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किसान बनेंगे उद्यमी, पीएम की घोषणा से किसानों में खुशी लेकिन सिस्टम पर उठा रहे सवाल

Mon, 10 Aug 2020 09:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2020 09:36 PM IST
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Pleased with the initiative to make farmers entrepreneurs, said- system should be transparent
बलिया। प्रधानमंत्री ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत एक लाख करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा कर किसानों को उद्यमी बनाने की पहल की है। इसके तहत किसानों को मिलने वाले धन पर तीन प्रतिशत ब्याज की छूट मिलेगी। इसको लेकर किसानों ने खुशी जताई है लेकिन यह भी कहा है कि व्यवस्था में पारदर्शिता होनी चाहिए ताकि इसका लाभ उद्यम करने वाले किसानों को आसानी से मिल सके।
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किसानों का कहना है कि किसी भी उद्योग को स्थापित करने में बैंकों की भूमिका अहम होती है लेकिन इसको लेकर बैंक गंभीर नहीं होते हैं ऐसे में यह योजना कितनी परवान चढ़ेगी यह तो भविष्य बताएगा। छोटे उद्योग धंधे के लिए ऋण लेने के लिए लोग खादी ग्रामोद्योग व जिला उद्योग केंद्र में आवेदन करते हैं लेकिन अधिकांश फाइलें संबंधित विभाग के दफ्तर से बैंकों के बीच चक्कर काट कर ठंडे बस्ते में चली जाती हैं। हालांकि कोरोना काल के बाद परिस्थितियां बदली हैं। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक राजीव पाठक ने कहा कि अब ग्रहण छंटने लगा है। जिले में चार उद्योग स्थापित करने की कवायद अंतिम दौर में है। अब तक जिले में इसमें दो आयरन मिल, एक मुर्गी दाना मिल व एक एलईडी बल्ब यूनिट है। इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग, पशुपालन, मछली पालन, डेयरी उद्योग, ईंट भट्ठा उद्योग, कोल्ड स्टोरेज आदि पहले से हैं। अब प्रधानमंत्री ने खासकर पशुपालन को लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमई) में लाने का फैसला किया है तो इससे किसानों को बहुत बड़ा फायदा होगा। नई घोषणा के लागू होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
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1.5 फीसदी किसान ही हैं उद्यमी
बलिया। जिले में कुल किसानों की संख्या 3.80 लाख है। इसके सापेक्ष गिनती के ही किसान उद्यमी बन सके हैं। जिले में सभी प्रकार के उद्यमों को देखें तो कुल 4632 किसान ही ऐसे हैं जो कृषि से जुड़े उद्यम या अन्य छोटे उद्योग धंधे में हैं। इसमें पशुपालन, डेयरी उद्योग, मछली पालन, मुर्गी फार्म, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग आदि के साथ ही अन्य छोटे उद्योग हैं। जिले के 210013 किसान केसीसी धारक हैं।
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-कोट
- प्रधानमंत्री की ओर से किसानों को उद्योग लगाने के लिए छूट देने की घोषणा तो सराहनीय है। इसे ठीक ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी सरकारी तंत्र की है जो किसानों की सुनते ही नहीं। किसानों को केसीसी के लिए महीनों तक बैंकों का चक्कर लगाना पड़ता है।- चौधरी रामजी राय, कोटवां नारायनपुर।
- किसानों की आय बढ़ाने को लेकर पीएम की ओर से की गई घोषणा अच्छी है। छूट मिलने से अब किसान भी उद्योग लगाने के लिए उत्सुक होंगे। अधिकारियों का रवैया सकारात्मक होने पर इसका लाभ मिल सकेगा।- शंकर राय, कोटवां नारायनपुर, बलिया।
- किसान दशकों से आर्थिक तंगी झेलते आ रहे हैं ऐसे में पीएम की यह पहल सराहनीय है। किसानों को इसका लाभ तभी मिलेगा जब सरकार लगातार इसकी मॉनीटरिंग करे। - ओमप्रकाश राय उर्फ नंदू, सोहांव, बलिया।

- कई वर्षों से पशुपालन व डेयरी उद्योग से जुड़ा हूं। इसको स्थापित करने के लिए वर्षों मशक्कत करनी पड़ी थी। उद्योग में किसानों को छूट देने की पीएम की ओर से की गई घोषणा सराहनीय है। अगर बैंकों ने मनमानी नहीं की तो किसानों को काफी फायदा होगा।- बृजभूषण राय उर्फ नथुनी, सोहांव, बलिया।
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