फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Pharmacists are well treated

फार्मासिस्ट ही कर रहे हैं इलाज

Sun, 26 Jul 2015 10:03 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया Updated Sun, 26 Jul 2015 10:03 PM IST
विज्ञापन
Pharmacists are well treated
विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के करन छपरा गांव स्थित न्यू पीएचसी पर मरीजों का इलाज भगवान भरोसे हो रहा है। यहां फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय लोगों का इलाज करते हैं। यहां सुविधाओं का पूरी तरह टोटा है। हालात यह है कि मरीजों का इलाज जमीन पर लेटाकर किया जा रहा है।
विज्ञापन

 सुविधाओं के अभाव की शिकायत कई बार जनप्रतिनिधियों के अलावा संबंधित उच्चाधिकारियों से की गई लेकिन आज तक किसी के कानों पर जू तक नहीं रेंगा। एक दशक पूर्व करनछपरा गांव में न्यू पीएचसी का संचालन निजी भवन में संचालित होती थी। लेकिन तत्कालीन विधायक भरत सिंह ने जल्द ही काफी प्रयास के बाद न्यू पीएचसी के लिए सरकारी भवन का निर्माण शुरू करा दिया। लेकिन एक दशक बाद भी वह भवन पूरा नहीं हो सका। विभाग ने अर्द्धनिर्मित भवन में ही न्यू पीएचसी का संचालन शुरू करा दिया। जहां पानी, बिजली, दवाई, बेड, का अभाव तो है। साथ ही यहां पहुंचने के लिए कोई रास्ता भी नहीं है।
विज्ञापन

यही नहीं निर्माणाधीन न्यू पीएचसी पर दो वार्ड ब्वाय, एक स्वीपर के साथ एक फार्मासिस्ट की भी नियुक्ति है। ग्रामीणों की माने तो न्यू पीएचसी पर तैनात एक वार्ड ब्वाय हर समय अनुपस्थित रहता है। जबकि चिकित्सक न्यू पीएचसी पर उपलब्ध ही नहीं है। फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय के प्रतिदिन 40 से 50 मरीजों का इलाज बेड के अभाव में जमीन पर करते हैं। धतुरी टोला, रामनगर, सेवक टोला, प्रीतमछपरा, डोमनराय के टोला, नवका गांव, नेकाराय के टोला, श्रीपतपुर, नौरंग सिंह के टोला के ग्रामीणों ने न्यू सीएचसी की दुरुस्त करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed