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शासन ने मानी परिचारकों की ग्रेच्युटी की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Mon, 23 May 2016 09:53 PM IST
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उप्र सीनियर बेसिक शिक्षा संघ की बैठक जिला सहकारी बैंक के हाल में सोमवार को हुई। इसमें संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह ने बताया कि शासन ने परिचारकों को ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग मान लिया है। संघ 2006 के अनुदानित सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक कर्मचारियों के पेंशन के लिए संघर्ष कर रहा है ।
सभी शिक्षकों के माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की भांति सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों को भी शतप्रतिशत प्रोन्नति वेतनमान सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा है। केंद्र सरकार ने प्राथमिक शिक्षा के मद में एकीकृत बाल विकास के अंशदान में भारी कटौती की है।
जिसके चलते शिक्षा जगत में इसका दुष्प्रभाव पड़ा है। कहा कि प्रदेश की सरकार ने भी शिक्षकों की समस्याओं के लिए बार-बार वादाखिलाफी की है। जिससे शिक्षकों का 2006 से पेंशन बाधित है। कहा कि प्रदेश संगठन ने 500 मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अनुदान सूची में लाने के लिए शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया है।
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बैठक में मुख्य रूप से सुरेंद्र सिंह, संतोष पांडेय, चंद्रमा राम, परमात्मा सिंह, ओमप्रकाश यादव, जयबहादुर सिंह, राजेंद्र यादव, गीता राय, पुष्पा कुमार, जयप्रकाश शुक्ला आदि ने संबोधित किया।
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सभी शिक्षकों के माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की भांति सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों को भी शतप्रतिशत प्रोन्नति वेतनमान सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा है। केंद्र सरकार ने प्राथमिक शिक्षा के मद में एकीकृत बाल विकास के अंशदान में भारी कटौती की है।
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जिसके चलते शिक्षा जगत में इसका दुष्प्रभाव पड़ा है। कहा कि प्रदेश की सरकार ने भी शिक्षकों की समस्याओं के लिए बार-बार वादाखिलाफी की है। जिससे शिक्षकों का 2006 से पेंशन बाधित है। कहा कि प्रदेश संगठन ने 500 मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अनुदान सूची में लाने के लिए शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया है।
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बैठक में मुख्य रूप से सुरेंद्र सिंह, संतोष पांडेय, चंद्रमा राम, परमात्मा सिंह, ओमप्रकाश यादव, जयबहादुर सिंह, राजेंद्र यादव, गीता राय, पुष्पा कुमार, जयप्रकाश शुक्ला आदि ने संबोधित किया।