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पारा 43 पर... मजबूरी पर स्कूल जाने की
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 18 May 2016 09:22 PM IST
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सूर्य
- फोटो : अमर उजाला
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तेज धूप से एक तरफ जनजीवन पूरी तरह से प्रभवित हो गया है। इसका सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। लेकिन अभी स्कूलों के बंद न होने से तेज धूप में उन्हें लौटना पड़ रहा है। हालांकि कड़ी धूप और गर्मी को देखते हुए भले ही स्कूलों का समय सात से ग्यारह कर दिया गया है।
सात बजे स्कूल जाते समय तो बहुत नहीं खलता लेकिन स्कूल से वापसी के दौरान की तपिश बच्चों को झुलसा रही है। बच्चों को घर पहुंचने में 12 तक बज जाते हैं जब लू भी चल रही होती है और धूप भी चरम पर पहुंच चुका होता है। ऐसे स्कूलों के बंद न होने से अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने को मजबूर हैं।
कई दिनों से गर्मी सितम ढा रही है। आलम यह है कि आदमी और पशु-पक्षी एक ही छांव में सिमटे नजर आ रहे हैं। सुबह नौ बजे के बाद लोग घर से निकलना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। ऐसे में दोपहर भर सड़कें सूनी हो जा रही हैं। वहीं स्कूलों के बंद न होने से बच्चों को स्कूल जाने की मजबूरी है।
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प्रशासन और स्कूल प्रबंधन भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित होने की बात तो मान रहा लेकिन स्कूलों के बंद होने की घोषणा नहीं कर रहा। छोटे बच्चों के और कुछ निजी स्कूल जरूर बंद हैं लेकिन अधिकांश स्कूल खुले हुए हैं। परिषदीय विद्यालय तो शत प्रतिशत खुले हैं।राकेश सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा स्कूल बंद करने का कोई निर्देश नहीं है। 20 मई को रिजल्ट वितरण के बाद स्कूल आम तौर पर बंद हो जाते हैं। लेकिन अब नए आदेश के तहत 20 मई के बाद भी स्कूल खुले रहेंगे। बच्चे केवल मध्यान्ह भोजन के लिए आएंगे।
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सात बजे स्कूल जाते समय तो बहुत नहीं खलता लेकिन स्कूल से वापसी के दौरान की तपिश बच्चों को झुलसा रही है। बच्चों को घर पहुंचने में 12 तक बज जाते हैं जब लू भी चल रही होती है और धूप भी चरम पर पहुंच चुका होता है। ऐसे स्कूलों के बंद न होने से अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने को मजबूर हैं।
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कई दिनों से गर्मी सितम ढा रही है। आलम यह है कि आदमी और पशु-पक्षी एक ही छांव में सिमटे नजर आ रहे हैं। सुबह नौ बजे के बाद लोग घर से निकलना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। ऐसे में दोपहर भर सड़कें सूनी हो जा रही हैं। वहीं स्कूलों के बंद न होने से बच्चों को स्कूल जाने की मजबूरी है।
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प्रशासन और स्कूल प्रबंधन भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित होने की बात तो मान रहा लेकिन स्कूलों के बंद होने की घोषणा नहीं कर रहा। छोटे बच्चों के और कुछ निजी स्कूल जरूर बंद हैं लेकिन अधिकांश स्कूल खुले हुए हैं। परिषदीय विद्यालय तो शत प्रतिशत खुले हैं।राकेश सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा स्कूल बंद करने का कोई निर्देश नहीं है। 20 मई को रिजल्ट वितरण के बाद स्कूल आम तौर पर बंद हो जाते हैं। लेकिन अब नए आदेश के तहत 20 मई के बाद भी स्कूल खुले रहेंगे। बच्चे केवल मध्यान्ह भोजन के लिए आएंगे।