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धान खरीद की व्यवस्था हुई ध्वस्त, कल से फिर होगी ऑफलाइन नंबर से खरीदारी

Fri, 07 Jan 2022 12:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jan 2022 12:00 AM IST
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Paddy procurement system collapsed, from tomorrow onwards shopping will be done from offline number
जिले में धान खरीद की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। 30 क्रय केंद्रों के बंद होने के बाद किसान एक क्रय केंद्र से दूसरे क्रय केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं। केंद्रों पर खरीद नहीं होने से किसान औने-पौने दामों पर धान बेचने को विवश हैं। हालांकि इसका लाभ बिचौलिए खूब ले रहे हैं और किसानों से कम कीमत पर धान खरीद कर क्रय केंद्रों पर धड़ल्ले से बेच रहे हैं। यही कारण है कि एक ओर किसान परेशान हैं तो दूसरी ओर खरीद का ग्रॉफ बढ़ता जा रहा है। कुल 124400 मी. टन लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 39 हजार मी. टन की खरीद हो चुकी है। उधर, आठ जनवरी से एक फिर ऑफलाइन केंद्रों पर नंबर लगाकर किसान बेच पाएंगे। रोज बदलते नियम से किसानों में रोष है।
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सुखपुरा। किसान धान बेचने को लेकर परेशान हैं। कारण यह है कि रोज रोज नया नियम बन रहा है। अधिकारियों को भी इससे परेशानी हो रही है। सुखपुरा क्रय केंद्र पर खरीदारी तो शुरू है लेकिन राईस मिल बहुत ही कम संख्या में संबद्ध किया गया है। इससे धान भंडारण की व्यवस्था ठीक से नही हो पा रहा है।
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किसान सोनू ने कहा कि हम लोग छोटे किसान हैं किसी तरह से अपनी सारी पूंजी हम लोग खेती में लगा दिए। लेकिन अधिकारियों और सरकार की व्यवस्था से गेहूं के सीजन से ही हम लोगों का अनाज क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं हो रहा है। एक तरफ तो सरकार कहती है कि किसानों का आमदनी दोगुनी होगी दूसरी तरफ कुछ गलत नीतियों के कारण हमलोग अनाज को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं।
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मदन सिंह ने कहा कि एक तो पहले ही अतिवृष्टि से हम लोगों का धान बहुत कम पैदा हुआ है। जो पैदा हुआ है वह सरकार के कभी टोकन तो कभी नंबर के चक्कर में आज तक पड़ा हुआ है।
जय प्रकाश सिंह ने कहा कि किसी तरह से हम लोग अनाज पैदा करते हैं लेकिन सरकार की गलत नीतियों के कारण हम लोगों का धान नहीं बिक रहा है। सच्चाई तो यह है कि सुखपुरा क्रय केंद्र पर मिल अटैच नहीं होने के कारण गोदाम भी भरा पड़ा है और खरीदारी नहीं हो पा रही है।
करम्मर निवासी राम गोविंद चौहान ने कहा कि सरकार के रवैया से हम लोगों का धान बेचना मुश्किल हो गया है। लगभग 50 क्विंटल धान बेचने के लिए पंजीकरण कराया है लेकिन आज तक खरीद नहीं हो सका है।
नरहीं। विकास खंड सोहॉव के चौरा कथरिया क्रय केंद्र पर किसानों को धान बिक्री के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस समस्या को लेकर किसानों में काफी नाराजगी है। चौरा कथरिया क्रय केंद्र पर एक नवंबर के बजाय धान की खरीददारी 14 दिसंबर से शुरू हुई। बीच में मिलरों एवं क्रय केंद्र के लोगों द्वारा की गई हड़ताल के चलते धान की खरीदारी प्रभावित हो गई थी। फिर खरीदारी शुरू हुई तो माकूल खरीद नहीं हो पा रही है। आज भी इलाके में बड़े पैमाने पर किसानों के पास धान पड़ा हुआ है। धान खरीदारी को लेकर सरकार द्वारा बार-बार नियम बदलने के कारण किसानों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
किसान अभय नारायण सिंह ने कहा कि 8 जनवरी से ऑफलाइन धान की खरीदारी की घोषणा करने से फिर किसानों के सामने धान बिक्री को लेकर समस्या खड़ी हो गई है। इस क्रय केंद्र पर जब तक एक हजार क्विंटल रोजाना धान की खरीदारी नहीं होगी तब तक किसान अपनी धान नहीं बेच पाएंगे। दौलतपुर के सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस क्रय केंद्र पर अभी 200 क्विंटल की खरीदारी हो रही है जिससे बड़े पैमाने पर किसानों की धान की खरीदारी नहीं हो पा रही है। बिलरिया के अमरजीत यादव ने कहा कि क्रय केंद्र पर धान बिक्री एक बड़ी समस्या बन गई है। कृषि कार्य छोड़ कर कई दिनों से धान बिक्री के लिए क्रय केंद्र का चक्कर काटना पड़ रहा है। दौलतपुर के रणधीर सिंह ने कहा कि चौरा कथरिया क्रय केंद्र पर कांटे की संख्या बढ़ाकर खरीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। क्रय केंद्र प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि फिलहाल यहां पर 200 क्विंटल धान की खरीदारी की जा रही है। यदि शासन से आदेश हुआ तो धान की खरीदारी बढ़ाई भी जा सकती है 8 जनवरी से अब धान की खरीदारी ऑफलाइन की जाएगी।

चितबड़ागांव। नगर पंचायत चितबड़ागांव विपणन केंद्र पर धान की खरीदारी हो रही है। यहां अब तक 10500 क्विंटल खरीदारी हो चुकी है। विपणन अधिकारी पूर्णेन्दु प्रवीण ने बताया कि धान की तौल में अब किसी तरह की परेशानी नहीं है। इस केंद्र पर विशेष परेशानी भंडारण का था लेकिन मिलों पर धान भेज देने से वह भी परेशानी अब दूर हो गई है।
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