Ballia: ट्रेन से गिरे यात्री का स्टेशन पर कराहते हुए निकल गया दम, तीन घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस
बलिया जिले के सुरेमनपुर स्टेशन पर सोमवार को ट्रेन गिरकर एक युवक बुरी तरह घायल हो गया। वह एंबुलेंस के लिए प्लेटफॉर्म पर तड़पता रहा। तीन घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची, तब तक युवक की मौत हो चुकी थी।
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यूपी के बलिया जिले के सुरेमनपुर स्टेशन पर सोमवार को ट्रेन से एक युवक गिरकर प्लेटफॉर्म की दीवार और ट्रैक के बीच में फंस गया। यात्रियों के मदद से बुरी तरह घायल युवक को किसी तरह ट्रैक से बाहर निकाल लिया गया। वह एंबुलेंस के लिए प्लेटफॉर्म पर तड़पता रहा। तीन घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची। तब तक युवक की मौत हो चुकी थी।
सोनू प्रसाद (25) पुत्र भरत प्रसाद ग्राम खिरवा पोस्ट कौड़िया जिला सिवान (बिहार) उत्सर्ग एक्सप्रेस से कहीं से छपरा जा रहा था। सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से गिरकर युवक प्लेटफॉर्म की दीवार व ट्रैक के बीच चला गया। यात्रियों ने किसी तरह ट्रेन रुकवाई। मौके पर जीआरपी और आरपीएफ के सिपाही भी पहुंच गए। लोगों के सहयोग से उसे ट्रैक से निकालकर प्लेटफॉर्म पर लाया गया।
जेब में मिले आधार कार्ड से हुई शिनाख्त
जीआरपी और आरपीएफ के सिपाही घायल सोनू प्रसाद को अस्पताल पहुंचाने के लिए कई बार टोल फ्री 108 नंबर पर एंबुलेंस के लिए फोन किया। जीआरपी में तैनात रामरक्षा यादव ने बताया कि फोन करने के लगभग तीन घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। जब एंबुलेंस पहुंची तब तक सोनू की मौत हो चुकी थी।
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उसे उठाकर सिपाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा ले गए। उसकी मौत की पुष्टि चिकित्सकों ने कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए जीआरपी बलिया ले गई। उसके जेब में मिले आधार कार्ड के पते पर परिजनों को जीआरपी ने सूचना भी भेज दी।
बार-बार फोन करने पर भी हुई देर
जीआरपी जवान रामरक्षा यादव ने बताया कि 108 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस भेजने के लिए कहा। फोन रिसीव करने वाली कोई महिला थी। कई बार फोन किया, हर बार एंबुलेंस वाले का नंबर दे रही थीं, लेकिन एंबुलेंस नहीं आ रही थी। ऐसे में उक्त महिला से फोन पर हॉट टॉक भी हुई। प्लेटफॉर्म पर यात्री भी नाराज हो रहे थे। अंत में लखनऊ से मुरलीछपरा अस्पताल पर खड़ी एंबुलेंस के ड्राइवर का नंबर दिया गया। एंबुलेंस करीब साढ़े दस बजे के बाद पहुंची। तब हम लोग अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, 108 एंबुलेंस प्रभारी प्रभाकर यादव ने कहा कि 9.40 पर ड्राइवर को फोन आया था। 10.15 पर एंबुलेंस पहुंच गई थी।