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Ballia News: 16 वार्डों में नाले से गुजरी पाइप लाइन, दूषित पानी से 10 हजार लोग प्रभावित

Mon, 05 Jan 2026 11:35 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 11:35 PM IST
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Pipelines run through drains in 16 wards, affecting 10,000 people due to contaminated water.
जिला अस्पताल में नाली से होकर गुजरता पाइप लाइन।।संवाद
बलिया। इंदौर में दूषित जलापूर्ति से 15 लोगों की मौत के बाद शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। शहर, कस्बे व गांवों में पानी सप्लाई करने वाले जिम्मेदारों को भी इंदौर की घटना से सबक लेने की जरूरत है। शहर के 25 में 16 वार्डों में पुरानी पाइप लाइन से पानी की सप्लाई की जाती है। पाइप लाइन गंदे नालों से होकर गुजर रही है। पाइप लाइन वर्षों पुरानी होने से लीकेज से इन्कार नहीं किया जा सकता है। समय से लीकेज की मरम्मत न होने से दूषित जल सीधे घरों में पहुंचता है। इससे करीब 10 हजार लोग प्रभावित हैं।
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सोमवार को शहर के अलग-अलग क्षेत्र में पाइप लाइन की पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आ गई। गंदे स्थानों से होकर गुजरी पाइप लाइन से शुद्ध जल मिलना कितना संभव है, इसका अंदाजा स्वत: ही लगाया जा सकता है।
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शहर के 25 वार्डाें में पड़ताल के दौरान पता चला कि लोगों को नगर पालिका की ओर मिल रहे पानी की शुद्धता पर विश्वास नहीं है। ज्यादातर लोग पानी खरीदकर पीते हैं। जो लोग थोड़ा संपन्न है, उन्होंने सबमर्सिबल और आरओ मशीन लगवा ली है। जो लोग शुद्ध पेयजल के लिए रकम खर्च नहीं कर सकते हैं, वे ही मजबूरी में नगर पालिका की आपूर्ति का पानी पीते हैं। नगर के आनंद नगर, जापलिनंगज, चौक, जापलिंगंज, बेदुआ, अस्पताल, गुदरी बाजार, जगदीशपुर, पुलिस लाइन सहित अन्य मोहल्ले में पुरानी पाइप लाइन से घरों को पानी की सप्लाई होती है। नगरपालिका अधिकारियों का दावा है कि शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाती है, लेकिन यह शुद्ध पेयजल घर तक शुद्ध पहुंचे, इसकी गारंटी नहीं है। मेन लाइन से घरों तक जाने वाली लाइन नाले व नालियों से होकर गुजरती है। जगह-जगह पाइप लाइन लीक होने से घर तक पहुंचने वाले पानी की शुद्धता कैसे बनी रहेगी। सात से आठ मोहल्ले में नई पाइप लाइन से पानी की सप्लाई होती है। इससे आने वाले पानी को लोगों ने शुद्ध बताया।
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21 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन से होती है आपूर्ति

शहर में वाटर सप्लाई की 21 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई गई है। सरकारी कार्यालय व आवासों को छोड़ घरेलू और सार्वजनिक कुल 8,528 कनेक्शन हैं। नगर के बनकटा, काजीपुरा, सतनी सराय, भृगु आश्रम, बेदुआ नई बस्ती, एनसीसी तिराहा मोहल्ले में नया बोरिंग होेने से पाइप लाइन कनेक्शन नया हुआ है। शहर में चार ओवरहेड टैंक और 18 ट्यूबवेल से नगरवासियों को पानी की सप्लाई होती है। अधिकारियों ने बताया कि सभी पानी टंकी व ट्यूबवेल में क्लोरीनेशन होता है। रोजाना दो से तीन लीकेज की शिकायत पर मरम्मत कार्य होता है। बिल के रूप में 52.50 पैसा प्रतिमाह लगता है। आमजन को शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए हर संभव प्रयास जारी है। पानी टंकी कार्यालय में गर्मी के दिनों में पानी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए नया बोरिंग का काम चल रहा है।
केस 01 : एसपी कार्यालय तिराहा से टैगोर नगर व पुलिस लाइन कर्मचारी आवास जाने वाली पाइप लाइन में लीकेज हैं। सप्लाई बंद होने से गंदा पानी वापस पाइप लाइन में चला जाता है, जो घरों में जाता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी मरम्मत नहीं हो सकी है।
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केस 02 : जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर के पास गंदी नाली के बीच से पानी सप्लाई की पाइप लाइन गुजरी है। पाइप में कई जगह जॉइंट है, जहां से पानी लीकेज होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। यही हाल चिकित्सक आवासों का है।
केस 03 : जापलिनगंज मोहल्ले में कई घरों को जाने वाली पाइप लाइन नाले के गंदे पानी से होकर गुजर रही है। कई स्थानों पर लाइन में लीकेज भी है। मोहल्लेवासियों ने बताया कि शिकायत करने के बावजूद मिस्त्री जल्द मरम्मत करने नहीं आते हैं।
केस 04 : बेदुआ बंधा पर कई स्थानों पर पानी सप्लाई के पाइप में लीकेज है। 100 मीटर के अंदर करीब आठ से दस जगह लीकेज है। सप्लाई चालू होने पर पानी से गड्ढा भर जाता है और सप्लाई बंद होने से वापस पानी पाइप से लोगों के घरों तक पहुंचता है, जो शुद्ध नहीं रह जाता है।

शहर में अंडरग्राउंड पाइप लाइन से पानी की सप्लाई होती है, जो पूरी तरह से सुरक्षित है। सीवर लाइन अभी चालू नहीं हुई है। इसलिए पानी सप्लाई में गंदा पानी की सप्लाई की समस्या का होना यहां संभव नहीं। जलकल की टीमें लगातार लीकेज जांच करती है। क्लोरीनेशन कर घरों में पानी सप्लाई की जाती है। --- कौशल कांत सिंह, जलकल, जेई।
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