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देर शाम तक सजते रहे पूजा पंडाल
ballia
Updated Sun, 21 Jan 2018 11:21 PM IST
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मां सरस्वती की प्रतिमा को अंतिम रुप देता मूर्तिकार डिग्री प्रसाद।
- फोटो : अमर उजाला
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सरस्वती पूजनोत्सव को लेकर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में तैयारी जोरों पर रही। सोमवार को होने वाले पर्व पर कई जगह प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए देर शाम तक प्रतिमाएं पंडालों में पहुंचती रहीं। रविवार को मूर्तिकार मूर्तियों को अंतिम रुप देने में लगे रहे। उधर विभिन्न समितियों के पंडालों में भी सजावट का काम जारी रहा। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले के 22 थाना अंतर्गत 587 स्थानों पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
बसंत पंचमी सोमवार को है। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों तथा विभिन्न समितियों द्वारा स्थापित पंडालों में मां सरस्वती की पूजा की जाएगी। वहीं शिक्षण संस्थानों में भी विद्यार्थी मां सरस्वती के पूजन को लेकर काफी उत्साहित है। देर शाम तक विभिन्न समितियों द्वारा जोर-शोर से तैयारी की जाती रही। जबकि प्रतिमाओं को पंडालों में पहुंचाने का क्रम जारी रहा। इसके साथ ही पूजा आदि के साथ ही पंडाल की सजावट में लोग जुटे रहे।
पुलिस विभाग के आकड़ों पर गौर करें तो जनपद के 22 थाना अंतर्गत कुल 587 स्थानों पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित होगी। जिसमें शहर कोतवाली में 77, दुबहर में 25, गड़वार में 42, सुखपुरा में 19, फेफना में बांसडीह में 27, बांसडीहरोड में 18, सहतवार में 58, मनियर में 11, बैरिया में 40, दोकटी में 17, रेवती में 36, हल्दी में 37, फेफना में 25, नरहीं में 12, चितबड़ागांव में 26, खेजुरी में 15, पकड़ी में 14, रसड़ा में 17, नगरा में 27, भीमपुरा में 09, सिकंदरपुर में 18 मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित करेंगी। इस प्रकार कुल 587 प्रतिमाएं स्थापित होंगी।
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उधर जिलाधिकारी सुरेद्र विक्रम ने मां सरस्वती की प्रतिमाओं को विसर्जन करने के लिए उप जिला मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट व थानाध्यक्षों को उच्च न्यायालय का हवाला दिया है। कहा कि न्यायालय के आदेशानुसार अपने-अपने क्षेत्र में इसके लिए वह स्थानों को चिह्नित कराएं और उसी स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन कराएं।
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बसंत पंचमी सोमवार को है। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों तथा विभिन्न समितियों द्वारा स्थापित पंडालों में मां सरस्वती की पूजा की जाएगी। वहीं शिक्षण संस्थानों में भी विद्यार्थी मां सरस्वती के पूजन को लेकर काफी उत्साहित है। देर शाम तक विभिन्न समितियों द्वारा जोर-शोर से तैयारी की जाती रही। जबकि प्रतिमाओं को पंडालों में पहुंचाने का क्रम जारी रहा। इसके साथ ही पूजा आदि के साथ ही पंडाल की सजावट में लोग जुटे रहे।
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पुलिस विभाग के आकड़ों पर गौर करें तो जनपद के 22 थाना अंतर्गत कुल 587 स्थानों पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित होगी। जिसमें शहर कोतवाली में 77, दुबहर में 25, गड़वार में 42, सुखपुरा में 19, फेफना में बांसडीह में 27, बांसडीहरोड में 18, सहतवार में 58, मनियर में 11, बैरिया में 40, दोकटी में 17, रेवती में 36, हल्दी में 37, फेफना में 25, नरहीं में 12, चितबड़ागांव में 26, खेजुरी में 15, पकड़ी में 14, रसड़ा में 17, नगरा में 27, भीमपुरा में 09, सिकंदरपुर में 18 मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित करेंगी। इस प्रकार कुल 587 प्रतिमाएं स्थापित होंगी।
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उधर जिलाधिकारी सुरेद्र विक्रम ने मां सरस्वती की प्रतिमाओं को विसर्जन करने के लिए उप जिला मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट व थानाध्यक्षों को उच्च न्यायालय का हवाला दिया है। कहा कि न्यायालय के आदेशानुसार अपने-अपने क्षेत्र में इसके लिए वह स्थानों को चिह्नित कराएं और उसी स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन कराएं।