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जाम में फंसे रहे लोग
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Mon, 16 Nov 2015 11:47 PM IST
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सोमवार को डाला छठ की बाजार में चाहकर भी कोई जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। दस मिनट का रास्ता तय करने में बाइक और रिक्शा सवारों को एक-एक घंटे लग गए। क्रासिंग बंद होने के बाद तो स्थिति और भी खराब होती गई। कचहरी से शहर आने के लिए लोगों ने पुल का सहारा लिया। पूरा शहर रेंगता नजर आया।
सूर्योपासना का पर्व आते ही नगर में नो इंट्री की जगह छोटे-बड़े सभी वाहनों को आने की छूट दे दी गई है। बिना किसी बाईपास वाले वाले शहर में जाम की समस्या हमेशा लोगों के लिए सिरदर्द बनी रहती है। त्योहार पर भी नो इंट्री का कड़ाई से पालन न होने के कारण जाम की समस्या इस कदर बढ़ गई थी कि लोग पूरे दिन परेशान रहे।
बाजार में पैदल चलना भी मुश्किल था। सबसे खराब स्थिति बाइक और साइकल सवारों की थी। नगर के चित्तू पांडेय चौराहा, गुदरी बाजार, कदम चौराहा, शहीद चौक, सिनेमा रोड, कचहरी, मिड्ढी चौराहा, स्टेशन-चौंक रोड, सहित अन्य मार्गो पर जाम के झाम से कराहते रहे। भारी व छोटे वाहन जहां-तहां खड़े रहे। पूरे दिन यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस कर्मियों को पसीना बहाना पड़ा।
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सूर्योपासना का पर्व आते ही नगर में नो इंट्री की जगह छोटे-बड़े सभी वाहनों को आने की छूट दे दी गई है। बिना किसी बाईपास वाले वाले शहर में जाम की समस्या हमेशा लोगों के लिए सिरदर्द बनी रहती है। त्योहार पर भी नो इंट्री का कड़ाई से पालन न होने के कारण जाम की समस्या इस कदर बढ़ गई थी कि लोग पूरे दिन परेशान रहे।
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बाजार में पैदल चलना भी मुश्किल था। सबसे खराब स्थिति बाइक और साइकल सवारों की थी। नगर के चित्तू पांडेय चौराहा, गुदरी बाजार, कदम चौराहा, शहीद चौक, सिनेमा रोड, कचहरी, मिड्ढी चौराहा, स्टेशन-चौंक रोड, सहित अन्य मार्गो पर जाम के झाम से कराहते रहे। भारी व छोटे वाहन जहां-तहां खड़े रहे। पूरे दिन यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस कर्मियों को पसीना बहाना पड़ा।
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