारण के लिए नए मानक तय किए गए हैं।
इसके तहत शिकायतकर्ताओं से फ़ीडबैक लिया जाएगा और उसी के आधार पर शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा। शासनादेश के तहत, शिकायतों के निस्तारण में तत्परता और गुणवत्ता पर ज़्यादा ध्यान दिया जाएगा। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई भी होगी।
अधिकारी भी फोन करके शिकायतकर्ताओं से निस्तारण की संतुष्टि व असंतुष्टि को परखेंगे। स्थलीय निरीक्षण के बाद ही जिम्मेदारी शिकायतों का निस्तारण करेंगे।
जनसुनवाई पोर्टल और 1076 सीएम हेल्पलाइन नंबर पर एक माह के अंदर निस्तारित करना होता है। संबंधित विभाग को निर्धारित समय के अंदर धरातल पर जाकर निस्तारण के निर्देश दिए गए है। हमेशा इसकी समीक्षा भी होती है। प्रदेश स्तर पर तहसील बलिया शीर्ष पर रहा।-राजेश कुमार गुप्ता, एसडीएम नमामि गंगे।