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धान खरीद: फिर बदला नियम, केद्रों पर मनमानी से किसान परेशान
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बलिया। जिले में धान खरीद पूरी तरह मजाक बन कर रह गया है। उधर, रोज नियमों में बदलाव के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को एक बार फिर नियम में बदलाव करते हुए ऑफलाइन टोकन के अनुसार खरीदारी होने से किसान परेशान रहे और क्रय केंद्रों पर नंबर लगाने में जुटे रहे।
सुखपुरा। क्षेत्र मे दो धान क्रय केन्द्र खोला गया है। लेकिन किसानों को राहत मिलता नहीं दिख रहा है। शासन का फरमान अटपटा साबित हुआ।,कभी ऑनलाइन तो कभी ऑफलाइन। अब शनिवार से ऑफलाइन खरीदारी का आदेश शासन से जारी हुआ। लेकिन सुखपुरा क्रय केन्द्र पर विपणन निरिक्षक डॉ सुरेंद्र ने बताया कि जो टोकन वाले किसान बचे थे अभी एक दो दिन उन्ही की खरीदारी की जा रही है। वहीं साधन सहकारी संघ बेरुआरबारी पर सचिव गोरख यादव ने बताया कि बोरियों के अभाव मे खरीदारी सही ढंग से नहीं हो पा रहा है।
पहिया निवासी किसान राधेश्याम वर्मा ने बताया है कि हम लोग छोटे किसान हैं। 19 दिसम्बर को मेरे द्वारा ऑनलाइन करा कर सत्यापन करा दिया गया। हम टोकन निकाल रहे नहीं निकला। अब टोकन व्यवस्था खत्म होने से लग रहा है कि हमारा धान बिक जाएगा।
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ज्ञानपुर निवासी रामायण सिंह ने कहा कि सुखपुरा क्रय केंद्र पर विपणन निरीक्षक के समय से न आने के चलते बहुत परेशानी हो रही है। उनका मोबाइल भी बन्द रह रहा है। टोकन सिस्टम खत्म हुआ तो अब लग रहा है की हमलोगों का धान विक्रय हो जाएगा। लेकिन यहा नम्बर लगाने के लिए विपणन निरिक्षक को बैठना पड़ेगा। अन्यथा समस्या जस की तस बनी रहेगी।
धनौती निवासी किसान हरिहर सिंह ने बताया कि विगत दिनों सरकार द्वारा ऑनलाइन टोकन सिस्टम के माध्यम से धान की खरीद हो रही थी। जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। अब संभावना है कि किसानों को अनाज बेचने में सहूलियत मिलेगी।
किसान केशव सिंह ने बताया कि सरकार आए दिन अनाज खरीद के नियमों में परिवर्तन कर दे रही है जिससे किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन टोकन की डेट पर अगर अनाज नहीं बिका तो टोकन स्वत: निरस्त हो जा रहा था जिससे बार-बार ऑनलाइन कराने की समस्या हो रही थी।
रेवती। विपणन कार्यालय प्रांगण स्थित धान क्रय केन्द्र पर धान बेचने वाले किसानों की जमघट शनिवार को लगी रही। किसानों का कहना था कि एक एक पैसा जुटा कर रोपाई, बोआई, खाद ,सिंचाई,कटाई आदि के बाद उपजे धान के विक्रय को लेकर भारी परेशानी हो रही है। कई किसानों ने कईयों बार टोकेन बनवाया क्रय केंद्र पर दौड़ते रहे लेकिन उनका धान अब तक नहीं लिया गया। किसानों ने खरीद के आश्वासन पर धान लाकर क्रय केन्द्र पर रख दिया है हफ्तों से पडे़ धान की बोरियों के कट फट जाने के चलते बोरियों का धान बिखर कर नष्ट हो रहा है। लेकिन उनका धान भी नहीं लिया जा सका है।
पहले के दो टोकन के निरस्त होने के बाद दत्तहां निवासी साधु यादव अपने 40 क्विंटल धान के लिए 6 जनवरी को पुन: टोकेन लिया। कहा कि दिसंबर के दूसरे सप्ताह से प्रपत्र को जुटाकर टोकन की व्यवस्था किया गया लेकिन अब तक धान की तौल नहीं हो सकी है। वध बिहारी गिरि अपना 35 कुंतल धान लेकर परेशान हैं। रेवती निवासी बृज बिहारी लाल 15 नवंबर को 22 क्विंटल धान के लिए पंजीकरण कराया, सुरेंद्र लाल 18 क्विंटल व बसंत लाल 22 किवंट धान बेचने के लिए पंजीकरण कराए। किसानों ने बताया कि रोज क्रय केन्द्र पर आने के बाद निराशा ही हाथ लग रही है। नगर के ही किसान प्रवीण ओझा ने बताया चार बार टोकेन निकलवाया लेकिन अब तक धान की तौल नहीं हो पाई। श्री ओझा ने बताया डंकल धान को लेने के लिए क्रय केंद्र के लोग 35 फीसदी खरीद का रोना रोकर उक्त धान नहीं लेते रहे हैं। इसे लेकर किसानों में आक्रोश में है। आसमानठोठा गांव के किसान सरल यादव ने कहा 58 क्विंटल धान की बिक्री के लिए 16 दिसंबर को रजिस्ट्रेशन करवाया उसके बाद से 7- 8 बार क्रय केंद्र पर आए लेकिन आज -कल कह कर यहां के लोग टरकाते रहे। सोभनाथपुर के किसान मुनेश्वर वर्मा भी अपना टोकन निकालने के बाद 23 दिसंबर को अपना धान क्रय केंद्र पर ला कर रखे हुए हैं कहते हैं क्रय केंद्र का चक्कर लगाते लगाते आजिज हो गया हूं। धान क्रय केन्द्र पर आये किसान जनार्दन वर्मा निवासी शोभनाथपुर बीते 6 जनवरी तथा इसके पूर्व दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में कहा गया था धान की तौल होगी इसके 60 क्विंटल धान ले आकर क्रय केंद्र पर गिरा दिया। उसके बाद से कल आना परसों आना कह कर हमें प्रतिदिन लौटा दिया जा रहा है। बताया कि धान की बोरियां हल्की बारिश के बाद लोगों के आने जाने तथा जानवरों के काट खाने के कारण फट गयी हैं तथा बोरियों के धान बिखर कर नष्ट हो रहे हैं।
बेल्थरारोड। क्षेत्र के एक दर्जन धान क्रय केंद्रों पर धान की खरीदारी हो रही है। धान क्रय संबंधी नियम में बदलाव और टोकन सिस्टम समाप्त कर दिए जाने से किसान खुश हैं। वहीं, केंद्रों पर खरीदारी तेज हो गई है। विपणन निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि ऑफलाइन खरीदारी शुरू हो गई है। अब किसानों को टोकन लाने की आवश्यकता नहीं है। धान विक्रय के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों से सीधे खरीदारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि विपणन केंद्र पर धान क्रय के 40 हजार क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष 250 किसानों से 16 हजार 500 क्विंटल धान की खरीदारी की जा चुकी है। गौरतलब है कि धान क्रय के लिए रजिस्ट्रेशन के बावजूद टोकन सिस्टम लागू कर दिए जाने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता था, किंतु अब टोकन प्रणाली खत्म कर दिए जाने से किसानों ने राहत की सांस ली है तथा खरीदारी तेज होगी।
रतसर। विपणन कार्यालय के धान क्रय केंद्र पर धान की तौल जारी है। बीते कुछ दिनों कार्य बहिष्कार के बाद से प्रतिदिन लगभग चार सौ क्विंटल किसानों का धान तौल हो रहा है। इसकी जानकारी देते हुए केंद्र प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि तय तिथि पर आने वाले सभी किसानों का धान क्रय किया जा रहा है। अमडरिया गांव के किसान धीरेंद्र राय, भटवलिया के किसान कन्हैया सिंह व कस्बा के बरयां निवासी किसान जयनारायण सिंह ने बताया कि वे सभी नियत तिथि को अपना धान लेकर आये हैं और तौल हो रहा है।
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सुखपुरा। क्षेत्र मे दो धान क्रय केन्द्र खोला गया है। लेकिन किसानों को राहत मिलता नहीं दिख रहा है। शासन का फरमान अटपटा साबित हुआ।,कभी ऑनलाइन तो कभी ऑफलाइन। अब शनिवार से ऑफलाइन खरीदारी का आदेश शासन से जारी हुआ। लेकिन सुखपुरा क्रय केन्द्र पर विपणन निरिक्षक डॉ सुरेंद्र ने बताया कि जो टोकन वाले किसान बचे थे अभी एक दो दिन उन्ही की खरीदारी की जा रही है। वहीं साधन सहकारी संघ बेरुआरबारी पर सचिव गोरख यादव ने बताया कि बोरियों के अभाव मे खरीदारी सही ढंग से नहीं हो पा रहा है।
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पहिया निवासी किसान राधेश्याम वर्मा ने बताया है कि हम लोग छोटे किसान हैं। 19 दिसम्बर को मेरे द्वारा ऑनलाइन करा कर सत्यापन करा दिया गया। हम टोकन निकाल रहे नहीं निकला। अब टोकन व्यवस्था खत्म होने से लग रहा है कि हमारा धान बिक जाएगा।
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ज्ञानपुर निवासी रामायण सिंह ने कहा कि सुखपुरा क्रय केंद्र पर विपणन निरीक्षक के समय से न आने के चलते बहुत परेशानी हो रही है। उनका मोबाइल भी बन्द रह रहा है। टोकन सिस्टम खत्म हुआ तो अब लग रहा है की हमलोगों का धान विक्रय हो जाएगा। लेकिन यहा नम्बर लगाने के लिए विपणन निरिक्षक को बैठना पड़ेगा। अन्यथा समस्या जस की तस बनी रहेगी।
धनौती निवासी किसान हरिहर सिंह ने बताया कि विगत दिनों सरकार द्वारा ऑनलाइन टोकन सिस्टम के माध्यम से धान की खरीद हो रही थी। जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। अब संभावना है कि किसानों को अनाज बेचने में सहूलियत मिलेगी।
किसान केशव सिंह ने बताया कि सरकार आए दिन अनाज खरीद के नियमों में परिवर्तन कर दे रही है जिससे किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन टोकन की डेट पर अगर अनाज नहीं बिका तो टोकन स्वत: निरस्त हो जा रहा था जिससे बार-बार ऑनलाइन कराने की समस्या हो रही थी।
रेवती। विपणन कार्यालय प्रांगण स्थित धान क्रय केन्द्र पर धान बेचने वाले किसानों की जमघट शनिवार को लगी रही। किसानों का कहना था कि एक एक पैसा जुटा कर रोपाई, बोआई, खाद ,सिंचाई,कटाई आदि के बाद उपजे धान के विक्रय को लेकर भारी परेशानी हो रही है। कई किसानों ने कईयों बार टोकेन बनवाया क्रय केंद्र पर दौड़ते रहे लेकिन उनका धान अब तक नहीं लिया गया। किसानों ने खरीद के आश्वासन पर धान लाकर क्रय केन्द्र पर रख दिया है हफ्तों से पडे़ धान की बोरियों के कट फट जाने के चलते बोरियों का धान बिखर कर नष्ट हो रहा है। लेकिन उनका धान भी नहीं लिया जा सका है।
पहले के दो टोकन के निरस्त होने के बाद दत्तहां निवासी साधु यादव अपने 40 क्विंटल धान के लिए 6 जनवरी को पुन: टोकेन लिया। कहा कि दिसंबर के दूसरे सप्ताह से प्रपत्र को जुटाकर टोकन की व्यवस्था किया गया लेकिन अब तक धान की तौल नहीं हो सकी है। वध बिहारी गिरि अपना 35 कुंतल धान लेकर परेशान हैं। रेवती निवासी बृज बिहारी लाल 15 नवंबर को 22 क्विंटल धान के लिए पंजीकरण कराया, सुरेंद्र लाल 18 क्विंटल व बसंत लाल 22 किवंट धान बेचने के लिए पंजीकरण कराए। किसानों ने बताया कि रोज क्रय केन्द्र पर आने के बाद निराशा ही हाथ लग रही है। नगर के ही किसान प्रवीण ओझा ने बताया चार बार टोकेन निकलवाया लेकिन अब तक धान की तौल नहीं हो पाई। श्री ओझा ने बताया डंकल धान को लेने के लिए क्रय केंद्र के लोग 35 फीसदी खरीद का रोना रोकर उक्त धान नहीं लेते रहे हैं। इसे लेकर किसानों में आक्रोश में है। आसमानठोठा गांव के किसान सरल यादव ने कहा 58 क्विंटल धान की बिक्री के लिए 16 दिसंबर को रजिस्ट्रेशन करवाया उसके बाद से 7- 8 बार क्रय केंद्र पर आए लेकिन आज -कल कह कर यहां के लोग टरकाते रहे। सोभनाथपुर के किसान मुनेश्वर वर्मा भी अपना टोकन निकालने के बाद 23 दिसंबर को अपना धान क्रय केंद्र पर ला कर रखे हुए हैं कहते हैं क्रय केंद्र का चक्कर लगाते लगाते आजिज हो गया हूं। धान क्रय केन्द्र पर आये किसान जनार्दन वर्मा निवासी शोभनाथपुर बीते 6 जनवरी तथा इसके पूर्व दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में कहा गया था धान की तौल होगी इसके 60 क्विंटल धान ले आकर क्रय केंद्र पर गिरा दिया। उसके बाद से कल आना परसों आना कह कर हमें प्रतिदिन लौटा दिया जा रहा है। बताया कि धान की बोरियां हल्की बारिश के बाद लोगों के आने जाने तथा जानवरों के काट खाने के कारण फट गयी हैं तथा बोरियों के धान बिखर कर नष्ट हो रहे हैं।
बेल्थरारोड। क्षेत्र के एक दर्जन धान क्रय केंद्रों पर धान की खरीदारी हो रही है। धान क्रय संबंधी नियम में बदलाव और टोकन सिस्टम समाप्त कर दिए जाने से किसान खुश हैं। वहीं, केंद्रों पर खरीदारी तेज हो गई है। विपणन निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि ऑफलाइन खरीदारी शुरू हो गई है। अब किसानों को टोकन लाने की आवश्यकता नहीं है। धान विक्रय के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों से सीधे खरीदारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि विपणन केंद्र पर धान क्रय के 40 हजार क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष 250 किसानों से 16 हजार 500 क्विंटल धान की खरीदारी की जा चुकी है। गौरतलब है कि धान क्रय के लिए रजिस्ट्रेशन के बावजूद टोकन सिस्टम लागू कर दिए जाने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता था, किंतु अब टोकन प्रणाली खत्म कर दिए जाने से किसानों ने राहत की सांस ली है तथा खरीदारी तेज होगी।
रतसर। विपणन कार्यालय के धान क्रय केंद्र पर धान की तौल जारी है। बीते कुछ दिनों कार्य बहिष्कार के बाद से प्रतिदिन लगभग चार सौ क्विंटल किसानों का धान तौल हो रहा है। इसकी जानकारी देते हुए केंद्र प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि तय तिथि पर आने वाले सभी किसानों का धान क्रय किया जा रहा है। अमडरिया गांव के किसान धीरेंद्र राय, भटवलिया के किसान कन्हैया सिंह व कस्बा के बरयां निवासी किसान जयनारायण सिंह ने बताया कि वे सभी नियत तिथि को अपना धान लेकर आये हैं और तौल हो रहा है।